कैंडलस्टिक चार्ट क्या है? कैंडलस्टिक चार्ट शेयर के भाव दिखाने का वह तरीका है जिसमें हर तय समय (जैसे एक दिन, एक घंटा या 5 मिनट) के भाव को एक “कैंडल” (मोमबत्ती) के आकार में दिखाया जाता है। हर कैंडल चार भाव बताती है: खुला (Open), ऊँचा (High), नीचा (Low) और बंद (Close)। कैंडल का रंग बताता है कि उस समय में भाव बढ़ा (आम तौर पर हरा) या घटा (आम तौर पर लाल)।
छोटा जवाब: कैंडल का मोटा हिस्सा बॉडी है, जो खुले और बंद भाव के बीच का फ़ासला दिखाता है। ऊपर नीचे की पतली रेखाएँ विक या शैडो हैं, जो उस समय का सबसे ऊँचा और सबसे नीचा भाव दिखाती हैं। कई कैंडल मिलकर पैटर्न बनाती हैं (जैसे हैमर, डोजी, एंगल्फ़िंग), जिनसे ट्रेडर ख़रीदारों और विक्रेताओं की ताक़त का अंदाज़ा लगाते हैं। ये पैटर्न संभावना बताते हैं, गारंटी नहीं।
मुख्य बातें
- हर कैंडल = एक समय के 4 भाव: खुला, ऊँचा, नीचा, बंद।
- हरी कैंडल: बंद भाव खुले से ऊपर (तेज़ी)। लाल कैंडल: बंद भाव खुले से नीचे (मंदी)।
- लंबी नीचे की विक = नीचे से ख़रीदार लौटे; लंबी ऊपर की विक = ऊपर विक्रेता हावी हुए।
- पैटर्न तीन तरह के होते हैं: एक कैंडल, दो कैंडल और तीन कैंडल वाले।
- किसी पैटर्न को अकेले न मानें; ट्रेंड, सपोर्ट रेज़िस्टेंस और वॉल्यूम से पुष्टि करें, और स्टॉप लॉस रखें।
विषय सूची
एक कैंडल कैसे पढ़ें

ऊपर की हरी कैंडल का मतलब: दिन की शुरुआत ₹500 पर हुई, दिन में भाव ₹530 तक गया और ₹490 तक गिरा, और आख़िर में ₹522 पर बंद हुआ। यानी पूरे दिन में ख़रीदार ज़्यादा ताक़तवर रहे।
| हिस्सा | क्या बताता है |
|---|---|
| बॉडी (मोटा हिस्सा) | खुले और बंद भाव के बीच का अंतर; बड़ी बॉडी = एक तरफ़ ज़ोरदार चाल |
| ऊपर की विक | उस समय का सबसे ऊँचा भाव; लंबी हो तो ऊपर बिकवाली आई |
| नीचे की विक | उस समय का सबसे नीचा भाव; लंबी हो तो नीचे ख़रीदारी आई |
| रंग | हरा (या सफ़ेद): बंद > खुला; लाल (या काला): बंद < खुला |
टाइमफ़्रेम: एक ही शेयर का चार्ट 1 मिनट, 5 मिनट, 1 घंटे, 1 दिन या 1 हफ़्ते की कैंडल में देखा जा सकता है। इंट्राडे ट्रेडर छोटे टाइमफ़्रेम और लंबे निवेशक दैनिक या साप्ताहिक चार्ट देखते हैं। बड़े टाइमफ़्रेम के पैटर्न आम तौर पर ज़्यादा भरोसेमंद माने जाते हैं।
कैंडलस्टिक चार्ट कहाँ से आया
कैंडलस्टिक चार्ट की शुरुआत जापान में चावल के व्यापार से जुड़ी मानी जाती है, जहाँ 18वीं सदी के चावल व्यापारी मुनेहिसा होम्मा को इसका जनक कहा जाता है। पश्चिमी देशों में इसे 1990 के दशक में स्टीव नाइसन की किताब Japanese Candlestick Charting Techniques ने लोकप्रिय बनाया। आज भारत में लगभग हर ब्रोकर ऐप में कैंडलस्टिक चार्ट ही डिफ़ॉल्ट होता है।
कैंडलस्टिक कितने प्रकार के होते हैं
रंग के हिसाब से कैंडल दो तरह की होती है: तेज़ी (बुलिश) और मंदी (बेयरिश)। पर पैटर्न के हिसाब से इन्हें तीन समूहों में बाँटा जाता है:
