खुद को प्रेम कैसे करें | how self love can change your life in Hindi

दोस्तों इस लेख (खुद को प्रेम कैसे करें | how self love can change your life in Hindi) के माध्यम से में आपसे Louise Lynn Hay की बुक Jeet Ka Jashan से, खुद को प्रेम करने के 10 तरीके आपसे शेयर करूँगा, जिससे आप खुद को ज्यादा अहमियत दे पाएंगे और अपनी  गलतियों को सुधार कर जीवन में आगे बढ़ पाएंगे और बेहतर ज़िंदगी का आनंद उठा पाएंगे।

हमारा खुद को प्यार करना बहुत कठिन है, क्योंकि हमारे भीतर वे सभी त्रुटियाँ  हैं, जो हम जैसे हैं , उसी रूप में हमें प्यार करने को असंभव बतलाती हैं। हम तब तक दूसरों से प्रेम नहीं कर पाते, जब तक खुद से प्रेम नहीं करते। तो चलिए शुरू करते है पहले टिप्स से।

खुद को प्रेम कैसे करें

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how self love can change your life in Hindi

खुद की आलोचना बंद करें

हर दिन एक नया दिन होता है और जब हम अच्छा महसूस नहीं करते हैं तो खुद को कष्ट में रखने के तरीके खोज लेते हैं। हम अपने शरीर में बीमारी व दर्द पैदा कर लेते हैं। हम उन चीजों के विपरीत हो जाते हैं, जो हमारे लिए लाभकारी होती हैं।

हम यह बहाना न करें कि हम पूर्ण हैं। पूर्ण होने की बाध्यता हम पर भारी दबाव निर्मित करती है, जो हमें जीवन के उन क्षेत्रों में देखने से रोकता है, जहाँ इलाज की आवश्यकता होती है। हम खुद को उन गुणों के लिए सराह सकते हैं, जो हमें दूसरों से अलग करते हैं। इस धरती पर हममें से प्रत्येक एक अद्वितीय भूमिका निभाने के लिए आया है और जब हम खुद के प्रति आलोचनात्मक रवैया अपनाते हैं तो हम इसे उपेक्षित कर डालते हैं।

अपने आपको डराना बंद करें

हमलोग खुद को डरावने विचारों से आतंकित करते रहते हैं और हालात को बद से बदतर बनाते रहते हैं। एक छोटी सी समस्या को लेकर तिल से ताड़ बना डालते हैं। आपमें से कितने ऐसे हैं, जो सोते समय किसी एक समस्या को बदतर से बदतर हालात के रूप में निर्मित कर लेते हैं। ऐसा करना बिलकुल बच्चों की सी सोच का ही उदाहरण है, जो बिस्तर के नीचे शैतान के छिपे होने की कल्पना करके डरता है। इसमें शक नहीं कि चिंता की वजह से आपको नींद भी न आती हो।

याद रखें, ये डरावने विचार नकारात्मक उद्गार हैं। यदि आप आदतन नकारात्मक विचार या स्थिति का मनन करते रहते हैं तो उसके स्थान पर एक ऐसी कोई बात पर मनन कीजिए, जो आपको वाकई पसंद है।  जो भी डरावने विचार आपके मन में आएँ, उन्हें नकारते हुए खुद से कहिए, ‘‘नहीं, अब मैं इसके बारे में कभी नहीं सोचूँगा। मैं सूर्यास्त, गुलाब,  या जल-प्रपात के विषय में सोचूँगा। यदि आप ऐसा करते रहते हैं तो अंततः आप अपनी आदत से निजात पा जाएँगे।

खुद के प्रति विनम्र, दयाशील और धैर्यवान् रहें  

धैर्य काफी शक्तिशाली औजार है। हममें से कई फटाफट संतुष्टि प्राप्त करने की भावना से पीडि़त होते हैं। हमें ये चीज अभी चाहिए। इंतजार के लिए मुझमें सब्र नहीं है। जब हमें कतार में इंतजार करना होता है या हम ट्रैफिक में फँस जाते हैं तो खीझ उठते हैं। सारे जवाब और सारी अच्छी बातें हमें बिलकुल अभी-के-अभी ही चाहिए होती हैं। आईये इसे एक एक्साम्पल से समझते है। 

