Lakshya Book in Hindi (Goals by Brian Tracy Summary): लक्ष्य पाने के सभी 21 अध्याय

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Lakshya Book in Hindi (Goal By Brian Tracy Hindi Summary)

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आज मैं आपसे ब्रायन ट्रेसी (Brian Tracy) की किताब “Goals!” (हिंदी में “लक्ष्य”) के सभी 21 अध्यायों का सार शेयर कर रहा हूँ, जिसे पढ़कर आप अपने लक्ष्य तक पहुँच सकते हैं।

छोटा जवाब: इस किताब का मूल संदेश है कि सफल लोग वो हैं जिनके लक्ष्य लिखे हुए, साफ़ और समय सीमा वाले होते हैं, और जो रोज़ उनकी तरफ़ कोई न कोई क़दम उठाते हैं। ब्रायन ट्रेसी के अनुसार लक्ष्य तय करना कोई जन्मजात हुनर नहीं, बल्कि सीखा जा सकने वाला तरीक़ा है।

विषय सूची

ब्रायन ट्रेसी का 7 क़दम वाला तरीक़ा

  1. तय कीजिए कि आप सच में क्या चाहते हैं। साफ़ और नापा जा सकने वाला लक्ष्य।
  2. उसे लिख लीजिए। जो लिखा नहीं, वो सिर्फ़ एक इच्छा है।
  3. समय सीमा तय कीजिए। बड़ा लक्ष्य हो तो बीच के छोटे पड़ाव भी।
  4. ज़रूरी कामों की लिस्ट बनाइए। जो कुछ भी करना पड़ेगा, सब।
  5. लिस्ट को योजना में बदलिए। क्या पहले, क्या बाद में, और क्या सबसे ज़रूरी।
  6. तुरंत शुरू कीजिए। आज ही कोई एक क़दम।
  7. हर दिन कुछ कीजिए। छोटा ही सही, पर रोज़।
किताबजानकारी
नामGoals! How to Get Everything You Want, Faster Than You Ever Thought Possible (हिंदी में “लक्ष्य”)
लेखकब्रायन ट्रेसी (Brian Tracy)
अध्याय21
किसके लिएछात्र, नौकरी करने वाले, व्यापारी, कोई भी जो लक्ष्य तय करके पूरा करना चाहता है

Chapter 1: अपनी संभावना का ताला खोलें (Unlock your potential)

आप एक कबूतर को उसके बसेरे से बाहर निकाल कर एक पिंजरे में रखते हैं, उस पिंजरे पर कंबल ढक कर एक बक्से में पैक कर देते हैं और फिर उस बक्से को एक बंद ट्रक में रख देते हैं आप किसी भी दिशा में 1000 मिल चले जाये और इसके बाद ट्रक खोले बक्सा बाहर निकाले, कंबल हटाए और कबूतर को पिंजरे से बाहर निकाल दें। वह फौरन हवा में उड़ जाएगा और फिर बिना किसी गलती के 1000 मिल दूर स्थित अपने बसेरे की तरफ चल देगा।

दुनिया के किसी भी अन्य प्राणी के पास यह अविश्वसनीय साइबरनेटिक लक्ष्य केंद्रित हुनर नहीं होता है सिवाय इंसान के। जब आपका लक्ष्य बिल्कुल स्पष्ट होता है तो आपको यह पता करने की भी जरूरत नहीं है कि यह कहां है या इसे कैसे हासिल करना है आप ठीक ठीक क्या पाना चाहते हैं बस इतना फैसला भर कर लेने से ही आप बिना किसी गलती के अपने लक्ष्य के ओर बढ़ने लगेंगे और आपका लक्ष्य बिना किसी गलती के आपकी और बढ़ने लगेगा। बिलकुल सही समय और जगह पर आप और आपका लक्ष्य एक दुसरे से मिल जायेंगे।

Lakshya Book in Hindi (Goal By Brian Tracy Hindi Summary)

Lakshya Book in Hindi

Lakshya Book in Hindi (Goal By Brian Tracy Hindi Summary)

