The Code of the Extraordinary Mind book summary in Hindi

The Code of the Extraordinary Mind book summary in Hindi

The Code of the Extraordinary Mind book summary in Hindi

The Code of the Extraordinary Mind book summary in Hindi

दोस्तों आज मैं आपसे Vishen Lakhiani की Book “The Code of the Extraordinary Mind: 10 Unconventional Laws to Redefine Your Life and Succeed On Your Own Terms की समरी लेके आया हूँ।

ये बहुत ही पॉवरफुल बुक हैं जिसे पढ़कर आप Ordinary से Extraordinary बन सकते है। तो बिना किसी देरी के करते है काम की बात।

हर चीज़ पहले आपके दिमाग़ से शुरू होती है तो सबसे पहले तो आपको अपनी थिंकिंग बदलने की ज़रुरत है।

ट्रांसेंड द कल्चरस्केप: (The Code of the Extraordinary Mind)

स्टीव जॉब्स ने एक बार कहा था “आपके आस-पास की वह हर चीज़ जिसे आप लाइफ कहते है, आप ही के जैसे लोगों ने बनाई है”

हम सब की लाइफ रूल्स से चलती है। बचपन से ही हमें सिखाया जाता है कि हमें क्या करना है और क्या नहीं। ह्यूमेनिटी ने हमारे लिए ये रूल्स बनाये है।

हम इन रूल्स, आईडियाज, बिलिफ और प्रेक्टिस के समन्दर में तैरने वाली फिश की तरह है। सोसाइटी हमेशा यही एक्स्पेक्ट करती है कि हम ये रूल्स माने और फॉलो करे।

मगर पॉइंट ये है कि अब ये रूल्स बहुत ज़्यादा आउटडेटेड हो चुके है, ये हमें आगे बढ़ने से रोक रहे है। लेकिन अगर आपको Extraordinary बनना है तो आपको ये रूल्स तोड़ने ही पड़ेंगे।

क्या रूल्स सही है क्वेश्चन द रूल्स: The Code of the Extraordinary Mind

आज जो रूल्स हम फॉलो कर रहे है, हमसे पहले वाले लोगों ने बनाए थे। अगर देखा जाए तो ये रूल्स कुछ नहीं है बस लोगों की ओपिनियन है और हम सिर्फ़ इसलिए इन्हें फॉलो करते है क्योंकि ये हमारे पैदा होने से भी पहले से चले आ रहे है।

वैसे अपना ट्रेडीशन फॉलो करने में कोई बुराई नहीं है। लेकिन आप ही देखिये कि हर दिन दुनिया कितनी तेज़ी से आगे बढ़ रही है। तो जो इसके रूल्स है, बीलीफ्स है, आईडियाज़ है वे भी तो इवोल्व होने चाहिए।

अगर आप भी उन्ही चीजों में बिलीव करेंगे जिनमे सब करते है तो आप रेशनल नहीं है। अगर आप बिना सोचे समझे चीजों को यूँ ही एक्सेप्ट करते रहेंगे तो आप कभी भी Extraordinary नहीं बन सकते।

इसलिए रूल्स पर सवाल उठाये क्योंकि आपके पास सोचने के लिए एक दिमाग़ है। रूल्स चाहे राईट हो या रोंग आप अपने डिसीज़न ख़ुद ले। ब्लाइंडली कुछ भी फॉलो मत करो।

प्रेक्टिस कॉन्शियस इंजीनियरिंग: The Code of the Extraordinary Mind

Extraordinary बनने के लिए हमें ये बात ध्यान रखनी पड़ेगी कि कुछ रूल्स ऐसे है जो आजकल की लाइफ में किसी काम के नहीं है। हमें अपनी ख़ुद की थिंकिंग के हिसाब से कुछ बाते अपने दिमाग़ में फिल्टर करनी पड़ेगी कि क्या एक्सेप्ट करना है क्या रिजेक्ट।

इमेजिन करे कि आप एक ऐसे कमरे में है जिसमे कई सारे लोग है। आप उनकी बातचीत सुन रहे है जैसे कि सक्सीड होने के लिए बेस्ट तरीक़ा क्या है, आपको क्या पहनना चाहिए या फिर किस टाइप के लोगों से दूरी बनाकर रखे।

अब आपको ज़्यादा कुछ नहीं पता है तो आप उनकी हर बात को सही समझते है क्योंकि आप भी आर्डिनरी लोगों की तरह ही सोचते है, आप भी बाकियों की तरह भीड़ का एक हिस्सा है।

अगर आपको वाकई में एक्स्ट्रार्डिनरी बनना है तो ख़ुद को जगाना पड़ेगा। यही पर कॉन्शियस इंजिनियरिंग काम करती है।

कोंशस इंजिनियरिंग का मतलब है आपका ख़ुद का वे ऑफ़ थिंकिंग बिल्ड करना। मतलब ये कि उन रूल्स को तोडना जो आपको आगे बड़ने से रोक रहे है।