अपने मन की कल्पना एक बाग के रूप में कीजिए। शुरू-शुरू में बाग जमीन का एक टुकड़ा होता है, जहाँ कूड़ा-करकट बिखरे पड़े रहते हैं।आपके मन में भी बहुत स्व-घृणा के कूड़े, निराशा, क्रोध और चिंता की चट्टानें हो सकती हैं। और डर रूपी पुराने वृक्ष की छँटाई की जरूरत है। जब आप इन्हें एक विशेष रूप का आकार दे देते हैं और मिट्टी को व्यवस्थित कर लेते हैं तो उसमें आप खुशी व समृद्धि के बीज या छोटे-छोटे पौधे रोप सकते हैं।

इस पर सूर्य का प्रकाश चमकता है। आप इसमें जल सींचते हैं, पोषण देते हैं और प्रेम भरी देखरेख करते हैं। शुरू में ज्यादा कुछ होता नजर नहीं आता। लेकिन आप रुकते नहीं हैं। आप अपने बाग की देखरेख करते रहते हैं। यदि आप में धैर्य है तो बाग निश्चित ही फूलेगा-फलेगा। यही बात आपके मन के साथ है। आप उन विचारों का चयन कीजिए, जिन्हें पोषित किया जाता है और धैर्य के साथ वे पोषित-वर्धित होते हुए आपके मनचाहे अनुभवों के बाग के निर्माण में योगदान देते हैं।

अपने मन के प्रति दयाशील रहें 

नकारात्मक सोच रखकर हमें खुद से नफरत नहीं करनी चाहिए। हम अपने विचारों से खुद का निर्माण कर सकते हैं, न कि उनका प्रयोग खुद को पराजित करने के लिए करना चाहिए। नकारात्मक अनुभवों के लिए हमें खुद को दोष नहीं देना चाहिए। हम इन अनुभवों से सीख ले सकते हैं। भीतर की शक्ति के संचय हेतु आराम जरूरी है, क्योंकि यदि आप तनावग्रस्त और भयभीत हैं तो अपनी ऊर्जा का द्वार बंद कर देते हैं।

शरीर और मन को आराम देने में प्रतिदिन कुछ मिनट ही लगते हैं। किसी भी समय आप कुछ गहरी साँसें लीजिए, अपनी आँखें बंद कर लीजिए और जो भी तनाव मन में है, उसे छोड़ते चले जाइए। साँस बाहर छोड़ते समय आत्मकेंद्रित हो जाइए और चुपचाप खुद से कहिए, ‘‘मैं तुमसे प्रेम करता हूँ। सबकुछ अच्छा है। आप पाएँगे कि अब ज्यादा शांत महसूस कर रहे हैं। आप ऐसे संदेशों का निर्माण कर रहे हैं, जो कहते हैं कि अब आपको जीवन तनाव में और भय से गुजारने की जरूरत नहीं है।

खुद की प्रशंसा करें

आलोचना आंतरिक भावना का विघटन कर डालती है और प्रशंसा इसका निर्माण करती है।  जब आप खुद की बुराई करते हैं तो उस शक्ति को नकारते हैं, जिसने आपका निर्माण किया है। छोटी-छोटी बातों से ही शुरुआत कीजिए। खुद को बतलाइए कि आप आश्चर्यजनक हैं। यदि एक बार ऐसा करके आप रुक जाते हैं तो यह कारगर नहीं होता। ऐसा करते रहिए, भले ही एक समय में आप इसे एक मिनट के लिए ही क्यों न करें। यकीन मानिए, यह ज्यादा सरल होता जाएगा।

खुद को अच्छा स्वीकार करने के लिए प्रेरित कीजिए, चाहे आप अपनी सोच के मुताबिक उसके लायक हों या नहीं। आप लायक नहीं हैं, ऐसा विश्वास करना अपने जीवन में अच्छाई स्वीकार करने के प्रति हमारी अनिच्छा ही व्यक्त करता है। हम जो चाहते हैं, उसे पाने से पहले हमें यही रोकता है। यदि हम ऐसा सोचते हैं कि हम किसी अच्छाई के लायक नहीं हैं तो हम अपने बारे में कुछ अच्छा कैसे कह सकते हैं।

खुद को सहारा दें  

अपने मित्रों से मिलिए और उनकी मदद लीजिए। आवश्यकता के समय मदद माँगकर आप ताकतवर बनते हैं। आप किसी से मदद नहीं माँग सकते, क्योंकि आपका अहं आपको इसकी इजाजत नहीं देता। सबकुछ खुद से करने के और खुद पर गुस्सा करने के बदले अगली बार से सहायता माँगने की कोशिश कीजिए।