कल्पना करें कि आप किसी बड़े शहर में खड़े हैं और आपसे उस शहर में किसी खास घर या ऑफिस तक गाड़ी से पहुंचने को कहा जाता है लेकिन यहां शर्त ये है कि सड़क पर कोई साइन बोर्ड नहीं है और आपके पास शहर का मेप भी नहीं है । आपको क्या लगता है कि मेप और साइन बोर्ड के बिना आपको शहर में उस मकान या ऑफिस को खोजने में कितना समय लगेगा सायद पूरी जिंदगी लग सकती है और दुखद बात यह है कि ज्यादातर लोग अपनी जिंदगी इसी तरह जीते हैं

Chapter 2: अपनी जिंदगी की बागडोर थामें (Take Charge)

एक व्यक्ति को नौकरी से निकाल दिया जाता है वह व्यक्ति इस निर्णय के लिए अपने बॉस से नाराज हो जाता है जब तक वह अपने बॉस और कंपनी के प्रति अपनी नकारात्मक भावनाओं को सही ठहराते रहेगा नकारात्मक भावना उसे नियंत्रित करती रहेगी और उसकी जिंदगी तथा सोच पर हावी रहेगी

लेकिन जैसे वह कहता है ठीक है, मुझे नौकरी से निकाल दिया गया। इस तरह की चीजें होती रहती है । मुझे नई नौकरी खोजने में व्यस्त हो जाना चाहिए । वैसे ही उसकी नकारात्मक भावनाएं ख़तम हो जाती है उसका दिमाग शांत हो जाता है वह अपना ध्यान अपने लक्ष्य पर केंद्रित कर लेता है वह उन कदमों के बारे में एकाग्रचित्त हो जाता है जो वह दोबारा नौकरी पाने के लिए उठा सकता है जैसे वह खुद को सही साबित करना छोड़ देता है वह ज्यादा पॉजिटिव बन जाता है

आज के बाद किसी भी चीज के लिए दूसरे को दोष देना छोड़ दे अतीत की घटनाओं के बारे में अफसोस और शिकायत करना छोड़ दें क्योंकि उन्हें बदला नहीं जा सकता इसके बजाय अपना रुख भविष्य की तरफ करें और इसके बारे में सोचें कि आप क्या चाहते हैं और कहां जा रहे हैं सबसे बढ़कर अपने लक्ष्यों के बारे में सोचे लक्ष्यों के बारे में सोचने भर से ही आप सकारात्मक और उद्देश्य पूर्ण बन जाते हैं

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जैसा कॉमेडियन बड़ी हैकेट ने एक बार कहा था मैं कभी द्वेष नहीं पालता जब आप जल भून रहे होते हैं तब आपके शत्रु नाच गा रहे होते हैं

Chapter 3: अपने भविष्य का निर्माण करें

आप वही बन जाते हैं जिसके बारे में आप ज्यादातर वक्त सोचते हैं सवाल यह है कि लीडर ज्यादातर किस चीज के बारे में सोचते हैं जवाब है लीडर भविष्य के बारे में सोचते हैं वह इस बारे में सोचते हैं कि वह कहां जा रहे हैं और वहां पहुंचने के लिए वह क्या कर सकते हैं

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चार्ल्स गारफील्ड ने एक स्टडीज किया जिसमें उन्होंने एक दिलचस्प खोज की उन्होंने ऐसे लोगों का विश्लेषण किया जिन्होंने कई सालों तक अपने काम में सिर्फ औषत परिणामों को हासिल करने के बाद अचानक बढ़ी सफलता हासिल कर ली उन्होंने पाया कि उनमें हर एक ने ब्लू स्काई थिंकिंग का इस्तेमाल किया

ब्लू स्काई थिंकिंग में आप कल्पना करते हैं कि जिस तरह आप साफ नीले आसमान को देख सकते हैं जिसकी कोई सीमा नहीं है उसी तरह आपके लिए भी कोई सीमा नहीं है तो आप कई साल आगे पहुंच जाते हैं और कल्पना करते हैं कि आपकी जिंदगी हर दृष्टि से आदर्श बन चुकी है फिर आप पलट कर देखते हैं कि आज आप कहा हैं और खुद से यह सवाल पूछते हैं मेरे आदर्श भविष्य को गढ़ने के लिए मैंने क्या-क्या किया होगा फिर आप अपने दिमाग में वर्तमान तक लौटते हैं और पूछते हैं इस पल के बाद मुझे क्या करना होगा ताकि मैं भविष्य में किसी समय अपने सारे लक्ष्य हासिल कर लू