| प्रकार | कितनी कैंडल | उदाहरण |
|---|---|---|
| एक कैंडल वाले पैटर्न | 1 | डोजी, हैमर, हैंगिंग मैन, शूटिंग स्टार, इनवर्टेड हैमर, मारुबोज़ू, स्पिनिंग टॉप |
| दो कैंडल वाले पैटर्न | 2 | बुलिश और बेयरिश एंगल्फ़िंग, हरामी, पियर्सिंग लाइन, डार्क क्लाउड कवर |
| तीन कैंडल वाले पैटर्न | 3 | मॉर्निंग स्टार, ईवनिंग स्टार, थ्री व्हाइट सोल्जर्स, थ्री ब्लैक क्रोज़ |
10 ज़रूरी कैंडलस्टिक पैटर्न

एक कैंडल वाले पैटर्न
- डोजी: खुला और बंद भाव लगभग बराबर, बॉडी बहुत पतली। मतलब: ख़रीदार और विक्रेता बराबर, बाज़ार असमंजस में। लंबे ट्रेंड के बाद आए तो दिशा बदलने की चेतावनी हो सकती है।
- हैमर: गिरावट के बाद, छोटी बॉडी ऊपर और नीचे लंबी विक (बॉडी से लगभग दोगुनी या ज़्यादा)। मतलब: नीचे के भाव पर ख़रीदार लौटे, पलटाव संभव।
- हैंगिंग मैन: दिखने में हैमर जैसा, पर तेज़ी के बाद ऊपर आता है। मतलब: ऊपर के स्तर पर बिकवाली का दबाव शुरू हो सकता है।
- शूटिंग स्टार: तेज़ी के बाद, छोटी बॉडी नीचे और ऊपर लंबी विक। मतलब: ऊपर के भाव टिक नहीं पाए, कमज़ोरी संभव।
- मारुबोज़ू: लगभग बिना विक वाली बड़ी बॉडी। हरी मारुबोज़ू = पूरे समय ख़रीदार हावी, लाल = पूरे समय विक्रेता।
दो कैंडल वाले पैटर्न
- बुलिश एंगल्फ़िंग: गिरावट में एक छोटी लाल कैंडल के बाद एक बड़ी हरी कैंडल, जिसकी बॉडी पिछली बॉडी को पूरा ढक ले। तेज़ी की ओर पलटाव का संकेत।
- बेयरिश एंगल्फ़िंग: तेज़ी में छोटी हरी के बाद बड़ी लाल कैंडल जो उसे पूरा ढक ले। मंदी की ओर पलटाव का संकेत।
- हरामी: बड़ी कैंडल के बाद एक छोटी कैंडल जो उसकी बॉडी के अंदर समा जाए। रफ़्तार धीमी पड़ने का संकेत।
तीन कैंडल वाले पैटर्न
- मॉर्निंग स्टार: गिरावट में बड़ी लाल, फिर एक छोटी कैंडल (असमंजस), फिर बड़ी हरी। तेज़ी की ओर बदलाव का संकेत। इसका उलटा ईवनिंग स्टार मंदी का संकेत है।
- थ्री व्हाइट सोल्जर्स: लगातार तीन बड़ी हरी कैंडल, हर एक पिछली से ऊपर बंद। मज़बूत तेज़ी का संकेत। इसका उलटा थ्री ब्लैक क्रोज़ मज़बूत मंदी।
कैंडलस्टिक चार्ट पढ़ने का सही तरीका

उदाहरण: मान लीजिए कोई शेयर कुछ हफ़्तों से गिर रहा है और ₹400 के पुराने सपोर्ट पर एक हैमर बनता है। अगले दिन एक हरी कैंडल हैमर के ऊपर बंद होती है और वॉल्यूम भी बढ़ता है। तब कुछ ट्रेडर इसे ख़रीदारी का संकेत मानते हैं और स्टॉप लॉस हैमर के सबसे नीचे के भाव (जैसे ₹388) से थोड़ा नीचे रखते हैं। अगर भाव उस स्तर से नीचे चला जाए, तो पैटर्न ग़लत साबित हुआ और नुकसान सीमित रहता है।
कैंडलस्टिक पैटर्न की सीमाएँ
- पैटर्न संभावना बताते हैं, पक्का भविष्य नहीं। कई बार पैटर्न बनता है और उलटा हो जाता है।
- बहुत छोटे टाइमफ़्रेम (1 मिनट, 5 मिनट) पर पैटर्न ज़्यादा बार ग़लत निकलते हैं।
- कम कारोबार वाले छोटे शेयरों में कैंडल आसानी से “बनाई” जा सकती हैं।
