
Gauraiya aur hathi ki kahani पंचतंत्र की एक हिम्मत भरी कहानी है। इसमें एक छोटी सी गौरैया का घोंसला एक घमंडी हाथी तोड़ देता है। गौरैया अकेले कुछ नहीं कर सकती, पर वह अपने छोटे छोटे दोस्तों के साथ मिलकर ऐसी तरकीब लगाती है कि बड़ा हाथी भी हार जाता है। यह कहानी बच्चों को सिखाती है कि एकता में बड़ी ताक़त होती है। नीचे यह कहानी बहुत आसान हिंदी में लिखी है।
| बात | जानकारी |
|---|---|
| पढ़ने का समय | 4 मिनट |
| किस उम्र के बच्चों के लिए | 4 से 10 साल |
| कहानी के पात्र | गौरैया का जोड़ा, कठफोड़वा, मक्खी, मेंढक और एक घमंडी हाथी |
| सीख | मिलकर काम करो, तो छोटे भी बड़े को हरा सकते हैं |
विषय सूची
Gauraiya Aur Hathi Ki Kahani: गौरैया और हाथी की कहानी
एक जंगल में एक बड़े पेड़ की डाल पर गौरैया का एक जोड़ा रहता था। उन्होंने तिनके तिनके जोड़कर एक सुंदर सा घोंसला बनाया था। गौरैया ने उसमें अंडे दिए थे, और दोनों बड़ी बेसब्री से अपने बच्चों के निकलने का इंतज़ार कर रहे थे।
घमंडी हाथी
उसी जंगल में एक बड़ा हाथी रहता था। उसे अपनी ताक़त पर बहुत घमंड था। एक दोपहर गर्मी से परेशान होकर वह उसी पेड़ के नीचे छाया में आया। मस्ती में उसने अपनी सूँड़ से पेड़ की डाल पकड़ी और ज़ोर से हिला दी।
डाल हिलते ही गौरैया का घोंसला नीचे गिर पड़ा। सारे अंडे टूट गए। गौरैया और उसका साथी बहुत रोए, पर हाथी ने उनकी तरफ़ देखा तक नहीं और मस्ती से चलता बना।
दोस्त कठफोड़वा
रोती हुई गौरैया अपने दोस्त कठफोड़वे के पास गई। कठफोड़वा अपनी मज़बूत चोंच से पेड़ों में छेद करता था। गौरैया ने कहा: “उस घमंडी हाथी ने मेरे बच्चों को मार दिया। मुझे उसे सबक सिखाना है, पर मैं बहुत छोटी हूँ।”
कठफोड़वे ने कहा: “दोस्त, अकेले हम छोटे हैं, पर मिलकर बड़े हैं। चलो, अपने दोस्तों से बात करते हैं।”
मक्खी और मेंढक भी साथ आए
दोनों अपनी दोस्त मक्खी के पास गए। मक्खी ने कहा: “मैं भी तुम्हारे साथ हूँ। मेरा एक दोस्त मेंढक बहुत समझदार है, उससे भी पूछते हैं।”
मेंढक ने सारी बात सुनी और एक योजना बताई:

“पहले मक्खी जाकर हाथी के कान में मीठा सा गाना गाएगी। हाथी आँखें बंद करके मज़े लेने लगेगा। तभी कठफोड़वा अपनी चोंच से उसकी आँखों पर वार करेगा, ताकि उसे दिखना बंद हो जाए। फिर हाथी को प्यास लगेगी और वह पानी ढूँढेगा। तब मैं एक गहरे गड्ढे के किनारे बैठकर टर्र टर्र करूँगा। हाथी समझेगा कि वहाँ तालाब है, और सीधा गड्ढे की तरफ़ आएगा।”
योजना काम कर गई
अगले दिन सबने वैसा ही किया। मक्खी ने हाथी के कान में गाना गाया, “भन्न भन्न भन्न…” हाथी आँखें मूँदकर झूमने लगा।
उसी समय कठफोड़वे ने झपटकर अपनी चोंच से हाथी की आँखों पर वार किया। हाथी को कुछ दिखना बंद हो गया। वह दर्द से चिंघाड़ने लगा और इधर उधर भटकने लगा।
दोपहर तक हाथी को बहुत प्यास लगी। वह पानी की तलाश में घूमने लगा। तभी उसे मेंढक की आवाज़ सुनाई दी: “टर्र, टर्र, टर्र!”