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Chapter 4: अपने जीवन मूल्यों को स्पष्ट करें

बड़े होते वक्त कई लोगों को मुविकल अनुभव हुए थे । वे मुशिकल दोर में फस गए और गलत संगत में पड़ गए । उनका व्यवहार गेर-कानूनी और बुरा था । कूछ को तो उनके अपराधों के लिए जेल की सजा भी हुई । लेकिन जिंदगी में एक निश्चित मोड़ पर उन्होंने खुद को बदलने का फैसला कर लिया। उन्होंने गंभीरता से सोचा कि वे भविष्य में कैसा इंसान बनना चाहने है। वे जिन जीवनमूल्यों के अनुसार जीते थे, उन्हें बदलकर उन्होंने अपनी जिंदगी बदलने का फैसला कर लिया। इस निर्णय पर अडिग रहकर उन्होंने अपनी जिंदगी बदल ली । और जो दूसरों ने किया है, वह आप भी कर सकते हैं ।

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याद रखे इससे कोई फ़र्क नहीं पडता कि आप कहाँ से आ रहे हैं; असल फर्क तो इससे पढता हैं कि आप जा कहाँ रहे हैं

Chapter 5: अपने सच्चे लक्ष्य तय करें

अगर आप जिदगी में सिर्फ एक चीज़ कर सके तो वह क्या होगी ? याद रखें आप किसी ऐसै टारगेट पर निशाना नहीं लगा सकते जिसे आप देख ही नहीं सकते हों । कल्पना करें कि आप कम्पलीट मेडिकल चैकअप के लिए किसी डाक्टर के पास जाते हैं । कूछ दिन बाद आपका डाक्टर आपको बुलाकर कहता है, मेरे पास आपके लिए अच्छी ख़बर भी है और बुरी ख़बर भी। अच्छी ख़बर यह है कि अगले छह महीनों तक आप बहुत ही स्वस्थ जीवन जिएंगे। बुरी ख़बर यह है कि छह महीने बाद आप एक असाध्य रोग से मर जाएंगे ।

अगर आपको आज पता चले कि जीने के लिए आपके पास सिर्फ छड महीने ही बचे हैं, तो आप ये आखिरी छह महीने कैसे गुजारैगे ? आप ये समय किसके साथ बिताएंगे ? कहाँ जाएंगे? आप कौन सा काम पूरा करने की कोशिश करेंगे ? ये सवाल पूछने पर आपके दिमाग़ में जो भी सबसे ऊपर आता है, वह आपके सच्चे जीवनमूल्यों का प्रतिबिंब होगा।

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चिकन सूप फाँर द सोल सीरीज़ कै सह लेखक मार्क विक्टर हैन्सन की सलाह है कि आप काग़ज़ पर कम से कम सौ लक्ष्यों को लिखें जिन्हें आप अपने जीवनकाल में हासिल करना चाहते हैं । फिर यह कल्पना करें कि इन लक्ष्यों को हासिल करने के लिए आपके पास समय, पैसा और संसाधन मौजूद हैं । इसके बाद एक आश्चर्यजनक चीज़ होगी सौ सपनों की सूची बनाने के तीस दिन के भीतर ही आपकी जिंदगी में उल्लेखनीय घटनाएँ होने लगेंगी । आपकै लक्ष्य इतनी तेजी सै हासिल होने लगेंगे, जिसकी आप आज कल्पना भी नहीं कर सकते । आपको भी इसे आजमाकर देखना चाहिए। परिणामों को देखकर आप हैरान रह जाएँगे ।

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Chapter 6: अपना प्रमुख निश्चित उद्देश्य तय करें

