चोर की दाढ़ी में तिनका की कहानी (अकबर बीरबल): मुहावरे का मतलब, सीख और 5 लाइन में

अपडेट: 6 मिनट में पढ़ें
Chor ki dadhi mein tinka: दरबार में लाइन से खड़े नौकर और उनमें से एक अपनी दाढ़ी पर हाथ फेरता हुआ
लाइन में खड़े नौकरों में से एक का हाथ अपनी दाढ़ी पर

Chor ki dadhi mein tinka अकबर बीरबल की एक छोटी सी कहानी है, पर इसी से हिंदी का एक बहुत मशहूर मुहावरा बना है। इसमें एक सेठ के घर चोरी हो जाती है और शक उसके अपने नौकरों पर जाता है। बीरबल न किसी को डाँटते हैं, न किसी पर हाथ उठाते हैं। वे बस एक वाक्य बोलते हैं और असली चोर ख़ुद पकड़ा जाता है। नीचे पूरी कहानी बहुत आसान हिंदी में लिखी है।

बातजानकारी
पढ़ने का समय3 मिनट
किस उम्र के बच्चों के लिए6 से 12 साल
कहानी के पात्रबादशाह अकबर, बीरबल, एक सेठ और उसके नौकर
सीखजिसने ग़लती की होती है, उसका अपना मन ही उसे पकड़वा देता है

Chor Ki Dadhi Mein Tinka: चोर की दाढ़ी में तिनका की कहानी

आगरा शहर में एक सेठ रहता था। उसका बड़ा कारोबार था और घर में कई नौकर काम करते थे।

एक सुबह सेठ उठा तो उसके होश उड़ गए। उसकी तिजोरी खुली पड़ी थी और उसमें रखी सोने की मोहरों की थैली ग़ायब थी।

शक अपने ही लोगों पर

सेठ ने पूरा घर छान मारा, पर कुछ नहीं मिला। दरवाज़े और ताले सही सलामत थे। इसका मतलब साफ़ था: चोरी घर के अंदर के ही किसी आदमी ने की है।

सेठ परेशान होकर बादशाह अकबर के दरबार पहुँचा और सारी बात बताई। बादशाह ने यह काम बीरबल को सौंप दिया।

बीरबल ने कहा, “सेठ जी, कल अपने सारे नौकरों को दरबार ले आइए।”

बीरबल की एक लाइन

अगले दिन सेठ के सारे नौकर एक लाइन में खड़े थे। सबके चेहरे उतरे हुए थे, क्योंकि सब डरे हुए थे कि कहीं इल्ज़ाम उन पर न आ जाए।

बीरबल धीरे धीरे चलते हुए सबके सामने से गुज़रे। उन्होंने किसी से कुछ नहीं पूछा। फिर अचानक रुककर, सबकी तरफ़ देखते हुए ज़ोर से बोले:

“मुझे पता चल गया है कि चोरी किसने की। देखो, चोर की दाढ़ी में तिनका अटका हुआ है!”

सब चुप थे। पर लाइन में खड़े एक नौकर का हाथ फ़ौरन अपनी दाढ़ी की तरफ़ चला गया। वह जल्दी जल्दी अपनी दाढ़ी साफ़ करने लगा, मानो सच में कोई तिनका हो।

बीरबल उस नौकर की तरफ़ इशारा करते हुए और बादशाह अकबर मुस्कुराते हुए
बीरबल ने उसी नौकर की तरफ़ इशारा किया

बीरबल ने तुरंत उसी की तरफ़ उँगली उठाई, “यही है चोर।”

नौकर काँपने लगा। उसने अपनी ग़लती मान ली और बताया कि उसने मोहरों की थैली कहाँ छिपाई है।

बादशाह अकबर हैरान थे। उन्होंने पूछा, “बीरबल, तुम्हें कैसे पता चला?”

बीरबल मुस्कुराए, “हुज़ूर, किसी की दाढ़ी में कोई तिनका नहीं था। पर जिसने चोरी की थी, उसका मन अंदर से डरा हुआ था। मेरी बात सुनते ही उसे लगा कि कहीं सच में कोई निशान न रह गया हो, और उसका हाथ ख़ुद ब ख़ुद दाढ़ी पर चला गया। चोर को अपनी चोरी हमेशा याद रहती है।”

इस मुहावरे का मतलब

चोर की दाढ़ी में तिनका का मतलब है: जिसने ग़लती या चोरी की हो, वह अपनी घबराहट में ख़ुद ही पकड़ा जाता है।

कई बार कोई सामान्य सी बात कही जाती है, पर जिसने ग़लत काम किया होता है, वह तुरंत सफ़ाई देने लगता है या घबरा जाता है। उसी को यह मुहावरा कहते हैं।

वाक्य में प्रयोग: टीचर ने अभी किसी का नाम भी नहीं लिया था कि रोहन बोल पड़ा “मैंने नहीं तोड़ा”, यही तो है चोर की दाढ़ी में तिनका।

कहानी की सीख

झूठ और चोरी ज़्यादा देर छिप नहीं पाते। जिसने ग़लत काम किया होता है, उसका अपना डर ही उसे पकड़वा देता है। और किसी की सच्चाई जाननी हो, तो डाँटने या मारने से नहीं, समझदारी से काम लेना चाहिए।

