
Rajya mein kitne kauve, यानी राज्य में कितने कौए हैं, यह अकबर बीरबल की सबसे मज़ेदार कहानियों में से एक है। बादशाह अकबर कई बार बीरबल से ऐसे सवाल पूछ देते थे, जिनका जवाब देना नामुमकिन लगता था। एक दिन उन्होंने पूछ लिया कि मेरे पूरे राज्य में कुल कितने कौए हैं। बीरबल ने एक पल भी नहीं सोचा और पक्का गिनकर जवाब दे दिया। उनका जवाब सुनकर पूरा दरबार हँस पड़ा। नीचे पूरी कहानी बहुत आसान हिंदी में लिखी है।
| बात | जानकारी |
|---|---|
| पढ़ने का समय | 3 मिनट |
| किस उम्र के बच्चों के लिए | 5 से 12 साल |
| कहानी के पात्र | बादशाह अकबर और बीरबल |
| सीख | हर मुश्किल सवाल का जवाब आत्मविश्वास और सूझबूझ से दिया जा सकता है |
विषय सूची
Rajya Mein Kitne Kauve: राज्य में कितने कौए हैं, अकबर बीरबल की कहानी
एक दिन शाम के समय बादशाह अकबर महल के बाग़ में टहल रहे थे। बीरबल भी उनके साथ थे।
बाग़ के बड़े पेड़ों पर बहुत सारे कौए बैठे थे। कुछ उड़ रहे थे, कुछ काँव काँव कर रहे थे।
बादशाह का अजीब सवाल
बादशाह ने कौओं को देखते देखते अचानक बीरबल से पूछा:
“बीरबल, एक बात बताओ। मेरे पूरे राज्य में कुल कितने कौए होंगे?”
यह सवाल सुनकर साथ चल रहे दरबारी एक दूसरे को देखने लगे। भला इतने बड़े राज्य के कौए कौन गिन सकता है!
पर बीरबल ने एक पल भी नहीं सोचा। उन्होंने तुरंत कहा:
“हुज़ूर, आपके राज्य में ठीक पंचानबे हज़ार चार सौ तिरेसठ कौए हैं।”
बादशाह चौंक गए। “इतना पक्का? तुमने गिने हैं क्या?”
“जी हुज़ूर”, बीरबल बोले, “आप चाहें तो गिनवा लीजिए।”
अगर गिनती कम या ज़्यादा निकली तो?
बादशाह ने सोचा कि आज बीरबल को पकड़ लेंगे। उन्होंने पूछा:
“और अगर गिनने पर कौए इससे ज़्यादा निकले, तब?”
बीरबल मुस्कुराए और बोले, “तब समझ लीजिए कि पड़ोस के राज्यों से कुछ कौए अपने रिश्तेदारों से मिलने यहाँ आए हुए हैं।”
बादशाह ने फिर पूछा, “अच्छा, और अगर कौए इससे कम निकले?”
बीरबल ने उसी शांति से कहा, “तब समझिए कि हमारे कुछ कौए दूसरे राज्यों में अपने रिश्तेदारों से मिलने गए हुए हैं।”

यह सुनकर बादशाह ज़ोर से हँस पड़े। पूरा दरबार हँसने लगा।
बादशाह ने कहा, “बीरबल, तुम्हारे जवाब का कोई तोड़ नहीं। तुम्हें हराना आसान नहीं है।”
उन्होंने ख़ुश होकर बीरबल को इनाम दिया।
कहानी की सीख
हर सवाल का जवाब किताब में नहीं मिलता। कुछ सवालों का जवाब सूझबूझ और आत्मविश्वास से देना पड़ता है। घबराकर चुप रह जाना सबसे आसान है, पर समझदार वही है जो शांत रहकर रास्ता निकाल ले।
5 लाइन में छोटी कहानी
- बादशाह अकबर ने बाग़ में कौए देखकर बीरबल से पूछा कि राज्य में कुल कितने कौए हैं।
- बीरबल ने बिना सोचे तुरंत कहा, पंचानबे हज़ार चार सौ तिरेसठ।
- बादशाह ने पूछा कि अगर गिनती ज़्यादा निकली तो? बीरबल बोले, बाहर से रिश्तेदार आए होंगे।
- बादशाह ने पूछा कि अगर कम निकली तो? बीरबल बोले, हमारे कौए रिश्तेदारों से मिलने गए होंगे।
- बादशाह हँस पड़े और बीरबल को इनाम दिया। सीख: मुश्किल सवाल का जवाब सूझबूझ से निकलता है।
कठिन शब्दों के अर्थ
| शब्द | अर्थ |
|---|---|
| राज्य | वह पूरा इलाक़ा जिस पर राजा का शासन हो |
| दरबारी | दरबार में रहने वाला अधिकारी या सलाहकार |
| सूझबूझ | मौक़े पर सही बात सोच लेने की समझ |
| आत्मविश्वास | अपने ऊपर भरोसा |
| रिश्तेदार | परिवार से जुड़े लोग |
| तोड़ | किसी बात का जवाब या काट |
यह कहानी कहाँ से आई है?