इंसान के मस्तिष्क में एक खास अंग होता है जिसे रेटिक्युलर कार्ट्रेक्स कहा जाता है मस्तिष्क का यह ऊँगली जितना छोटा सा हिस्सा उसी तरह काम करता है जिस तरह किसी बड़े ऑफिस में टेलीफोन स्विचबोर्ड करता है जिस तरह सारी फोन कॉल पहले स्विच बोर्ड पर आती है और बाद में उचित व्यक्ति तक पहुंचाई जाती है उसी तरह आपकी इंद्रियों से आने वाली सारी जानकारी रेटिक्युलर कार्ट्रेक्स द्वारा आपके मस्तिष्क या आपकी चेतना के उचित हिस्से पर पहुंचाई जाती है

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जब आप अपने रेटिक्युलर कार्ट्रेक्स को लक्ष्य का सन्देश भेजते हैं, तो यह तत्काल आपके परिवेश में मौजूद ऐसे लोगो, जानकारी और अवसरों के बारे में आपको जागरूक और चौकस करने लगता हैं , जो लक्ष्य हासिल करने में आपकी मदद करेंगे

Chapter 7: अपने विश्वासों का विश्लेषण करें

कल्पना करें कि विश्वास की दुकान है काफी हद तक किसी कंप्यूटर सॉफ्टवेयर स्टोर की तरह, जहाँ जाकर आप कोई भी विश्वास ख़रीद सकते हैं और अपने अवचेतन मन में उसकी प्रोग्रामिंग कर सकते हैं । अगर आप कोई भी विश्वास चुन SAKTE हैं, तो कौन सा विश्वास आपकी सबसे ज्यादा मदद करेगा ?

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ये आप अपने मन से चुन सकते अगर आपको कुछ ना समझ आये तो चुनिए की “मुझे जिंदगी में सफलता मिलना तय है। अगर आपको पूरा विश्वास है कि आपको सफलता मिलना तय है, तो आप ऐसै चलेंगे, बोलेंगे और काम करेंगे, जैसे जिंदगी में आपके साथ होने वाली हर घटना आपको सफल बनाने की योजना का हिस्सा है ।

Chapter 8: शुरुआत से शुरू करें

कल्पना करें कि आप किसी देश की लंबी यात्रा पर जाने वाले हैं । इसके लिए आपको सबसे पहले तो अपनी मंजिल चुननी होगी । फिर आपको नक्शा लाकर वहाँ पहुंचने का सबसे अच्छा तरीका खोजना होगा । हर दिन सफ़र शुरू करने से पहले आप नक्शे में अपनी स्थिति को देखेंगे कि आप कहाँ हैं और शाम तक कहां पहुंचना चाहते हैं ।

जिंदगी भी काफी हद तक ऐसी ही होती है। मिसाल कै तौर पर, अगर आपने वज़न कम करने का फैसला किया है, तो आपका पहला क़दम अपना वज़न तौलना होगा। उसके बाद आप लगातार उस वज़न को इस बात का पैमाना बना लेंगे कि आप अपने लक्ष्य को दिशा में तरक्की कर रहे हैं या नहीं। अगर आपने एक्सरसाइज स्टार्ट करने का फैसला किया है, तो आपका पहला क़दम यह तय करना है कि आज़ की तारीख़ में आप कितना एक्सरसाइज कर रहे हैं और इक्षित रिजल्ट पाने के लिए कितने दिन तक ये एक्सरसाइज आपको करना है।

Chapter 9 : अपनी प्रगति मापे

स्कोर पता करने और उस पर क़रीबी निगाह रखने भर से ही उस क्षेत्र में आपका प्रदर्शन बेहतर हो जाएगा । उदाहरण कै लिए, अगर किसी मीटिंग से पहले कोई आपको बताए कि आपका मूल्यांकन इस बात से होगा कि आप उस मीटिंग में हर बात कितनी अच्छी तरह सुनते हैं, तो कुछ ही पलों में आपकी सुनने की योग्यता नाटकीय रूप से बेहतर हो जाएगी।