हाथी ने सोचा: “जहाँ मेंढक है, वहाँ ज़रूर पानी होगा।” वह उसी आवाज़ की तरफ़ बढ़ा, और धड़ाम से एक गहरे गड्ढे में जा गिरा। वह उससे बाहर नहीं निकल पाया।
छोटी सी गौरैया ने अपने दोस्तों की मदद से घमंडी हाथी को उसके किए की सज़ा दिला दी।
कहानी की सीख
मिलकर काम करने में बड़ी ताक़त है। छोटे छोटे लोग भी एक होकर सही योजना बनाएँ, तो बड़ी से बड़ी मुश्किल हल हो जाती है। और कभी अपनी ताक़त पर घमंड करके कमज़ोर को मत सताओ।
5 लाइन में छोटी कहानी
- एक घमंडी हाथी ने पेड़ की डाल हिलाकर गौरैया का घोंसला गिरा दिया और उसके अंडे टूट गए।
- दुखी गौरैया ने अपने दोस्तों कठफोड़वा, मक्खी और मेंढक से मदद माँगी।
- मक्खी ने हाथी के कान में गाना गाया, और कठफोड़वे ने उसकी आँखों पर वार किया।
- प्यासा हाथी मेंढक की टर्र टर्र सुनकर पानी समझकर उधर गया और गहरे गड्ढे में गिर गया।
- छोटे दोस्तों ने मिलकर बड़े हाथी को हरा दिया। सीख: एकता में बड़ी ताक़त है।
कठिन शब्दों के अर्थ
| शब्द | अर्थ |
|---|---|
| गौरैया | छोटी भूरी चिड़िया, जो घरों के आसपास भी दिखती है |
| कठफोड़वा | एक पक्षी जो अपनी मज़बूत चोंच से पेड़ में छेद करता है |
| घमंड | अपने को सबसे बड़ा समझना |
| योजना | काम करने का सोचा हुआ तरीका |
| चिंघाड़ना | हाथी का ज़ोर से आवाज़ करना |
| एकता | सबका मिलकर एक साथ रहना |
यह कहानी पंचतंत्र में कहाँ आती है?
यह कहानी पंचतंत्र के पहले भाग मित्रभेद से है। पंचतंत्र में यह कहानी यह समझाने के लिए सुनाई जाती है कि छोटे भी मिलकर बड़े से लड़ सकते हैं। अलग अलग किताबों में गौरैया की जगह कोई और छोटी चिड़िया भी मिलती है, और कहानी के बाक़ी हिस्से भी थोड़े बदल जाते हैं; हमने बच्चों के लिए हाथी को गड्ढे में गिरने तक ही रखा है। पंचतंत्र की कहानियाँ आचार्य विष्णु शर्मा ने राजा अमरशक्ति के तीन राजकुमारों को खेल खेल में समझदारी सिखाने के लिए सुनाई थीं। पूरी जानकारी और सभी कहानियाँ यहाँ हैं: पंचतंत्र की सभी कहानियाँ।
बच्चों के लिए सवाल जवाब
गौरैया का घोंसला कैसे गिरा?
एक घमंडी हाथी ने मस्ती में अपनी सूँड़ से पेड़ की डाल हिला दी, जिससे घोंसला गिर गया।
गौरैया ने किन किन दोस्तों से मदद ली?
कठफोड़वा, मक्खी और मेंढक से।
मक्खी और कठफोड़वे ने क्या किया?
मक्खी ने हाथी के कान में गाना गाया, और जब हाथी आँखें बंद करके झूमने लगा, तब कठफोड़वे ने उसकी आँखों पर वार किया।
हाथी गड्ढे में कैसे गिरा?
प्यासा हाथी मेंढक की टर्र टर्र सुनकर समझा कि वहाँ पानी है, और उस तरफ़ जाकर गहरे गड्ढे में गिर गया।
इस कहानी से क्या सीख मिलती है?
मिलकर काम करने में बड़ी ताक़त है, और कभी अपनी ताक़त पर घमंड करके कमज़ोर को नहीं सताना चाहिए।
बच्चों को कहानी सुनाने का आसान तरीका
- हर दोस्त की आवाज़ अलग निकालें: मक्खी की “भन्न भन्न”, कठफोड़वे की “ठक ठक” और मेंढक की “टर्र टर्र”। बच्चे साथ में आवाज़ें दोहराएँगे।
- बच्चे से पूछें: “तुम्हारे दोस्तों में किसकी क्या ख़ूबी है?” और समझाएँ कि हर किसी की अलग ताक़त होती है।
- कहानी के बाद गौरैया का कोई चित्र बनवाएँ या खिड़की से असली गौरैया दिखाएँ।
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