5 लाइन में छोटी कहानी

  1. एक सेठ के घर से सोने की मोहरों की थैली चोरी हो गई।
  2. ताले सही थे, इसलिए शक घर के नौकरों पर गया और सेठ बादशाह अकबर के पास पहुँचा।
  3. बीरबल ने सब नौकरों को लाइन में खड़ा करके कहा कि चोर की दाढ़ी में तिनका अटका है।
  4. एक नौकर का हाथ फ़ौरन अपनी दाढ़ी पर चला गया और वही चोर निकला।
  5. सीख: ग़लती करने वाले का अपना डर ही उसे पकड़वा देता है।

कठिन शब्दों के अर्थ

शब्दअर्थ
तिनकाघास या सूखी पत्ती का बहुत छोटा टुकड़ा
मुहावराऐसा वाक्य जिसका मतलब शब्दों से अलग, कुछ ख़ास होता है
तिजोरीलोहे की मज़बूत अलमारी, जिसमें पैसे और गहने रखे जाते हैं
सेठबड़ा व्यापारी
इल्ज़ामकिसी पर लगाया गया दोष
ख़ुद ब ख़ुदअपने आप, बिना सोचे

यह कहानी कहाँ से आई है?

अकबर बीरबल की कहानियाँ लोककथाएँ हैं, जो सदियों तक मुँह ज़बानी चलती रहीं। बीरबल असली इंसान थे, उनका नाम महेश दास था और वे अकबर के नवरत्नों में से एक थे, पर ये चतुराई वाली कहानियाँ इतिहास नहीं, हमारे देश की लोककथाएँ हैं। बीरबल कौन थे और ये कहानियाँ कहाँ से आईं, यह पूरी जानकारी यहाँ है: अकबर बीरबल की सभी कहानियाँ।

बच्चों के लिए सवाल जवाब

सेठ के घर से क्या चोरी हुआ था?

उसकी तिजोरी में रखी सोने की मोहरों की थैली चोरी हो गई थी।

शक घर के नौकरों पर क्यों गया?

क्योंकि घर के दरवाज़े और ताले सही सलामत थे, यानी चोरी बाहर से नहीं हुई थी।

बीरबल ने क्या कहा था?

उन्होंने सब नौकरों के सामने कहा कि चोर की दाढ़ी में तिनका अटका हुआ है।

चोर कैसे पकड़ा गया?

उस नौकर का हाथ घबराहट में अपनी दाढ़ी साफ़ करने चला गया, जबकि किसी की दाढ़ी में तिनका था ही नहीं।

चोर की दाढ़ी में तिनका मुहावरे का क्या मतलब है?

जिसने ग़लती की हो, वह अपनी घबराहट में ख़ुद ही पकड़ा जाता है।

बच्चों को कहानी सुनाने का आसान तरीका

  • यह कहानी मुहावरा सिखाने का सबसे आसान तरीका है। पहले कहानी सुनाइए, फिर पूछिए कि इस मुहावरे का मतलब क्या हुआ।
  • बच्चे से कहिए कि वह इस मुहावरे से अपना एक वाक्य बनाए। स्कूल की हिंदी की कॉपी में यह काम आता है।
  • समझाइए कि बीरबल ने किसी को मारा या डाँटा नहीं। सच जानने का सबसे अच्छा तरीका समझदारी है।

अकबर बीरबल की और कहानियाँ

अगली कहानी: अंधों की सूची

chor ki dadhi mein tinka (चोर की दाढ़ी में तिनका) की यह कहानी अपने बच्चों और उनके दोस्तों के साथ ज़रूर शेयर कीजिए। आपके बच्चे को कौन सा मुहावरा सबसे मज़ेदार लगता है, कमेंट में बताइए।

बच्चों के लिए अकबर बीरबल की किताब

नोट: इस लेख में Amazon के affiliate लिंक हैं। इनसे ख़रीदारी करने पर Storyshala को छोटा कमीशन मिलता है, आपके लिए क़ीमत नहीं बदलती।

यह लेख काम का लगा? अपनों को भेजें

यह भी पढ़ें

गौरैया और हाथी की कहानी (पंचतंत्र): छोटे दोस्तों ने घमंडी हाथी को हराया, बच्चों के लिए सरल हिंदी में6 मिनट बंदर और बया की कहानी (पंचतंत्र): बिना माँगे सलाह देने का नतीजा, बच्चों के लिए सरल हिंदी में6 मिनट बीरबल की खिचड़ी की कहानी: अकबर बीरबल की सबसे मशहूर कहानी, सीख और 5 लाइन में7 मिनट ब्राह्मण का सपना (सत्तू की हाँडी) की कहानी, पंचतंत्र: हवाई किले बनाने का नतीजा, बच्चों के लिए सरल हिंदी में6 मिनट दो बैलों की कथा का सारांश: हीरा मोती की कहानी, कक्षा 9, चरित्र चित्रण, उद्देश्य और प्रश्न उत्तर (Do Bailon Ki Katha Summary)12 मिनट हाथी और चूहे की कहानी (पंचतंत्र): छोटे चूहों ने बड़े हाथियों को बचाया, बच्चों के लिए सरल हिंदी में6 मिनट

Leave a Comment