आप मीटिंग कै दौरान ज्यादा सावधानी और गोर से सुनेंगे, क्योकि आप जानते हैं कि मूल्यांकन का आधार यही है । इसी तरह, आप जब भी कोई लक्ष्य चुनते हैं और अपने दैनिक जीवन में उस पर नज़र रखते हैँ, तो उस क्षेत्र में आपका प्रदर्शन सुधर जाता है ।

Chapter 10: राह की बाधाओं को हटा दें

सफ़लता और उपलब्धि की राह की दो प्रमुख बाधाएँ हैं, डर और शंका। सबसे पहले तो असफलता, नुक़सान, का डर होता है, जो ज्यादातर लोगों को कोशिश करने से भी रोकता हैं। लक्ष्य कै बारे में सोचते ही ये डर उन पर हावी हो जाते हैं ।

दूसरी मानसिक बाधा है आत्म शंका (सेल्फ डाउट)। हमें अपनी योग्यताओं पर विश्वास नहीं होता, बल्कि शक होता है। हम अपनी तुलना दूसरों से करके सोचते हैं कि दूसरे लोग हमसे ज्यादा बेहतर, स्मार्ट और कार्यकुशल हैं। हम सोचते हैं, “मैं स्मार्ट और कार्यकुशल नहीं हूँ जितना सामने वाला है। ” हम अपने बडे लक्ष्य हासिल करने की चुनौतियों के सामने अक्षम और हीन महसूस करते हैं।

Lakshya Book in Hindi (Goal By Brian Tracy Hindi Summary)

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आप अपने लक्यों को हासिल करने की राह में ज़रूरी चीजें जितनी ज्यादा सीखते हैं, आपको उतना ही कम डर लगेगा और उतना ही ज्यादा साहस व आत्मविश्वास महसूस होगा। जब आपने पहली बार कार चलाना शिखा था आप शायद बहूत तनाव में थे और घबरा रहे थे और आप ग़लत तरीके से कार चला रहे थे लेकिन समय बीतने के साथ आप कार चलाने में माहिर बन गए ।

आज आप आराम से कार चलते है बिना किसी डर या चिंता की। आप कार चलाने में इतने निपुण हो चुके हैं कि आप इस बारे में सोचे विना भी इसे अच्छी तरह कर से चला सकते हैं। यही सिद्धांत हर उस योग्यता पर लागू होता है, जिसे आपको लक्ष्य हासिल करने के लिए सीखना है।

Chapter 11: अपने क्षेत्र में माहिर बनिए (Become an Expert in Your Field)

ब्रायन ट्रेसी कहते हैं कि आपकी कमाई और तरक़्क़ी आपके हुनर पर टिकी है। अपने काम के उन कुछ हुनरों को पहचानिए जो सबसे ज़्यादा नतीजा देते हैं, और उनमें सबसे अच्छे बनने का लक्ष्य रखिए। उनकी सलाह है: रोज़ कम से कम एक घंटा अपने क्षेत्र की कोई किताब पढ़िए, और सफ़र के समय काम की ऑडियो सुनिए। सीखना कभी बंद न हो।

Chapter 12: सही लोगों के साथ रहिए (Associate with the Right People)

आप जिन लोगों के साथ ज़्यादा समय बिताते हैं, धीरे धीरे उन्हीं की तरह सोचने लगते हैं। इसलिए ऐसे लोगों के साथ रहिए जो सकारात्मक हैं, लक्ष्य वाले हैं और आगे बढ़ रहे हैं। किसी अनुभवी को अपना मार्गदर्शक (mentor) बनाइए, और नकारात्मक, शिकायत करने वाली संगत से दूरी रखिए।

Chapter 13: काम की योजना बनाइए (Make a Plan of Action)

लक्ष्य तक पहुँचने के लिए जो भी करना है, उसकी पूरी लिस्ट बनाइए। फिर उसे क्रम से सजाइए: कौन सा काम पहले होगा, किस पर कौन सा निर्भर है, और कौन सा सबसे ज़रूरी है। लिखी हुई योजना एक नक़्शे की तरह है। रास्ते में योजना बदलनी पड़े तो बदलिए, पर बिना योजना के मत चलिए।