अगर आपके पास कॉन्शियस इंजीनियरिंग है तो आप जो चाहे वह कर सकते है, जो आपको पसंद हो वह पहन सकते है। जिससे चाहे उससे फ्रेंडशिप कर सकते है।

आपकी (consciousness) कॉन्शियसनेस एक कंप्यूटर की तरह है जिसे अपना ऑपरेटिंग सिस्टम अपग्रेड करने की ज़रुरत पड़ती रहती है।

आज से सालों पहले विंडोज 95 हुआ करता था, आज आपके पास ज़रूर विंडोज 10 होगा। अपग्रेड करना बहुत ज़रूरी है ताकि ये कंप्यूटर बैटर और फास्टर चलता रहे।

ठीक ऐसे ही आपकी कॉन्शियसनेस भी इवोल्व होती रहे। विंडोज 95 किसी पुरानी थिंकिंग की तरह है मगर आप चाहे तो ख़ुद को विंडोज 10 में अपग्रेड कर सकते है।

अपनी लाइफ में ऐसे बिलिफ्स इंजिनियर करे जिससे लाइफ बैटर हो जाये। क्योंकि आपको अच्छे से पता है कि विंडोज 95 अब आउटडेटेड है, ये अब चलता नहीं है तो अभी भी इसे क्यों यूज़ कर रहे हो?

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रिराईट योर मॉडल्स ऑफ़ रियेलिटी: The Code of the Extraordinary Mind

वो थोट, वह बिलिफ्स, वह आईडियाज़ जो आपको अपने एन्वायरमेंट से मिलते है वही आपकी रियेलिटी बन जाते है।

जो आपके पेरेंट्स ने बताया वही आपका सच बन जाता है। आप भी उन्ही चीजो को मानने लगते है जो आपके आस-पास वाले मानते है।

आप शायद ये बात जानते नहीं होंगे मगर जैसे-जैसे आप ओल्ड होते है, यही बिलिफ्स अपने साथ कैरी करते है।

लेखक विशेंन लाखियानी मलेशिया में पले बढे है। जब वह बच्चे थे तो उनको भी बुल्ली किया गया था क्योंकि वह माइनॉरिटी से आते थे, वह अपने क्लासमेट से अलग दीखते थे।

बाक़ी बच्चे चाइनीज़ ओरिजिन थे जबकि विशेंन नार्थ इंडिया से थे। बाक़ी बच्चे अक्सर उन्हें चिढाया करते।

जब वे अपने टीन इयर्स में थे विशेंन ने एक एक्सपट स्कूल से पढ़ाई की यानी इस स्कूल में ज़्यादातर बच्चे किसी दूसरे देश से थे। वहाँ बाक़ी बच्चों के साथ उनको नार्मल फील होता था।

मिशिगन यूनिवर्सिटी में आकर भी विशेन एक टिपिकल गीक थे। मुश्किल से ही वह दोस्तों के साथ आउटिंग पर जाते थे। विशेंन तब 22 के हो चुके थे मगर अभी तक उनकी कोई गर्लफ्रेंड नहीं थी।

उनमें इतनी हिम्मत ही नहीं थी कि किसी लड़की को प्रपोज़ कर सके, मगर एक दिन एक बदलाव आया, उनके स्कूल में एक डांस था। विशेंन ने बहुत ज़्यादा बियर पी ली थी, वह नशे में थे और शायद इसीलिए वह एक खूबसूरत लड़की के साथ डांस करने की हिम्मत जुटा पाए, उस लड़की का नाम था मैरी।

विशेंन उसे कई सालो तक देखते रहते थे, उन्हें लगता था कि वह स्कूल की सबसे खूबसूरत लड़की है और इसीलिए वह उनकी पहुँच से कोसो दूर थी। विशेंन को आज तक उसके करीब जाने का मौका नहीं मिला था।

शायद ये नशे की वज़ह था, जब वे मैरी के साथ डांस कर रहे थे तो उन्हें मौका मिला और उन्होंने उसके बेहद करीब आकर उसे किस किया, मगर फिर जल्दी से पीछे हट गए, उन्होंने मैरी से माफ़ी मांगी।

विशेंन को लगा शायद मैरी बुरा मान गई लेकिन वह नाराज़ नहीं थी उल्टा उसने विशेंन से कहा “क्या तुम मज़ाक कर रहे हो? तुम तो बहुत हॉट हो यार” और फिर वह भी उन्हें किस करने लगी।

वह रात उनके कॉलेज लाइफ की बेस्ट रात थी। अगली सुबह विशेंन एक डिफरेंट व्यू के साथ उठे, अगर मैरी को लगता है कि वह अट्रेक्टीव है तो हो सकता है बाक़ी लड़कियाँ भी ऐसा ही सोचती होंगी।

हालांकि उनके अपिरियेंश में कोई चेंज नहीं आया लेकिन विशेंन को एक नया मॉडल ऑफ़ रियेलिटी मिल चूका था।

