
Hathi aur chuhe ki kahani पंचतंत्र की एक प्यारी कहानी है। इसमें बड़े बड़े हाथी छोटे चूहों की एक विनती मान लेते हैं, और बाद में वही छोटे चूहे मुसीबत में हाथियों की जान बचाते हैं। यह कहानी बच्चों को सिखाती है कि किसी को छोटा समझकर उसका दिल मत दुखाओ, क्योंकि छोटे भी बड़े काम आ सकते हैं। नीचे यह कहानी बहुत आसान हिंदी में लिखी है।
| बात | जानकारी |
|---|---|
| पढ़ने का समय | 4 मिनट |
| किस उम्र के बच्चों के लिए | 4 से 10 साल |
| कहानी के पात्र | चूहों का राजा, चूहे, हाथियों का राजा, हाथी और शिकारी |
| सीख | किसी को छोटा मत समझो, हर किसी की मदद करो |
विषय सूची
Hathi Aur Chuhe Ki Kahani: हाथी और चूहे की कहानी
बहुत पहले एक पुराना गाँव था, जो अब उजड़ चुका था। गाँव के टूटे घरों और ज़मीन के बिलों में हज़ारों चूहे रहते थे। उनका एक राजा भी था। सब चूहे मिलजुलकर आराम से रहते थे।
उस गाँव के पास से एक रास्ता जाता था, जो जंगल के एक बड़े तालाब तक पहुँचता था।
हाथियों का झुंड
एक साल बहुत गर्मी पड़ी। जंगल के सारे नाले सूख गए। हाथियों का एक बड़ा झुंड पानी की तलाश में निकला, और उसी रास्ते से तालाब की तरफ़ जाने लगा।
हाथियों के भारी पैरों के नीचे चूहों के बहुत से बिल दब गए। कई चूहे घायल हो गए और कई के घर टूट गए। सब चूहे डर गए और रोने लगे।
चूहों के राजा की विनती
चूहों के राजा ने हिम्मत की। वह हाथियों के राजा के पास गया और सिर झुकाकर बोला: “महाराज, आप बड़े हैं और हम बहुत छोटे। आपके झुंड के पैरों से हमारे घर और हमारे लोग कुचले जा रहे हैं। कृपया तालाब तक जाने के लिए कोई दूसरा रास्ता ले लीजिए। हम भी कभी न कभी आपके काम ज़रूर आएँगे।”
हाथियों का राजा मुस्कुराया। उसे यह सुनकर थोड़ी हँसी आई कि छोटे चूहे भला हाथियों के क्या काम आएँगे। पर वह दयालु था। उसने कहा: “ठीक है, चूहे भाई। तुम्हारी बात सही है। आज से हम दूसरे रास्ते से तालाब जाएँगे।”
उस दिन के बाद हाथियों ने सच में रास्ता बदल लिया, और चूहे फिर से चैन से रहने लगे।
शिकारी का जाल
कुछ समय बाद राजा के शिकारी जंगल में हाथी पकड़ने आए। उन्होंने तालाब के पास मज़बूत रस्सियों के बड़े बड़े जाल बिछाए। हाथियों का झुंड पानी पीने आया, और कई हाथी उन जालों में फँस गए।
हाथियों ने बहुत ज़ोर लगाया, पर मोटी रस्सियाँ नहीं टूटीं। सब हाथी दुखी होकर चिंघाड़ने लगे।
चूहों ने वादा निभाया
तभी हाथियों के राजा को चूहों की बात याद आई। उसने एक हाथी को, जो जाल में नहीं फँसा था, चूहों के गाँव भेजा।
चूहों के राजा ने जैसे ही सुना, उसने अपने हज़ारों चूहों को साथ लिया और दौड़ते हुए तालाब के पास पहुँच गया। सब चूहे जालों पर चढ़ गए और अपने तेज़ दाँतों से रस्सियाँ कुतरने लगे। कुट कुट कुट! थोड़ी ही देर में सारे जाल कट गए, और सब हाथी आज़ाद हो गए।