Chapter 14: समय का सही इस्तेमाल कीजिए (Manage Your Time Well)

हर दिन की योजना एक दिन पहले बना लीजिए। अपने कामों को ज़रूरत के हिसाब से A, B, C, D, E में बाँटिए: A सबसे ज़रूरी, E वो जिसे छोड़ा जा सकता है। ब्रायन ट्रेसी का 80/20 नियम कहता है कि आपके 20% काम 80% नतीजा देते हैं, इसलिए पहले वही कीजिए। सबसे कठिन और ज़रूरी काम सुबह सबसे पहले, जिसे वो “Eat That Frog” कहते हैं।

Chapter 15: रोज़ अपने लक्ष्य दोहराइए (Review Your Goals Daily)

Lakshya book in Hindi: रात को लैंप की रोशनी में कॉपी में अपने लक्ष्य लिखता युवक
हर दिन अपने लक्ष्य लिखिए, मैं से शुरू करके और वर्तमान काल में (प्रतीकात्मक चित्र)

हर सुबह एक कॉपी में अपने 10 सबसे ज़रूरी लक्ष्य दोबारा लिखिए, वर्तमान काल में और “मैं” से शुरू करके, जैसे “मैं हर महीने 20,000 रुपये बचाता हूँ।” रोज़ लिखने से लक्ष्य दिमाग़ में गहरे बैठ जाते हैं और आपका ध्यान दिन भर उन्हीं मौक़ों पर जाता है।

Chapter 16: लक्ष्य को लगातार कल्पना में देखिए (Visualize Your Goals Continually)

अपने पूरे हुए लक्ष्य की तस्वीर मन में बार बार, साफ़ और भावना के साथ देखिए। ब्रायन ट्रेसी के अनुसार कल्पना जितनी बार, जितनी देर, जितनी साफ़ और जितनी गहरी भावना के साथ हो, उतना ही असर करती है। ये तस्वीर आपको मुश्किल दिनों में भी आगे बढ़ाती है।

Chapter 17: अपने अंतर्मन की शक्ति जगाइए (Activate Your Superconscious Mind)

कई बार सबसे अच्छे हल तब आते हैं जब आप आराम में होते हैं: टहलते हुए, नहाते हुए, या थोड़ी देर चुप बैठकर। ब्रायन ट्रेसी कहते हैं कि अपनी समस्या साफ़ लिखकर मन को दे दीजिए, फिर रोज़ थोड़ा समय शांति में बिताइए। जवाब अक्सर अपने आप सूझता है।

Chapter 18: हमेशा लचीले रहिए (Remain Flexible at All Times)

लक्ष्य के बारे में पक्के रहिए, पर उसे पाने के तरीक़े के बारे में लचीले। अगर कोई तरीक़ा काम नहीं कर रहा, तो रुककर सोचिए और दूसरा आज़माइए। ज़िद तरीक़े पर नहीं, मंज़िल पर होनी चाहिए।

Chapter 19: अपने अंदर के जीनियस को जगाइए (Unlock Your Inner Genius)

ब्रायन ट्रेसी का प्रसिद्ध तरीक़ा है “माइंडस्टॉर्मिंग”: एक कागज़ पर अपना सवाल लिखिए, जैसे “मैं अपनी आमदनी दोगुनी कैसे करूँ?”, और उसके कम से कम 20 जवाब लिखिए। पहले कुछ जवाब आसान होंगे, आख़िरी के जवाब सबसे नए और काम के निकलते हैं। फिर उनमें से कम से कम एक पर तुरंत काम शुरू कीजिए।

Chapter 20: हर दिन कुछ कीजिए (Do Something Every Day)

लक्ष्य की तरफ़ हर दिन कोई न कोई क़दम उठाइए, चाहे छोटा ही हो। रोज़ के क़दम से एक रफ़्तार (momentum) बनती है, और रफ़्तार बन जाए तो आगे बढ़ना आसान हो जाता है। एक दिन छूटे तो दूसरे दिन मत छूटने दीजिए।

Chapter 21: सफल होने तक डटे रहिए (Persist Until You Succeed)