तो ऐसे ही आपके साथ भी कुछ ग़लत नहीं है, लोग जो आपकी कमियाँ बताते है, झूठ बोलते है, आपमें एबिलिटीज़ है, टेलेंट है और नॉलेज भी है।

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जीने के लिए अपना सिस्टम अपग्रेड करे: The Code of the Extraordinary Mind

ऐसे तीन स्टेप्स है जिन्हें फॉलो करके आप अपना लिविंग सिस्टम अपग्रेड कर सकते है। इसका पहला स्टेप है:

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1.RESEARCH

आपको लाइफ में अप्लाई करने के लिए नए आईडियाज ढूँढने होंगे, इसके लिए आप बुक्स पढ़ सकते है, या ऐसे वीडियो देख सकते है। जो इसमें आपकी हेल्प कर सके।

आपको ओल्ड आईडियाज का रीप्लेसमेंट ढूढना ही होगा। जितनी दुनिया अब तक आपने जानी है उससे कहीं ज़्यादा बढ़ी दुनिया आपका इंतज़ार कर रही है।

2.REFRESH

हर सिंगल डे को इम्प्रूव करने की कोशिश करे।

3. MESURE YOUR PROGRESS:

आपका नया सिस्टम कितना स्ट्रोंग है? क्या आपके नए बिलिफ्स वाकई पुराने वाले से बैटर है? ख़ुद को टेस्ट करना ज़रूरी है। जिससे आप ओल्ड बिलिफ्स की तरफ़ वापस ना जा पाए।

ये आपकी लाइफ है तो आपको सारे बहाने छोड़ने होंगे। लोगों के नेगेटिव कोमेंट्स को अवॉयड करना होगा। किसी भी क़ीमत पर समझौता ना करे। आप कुछ बड़ा करने के लिए ही बने है, कुछ एक्स्ट्रार्डिनरी।

रियेलिटी को बेंड कर दे

जैसे आपका ये बिलीव होने लगे कि लक हमेशा आपके साथ है, ये यूनिवर्स आपके लिए रास्ते बना रहा है जिसका मतलब कि आप सब कुछ कर सकते है, अब कुछ भी इम्पोसिबल नहीं है आपके लिए।

लेकिन आप ये अचीव कैसे करेंगे? सबसे पहले तो एक विजन रखे, हर दिन आपको उस गोल की तरफ़ बढना है। दूसरा है, हमेशा खुश रहने की आदत।

रियेलिटी बेंड करने से मतलब है कि प्रेजेंट में जिए। इसका मतलब है कि अपने विजन पर रहते हुए हर दिन को पूरा एन्जॉय करे। इस तरह आपको अपना काम कभी बोझ नहीं लगेगा।

“अपने विजन का पीछा करते समय भी उतने ही खुश रहे जितना उसे हासिल करने पर होते है”।

पास्ट में हुए फेलर्स को बीच में ना आने दे, ना ही फ्यूचर के ड्रीम्स में ख़ुद को गुमा दे, इसके बदले प्रेजेंट में अपनी लाइफ से खुश रहे।

“आज में खुश रहो” अगर आप अपने काम से खुश है, जो आपको मिला है उससे खुश है तो हमेशा आपको मोटिवेशन मिलती रहेगी। फिर चाहे आपको देर तक काम करना पड़े, आप शिकायत नहीं करेंगे ना ही आप थकेंगे।

जैसा कि बिलेनियर जॉन डी रॉकफेलर लिखते है “मुझे पहले ही सिखा दिया गया था काम के साथ-साथ खेलना भी ज़रूरी है” मेरी पूरी ज़िन्दगी एक लम्बी हैप्पी होलीडे रही है। फुल ऑफ़ वर्क एंड फुल ऑफ़ प्ले, मैंने फ़िक्र को बीच रास्ते में ही छोड़ दिया था।

तो दोस्तों आज की इस आर्टिकल में बस इतना ही, उम्मीद है आपको ये आर्टिकल पसन्द आए होंगे और आगे जाके ये आपके काम भी आएगे।

आपको ये आर्टिकल कैसा लगा हमें कमैंट कर के जरूर बताये । इस आर्टिकल के ऊपर आप वीडियो निचे दिए गए लिंक से देख सकते है।

अगर आपको वीडियो पसंद आती है तो हमारे यूट्यूब चैनल को सब्सक्राइब करना मत भूलियेगा तो मिलते है नेक्स्ट आर्टिकल में। …… थैंक्स फॉर रीडिंग ।

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S.K. Choudhary

नमस्कार दोस्तों, हमारे इस ब्लॉग में आपका स्वागत है, मेरा नाम है S.K. Choudhary (ऐस. के. चौधरी) और मैं एक ब्लॉगर और यूटूबर हूँ। में एक प्राइवेट कंपनी में जॉब करता हूँ और मेरा highest एजुकेशन MBA Finance है। मुझे पढ़ने और पढ़ाने का शोख है इसलिए में पार्ट टाइम मैं ब्लॉग लिखता हूँ और यूट्यूब के लिए बुक समरी और मोटिवेशनल वीडियो बनता हूँ।

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