हाथियों के राजा ने सूँड़ उठाकर चूहों को धन्यवाद दिया और कहा: “उस दिन मुझे हँसी आई थी कि छोटे चूहे हमारे क्या काम आएँगे। आज समझ आया कि कोई भी छोटा नहीं होता।” उस दिन से हाथी और चूहे पक्के दोस्त बन गए।
कहानी की सीख
किसी को उसके छोटे आकार से मत आँको। आज तुम किसी की मदद करोगे, तो कल वही तुम्हारी मदद करेगा। दया और दोस्ती का बदला हमेशा अच्छा मिलता है।
5 लाइन में छोटी कहानी
- एक उजड़े गाँव में बहुत से चूहे रहते थे, और पास से हाथियों का झुंड तालाब पर पानी पीने जाता था।
- हाथियों के पैरों से चूहों के घर टूटने लगे, तो चूहों के राजा ने हाथियों के राजा से रास्ता बदलने की विनती की।
- दयालु हाथियों ने रास्ता बदल लिया।
- बाद में कई हाथी शिकारियों के जाल में फँस गए।
- चूहों ने आकर अपने दाँतों से सारे जाल काट दिए और हाथियों को छुड़ा लिया। सीख: किसी को छोटा मत समझो।
कठिन शब्दों के अर्थ
| शब्द | अर्थ |
|---|---|
| उजड़ा | जहाँ अब लोग न रहते हों, टूटा फूटा |
| झुंड | एक साथ चलने वाले बहुत से जानवर |
| विनती | आदर से कोई बात माँगना |
| दयालु | दूसरों का दुख समझने वाला |
| कुतरना | दाँतों से थोड़ा थोड़ा काटना |
| वादा निभाना | जो कहा था, वही करके दिखाना |
यह कहानी पंचतंत्र में कहाँ आती है?
यह कहानी पंचतंत्र के दूसरे भाग मित्रसम्प्राप्ति (मित्रलाभ) से है, यानी “अच्छे दोस्त कैसे मिलते हैं”। इसी भाग की मुख्य कहानी में भी एक चूहा जाल काटकर दोस्त हिरण को बचाता है, जो हमारे यहाँ है: चार मित्र की कहानी। पंचतंत्र की कहानियाँ आचार्य विष्णु शर्मा ने राजा अमरशक्ति के तीन राजकुमारों को खेल खेल में समझदारी सिखाने के लिए सुनाई थीं। पूरी जानकारी और सभी कहानियाँ यहाँ हैं: पंचतंत्र की सभी कहानियाँ।
बच्चों के लिए सवाल जवाब
चूहे क्यों परेशान थे?
तालाब जाते हाथियों के भारी पैरों से उनके बिल और घर टूट रहे थे, और कई चूहे घायल हो रहे थे।
चूहों के राजा ने हाथियों के राजा से क्या कहा?
उसने विनती की कि हाथी तालाब जाने के लिए कोई दूसरा रास्ता ले लें, और वादा किया कि चूहे भी कभी उनके काम आएँगे।
हाथी किस मुसीबत में फँसे?
शिकारियों ने तालाब के पास रस्सियों के जाल बिछाए, और कई हाथी उनमें फँस गए।
चूहों ने हाथियों को कैसे बचाया?
हज़ारों चूहे आए और अपने तेज़ दाँतों से जाल की रस्सियाँ कुतरकर काट दीं।
इस कहानी से क्या सीख मिलती है?
किसी को छोटा नहीं समझना चाहिए, और दूसरों की मदद करनी चाहिए, क्योंकि अच्छाई का बदला अच्छा ही मिलता है।
बच्चों को कहानी सुनाने का आसान तरीका
- एक धागे का छोटा सा जाल बनाकर बच्चे को दिखाएँ कि चूहे कैसे रस्सी कुतरते होंगे।
- बच्चे से पूछें: “तुमने कभी किसी छोटे बच्चे या जानवर की मदद की है?”
- “कुट कुट कुट” वाले हिस्से पर बच्चे की उँगलियों से गुदगुदी करें, यह हिस्सा बच्चों को बहुत पसंद आता है।
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