ब्रायन ट्रेसी के अनुसार लगन (persistence) आत्म अनुशासन का दूसरा नाम है। ज़्यादातर लोग मंज़िल से ठीक पहले हार मान लेते हैं। हर रुकावट को सीखने का मौक़ा मानिए, और ठान लीजिए कि आप तब तक नहीं रुकेंगे जब तक लक्ष्य पूरा न हो जाए।

Lakshya Book से रोज़ के लिए 5 अभ्यास

  1. आज ही 10 लक्ष्य लिखिए, फिर सोचिए कि कौन सा एक लक्ष्य पूरा होने पर बाक़ी सब पर सबसे बड़ा असर डालेगा। वही आपका मुख्य लक्ष्य है।
  2. हर सुबह लक्ष्य दोबारा लिखिए, “मैं” से और वर्तमान काल में।
  3. हर रात अगले दिन की लिस्ट बनाइए और A, B, C से प्राथमिकता तय कीजिए।
  4. रोज़ एक घंटा सीखिए: किताब, कोर्स या ऑडियो।
  5. हफ़्ते में एक बार माइंडस्टॉर्मिंग: अपनी सबसे बड़ी समस्या के 20 हल लिखिए।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

Lakshya book (Goals) किस बारे में है?

ब्रायन ट्रेसी की ये किताब बताती है कि साफ़, लिखे हुए और समय सीमा वाले लक्ष्य कैसे तय करें, उनकी योजना कैसे बनाएँ, और रोज़ उन पर काम करके उन्हें कैसे पूरा करें।

Goals किताब के लेखक कौन हैं?

ब्रायन ट्रेसी (Brian Tracy), जो कनाडा में जन्मे मोटिवेशनल लेखक और वक्ता हैं। उनकी “Eat That Frog” भी बहुत प्रसिद्ध है।

Goals किताब में कितने अध्याय हैं?

21 अध्याय, जो अपनी क्षमता पहचानने से शुरू होकर सफल होने तक डटे रहने पर ख़त्म होते हैं।

ब्रायन ट्रेसी का लक्ष्य तय करने का तरीक़ा क्या है?

सात क़दम: तय कीजिए क्या चाहिए, लिखिए, समय सीमा रखिए, कामों की लिस्ट बनाइए, उसे योजना में बदलिए, तुरंत शुरू कीजिए, और हर दिन कुछ कीजिए।

माइंडस्टॉर्मिंग क्या है?

अपनी किसी समस्या या लक्ष्य का सवाल कागज़ पर लिखकर उसके कम से कम 20 जवाब लिखना, और फिर उनमें से एक पर तुरंत काम शुरू करना।

लक्ष्य लिखना क्यों ज़रूरी है?

लिखने से लक्ष्य साफ़ होता है, याद रहता है, और रोज़ उस पर ध्यान बना रहता है। ब्रायन ट्रेसी के अनुसार जो लिखा नहीं, वो सिर्फ़ इच्छा है।

आगे पढ़िए

निष्कर्ष

दोस्तों पहले इस लेख में 10 अध्याय थे, अब इसमें किताब के सभी 21 अध्याय हैं। ब्रायन ट्रेसी की सबसे बड़ी सीख यही है कि लक्ष्य लिखिए, योजना बनाइए, और हर दिन कुछ कीजिए।

तो दोस्तों इस आर्टिकल (lakshya book in hindi) में बस इतना ही आपको ये आर्टिकल (lakshya book in hindi) कैसी लगी हमें कमेन्ट कर के जरूर बताये। अगर आप इस बुक का कम्पलीट वीडियो समरी देखना चाहते है तो ऊपर दिए लिंक से देख सकते है। लेटेस्ट वीडियो को देखने के लिए हमारे यूट्यूब चैनल को सब्सक्राइब करना न भूले।

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पूरी किताब पढ़िए

लक्ष्य (Goals!)

लेखक: ब्रायन ट्रेसी

यह सारांश किताब की मुख्य बातें बताता है। पूरी किताब में कहानियाँ, उदाहरण और अभ्यास कहीं ज़्यादा हैं।

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