अकबर बीरबल की कहानियाँ लोककथाएँ हैं, जो सदियों तक मुँह ज़बानी चलती रहीं। इसी वजह से इस कहानी में कौओं की गिनती अलग अलग किताबों में अलग अलग मिलती है, कहीं 95,463 तो कहीं कोई और संख्या। असली बात गिनती नहीं, बीरबल का जवाब देने का तरीक़ा है।
बीरबल असली इंसान थे, उनका नाम महेश दास था और वे अकबर के नवरत्नों में से एक थे, पर ये चतुराई वाली कहानियाँ इतिहास नहीं, हमारे देश की लोककथाएँ हैं। पूरी जानकारी यहाँ है: अकबर बीरबल की सभी कहानियाँ।
बच्चों के लिए सवाल जवाब
बादशाह अकबर ने बीरबल से क्या पूछा था?
उन्होंने पूछा कि पूरे राज्य में कुल कितने कौए हैं।
बीरबल ने क्या जवाब दिया?
उन्होंने तुरंत कहा कि राज्य में पंचानबे हज़ार चार सौ तिरेसठ कौए हैं।
गिनती ज़्यादा निकलने पर बीरबल ने क्या कहा?
उन्होंने कहा कि पड़ोस के राज्यों से कुछ कौए रिश्तेदारों से मिलने आए हुए होंगे।
गिनती कम निकलने पर क्या कहा?
उन्होंने कहा कि हमारे कुछ कौए दूसरे राज्यों में रिश्तेदारों से मिलने गए होंगे।
इस कहानी से क्या सीख मिलती है?
मुश्किल सवाल पर घबराना नहीं चाहिए, सूझबूझ और आत्मविश्वास से जवाब निकल आता है।
rajya mein kitne kauve वाली यह कहानी किस उम्र के बच्चों के लिए है?
यह कहानी 5 से 12 साल के बच्चों के लिए है, और इसे सुनाने में सिर्फ़ तीन मिनट लगते हैं।
बच्चों को कहानी सुनाने का आसान तरीका
- कहानी बीच में रोककर बच्चे से पूछिए, “तुम होते तो बादशाह को क्या जवाब देते?” उसका जवाब सुनकर फिर आगे बढ़िए।
- घर पर एक खेल खेलिए: बच्चे से पूछिए कि हमारे मोहल्ले में कितनी चिड़ियाँ हैं, और देखिए वह क्या तरकीब निकालता है।
- समझाइए कि बीरबल ने झूठ नहीं बोला, उन्होंने एक ऐसा जवाब दिया जिसे ग़लत साबित करना मुश्किल था। यह चालाकी नहीं, सूझबूझ है।
अकबर बीरबल की और कहानियाँ
अगली कहानी: अकबर और बीरबल की पहली मुलाक़ात
- बीरबल की खिचड़ी
- चोर की दाढ़ी में तिनका
- अंधों की सूची
- अकबर बीरबल की सभी कहानियाँ: पूरी सूची और बीरबल कौन थे
- पंचतंत्र की सभी कहानियाँ
राज्य में कितने कौए हैं, यह कहानी अपने बच्चों और उनके दोस्तों के साथ ज़रूर शेयर कीजिए। आपके बच्चे ने इस सवाल का क्या जवाब दिया, कमेंट में बताइए।
बच्चों के लिए अकबर बीरबल की किताब
नोट: इस लेख में Amazon के affiliate लिंक हैं। इनसे ख़रीदारी करने पर Storyshala को छोटा कमीशन मिलता है, आपके लिए क़ीमत नहीं बदलती।