- ख़बर (नतीजे, नीति, बड़ी घटना) किसी भी पैटर्न को बेकार कर सकती है।
- SEBI की स्टडी के अनुसार ज़्यादातर छोटे इंट्राडे और F&O ट्रेडर नुकसान में रहे हैं; चार्ट समझना ज़रूरी है, पर अनुशासन और जोखिम नियंत्रण उससे ज़्यादा ज़रूरी।
कैंडलस्टिक चार्ट और लाइन चार्ट में अंतर
| बिंदु | लाइन चार्ट | कैंडलस्टिक चार्ट |
|---|---|---|
| क्या दिखाता है | सिर्फ़ बंद भाव | खुला, ऊँचा, नीचा और बंद, चारों |
| किसके लिए | लंबे ट्रेंड को एक नज़र में देखना | ख़रीदारों और विक्रेताओं की ताक़त समझना |
| जानकारी | कम | ज़्यादा |
| पढ़ना | आसान | थोड़ा अभ्यास चाहिए |
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कैंडलस्टिक सीखने की किताबें
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
कैंडलस्टिक चार्ट क्या है?
कैंडलस्टिक चार्ट भाव दिखाने का तरीका है जिसमें हर तय समय का खुला, ऊँचा, नीचा और बंद भाव एक कैंडल के आकार में दिखता है। हरी कैंडल तेज़ी और लाल कैंडल मंदी दिखाती है।
कैंडलस्टिक कितने प्रकार के होते हैं?
रंग के हिसाब से तेज़ी (हरी) और मंदी (लाल), और पैटर्न के हिसाब से एक कैंडल, दो कैंडल और तीन कैंडल वाले पैटर्न होते हैं।
कैंडल में विक या शैडो का क्या मतलब है?
विक कैंडल के ऊपर नीचे की पतली रेखा है जो उस समय का सबसे ऊँचा और सबसे नीचा भाव दिखाती है। लंबी नीचे की विक ख़रीदारी और लंबी ऊपर की विक बिकवाली का संकेत मानी जाती है।
सबसे भरोसेमंद कैंडलस्टिक पैटर्न कौन सा है?
कोई पैटर्न हमेशा सही नहीं होता। एंगल्फ़िंग, हैमर और मॉर्निंग स्टार जैसे पैटर्न तब ज़्यादा काम के होते हैं जब वे सपोर्ट या रेज़िस्टेंस पर बनें और अगली कैंडल व वॉल्यूम से पुष्टि हो।
डोजी कैंडल का क्या मतलब है?
डोजी में खुला और बंद भाव लगभग बराबर होता है, यानी उस समय ख़रीदार और विक्रेता बराबर रहे। लंबे ट्रेंड के बाद डोजी दिशा बदलने की चेतावनी हो सकती है।
कैंडलस्टिक चार्ट कहाँ देखें?
लगभग हर ब्रोकर ऐप, NSE की वेबसाइट और चार्टिंग प्लेटफ़ॉर्म पर कैंडलस्टिक चार्ट मिलता है। चार्ट टाइप में Candles चुनें और टाइमफ़्रेम अपनी ज़रूरत के हिसाब से रखें।
स्रोत (15 अक्टूबर 2026 को जाँचे गए)
- Steve Nison, Japanese Candlestick Charting Techniques (1991)
- NSE इंडिया और SEBI निवेशक वेबसाइट
- ट्रेडरों के नुकसान के SEBI आँकड़े: ट्रेडिंग वाला लेख
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ज़रूरी सूचना: यह लेख केवल शिक्षा और सामान्य जानकारी के लिए है, ट्रेडिंग या निवेश की सलाह नहीं। कैंडलस्टिक पैटर्न भविष्य की गारंटी नहीं देते। ट्रेडिंग में नुकसान का जोखिम है।
नोट: इस लेख में Amazon के affiliate लिंक हैं। इनसे ख़रीदारी करने पर Storyshala को छोटा कमीशन मिलता है, आपके लिए क़ीमत नहीं बदलती।