ऑथर का मानना है की समान विचारवाले लोगों को नियमित रूप से एक-दूसरे के साथ समय बिताना चाहिए। जब लोग समान लक्ष्य पर साथ काम करने लगते हैं तो वे अपने दर्द, उलझन, क्रोध इत्यादि के साथ एकत्र होकर दुःख का रोना नहीं रोते, बल्कि अपनी समस्याओं से निजात पाने का रास्ता तलाशते हैं। क्योंकि आप एक-दूसरे से सीखते हैं। ग्रुप का प्रत्येक व्यक्ति एक शिक्षक होता है।

अपनी नेगेटिविटी से प्रेम कीजिए

यदि आप ऐसा दोहराते रहेंगें, “मुझे अपना काम अच्छा  नहीं लगता। मुझें अपना घर पसंद नहीं है। मुझे अपनी बीमारो से नफरत है । मुझे इस संबंध या रिश्ते से नफरत है। मुझे यह पसंद नहीं, मुझे वह पसंद नही। तो बहुत कम नई चीजें आपके जीवन में आतीं है। हमें समझना चाहिए, जिन मी मुद्दे या समस्याओं से हम ग्रसित हैँ, उन्हें कुछ स्थितियों से निबटने के लिए हमने खुद ही निर्मित किया है। एक बार हमेँ यह आभास हो जाता है, जो अपनी आवश्यकताओं को पूरा करने का हमेँ सकारात्मक तरीका मित्न सकता है।

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अपने शरीर पर ध्यान दीजिए

अपने शरीर को आप एक शानदार मकान समझिए, जिसमेँ आप कुछ सयम के लिए रह रहे है। आप अपने मकान से प्रेम करने लगेंगे और उसकी देखभाल करेगे। इसलिए आप अपने मन में जो रखने जा रहे हैँ, उस पर नजर रखिंए।

हम भोजन किए बिना नही रह सकते, क्योंकि इससे हमारे शरीर को ईंधन मिलता है और नईं कोशिकाओं के विकसित करने में मदद करता है। भले ही हमें आधारभूत पौष्टिक तत्वों की जानकारी हो, फिर भी प्राय: खुद को दंडित करने के लिए हम अतिमोजन का प्रयोग करते है और मोटापे के शिकार हो जाते है।

दर्पण तकनीक का इस्तेमाल कीजिये

जिन्हें खुद से प्रेम करने में परेशानी होतीं है, वे प्राय: ऐसे लोग होते हैं जो माफ करने की इच्छा नहीं रखते; क्योंकि माफ़ न करने से खुद को प्रेम करने का द्वार बंद हो जाता है। जब हम माफ कर देते हैँ, तब हमारे सिर पर से बहुत बड़ा बोझ तो उतर ही  जाता है, बल्कि हमारे खुद के प्रति प्रेम का द्वार खुल जाता है।

यदि दिन के दौरान आपके साथ कुछ अप्रिय घट जाता है तो दर्पण के सामने जाकर कहिए, “मैँ तुमसे प्यार करता हूं। ” घटनाए तो आती जाती रहती हैं, पर आपके प्रति आपका खुद का प्रेम स्थिर है । और यह आपके जीवन का सबसे महत्त्वपूर्ण गुण है। यदि कुछ अच्छा  घटित हो जाए तो आईने के सामने जाकर कहिए, “धन्यवाद”। इस आश्चर्यजनक अनुभव को निर्मित  करने का श्रेय खुद लीजिए।

खुद को प्रेम कैसे करें

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खुद को प्रेम कीजिए

स्वय से असंतुष्टि एक आदत है। अब यदि आप स्वय से संतुष्ट नहीं हैँ, यदि आप अब खुद से प्रेम कर सकती है या स्वय को स्वीकार कर सकते हैँ तो जब खुशी आपके जीवन में आएगी तो आप उसका आनंद ले  सकेंगे। जब आप खुद से प्रेम करना सीख जाते हैं, तब दूसरों से भी  प्रेम कर सकते हैं और उन्हें स्वीकार सकते है। हम दूसरे लोगों को तो नहीं बदल सकते, इसलिए उन्हें उनके हाल पर छोढ़ दीजिए ।

तो दोस्तों इस आर्टिकल (खुद को प्रेम कैसे करें | how self love can change your life in Hindi) में बस इतना ही आपको ये आर्टिकल (खुद को प्रेम कैसे करें | how self love can change your life in Hindi) कैसी लगी हमें कमेन्ट कर के जरूर बताये। अगर आप इस बुक का कम्पलीट वीडियो समरी देखना चाहते है तो ऊपर दिए लिंक से देख सकते है।

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S.K. Choudhary

नमस्कार दोस्तों, हमारे इस ब्लॉग में आपका स्वागत है, मेरा नाम है S.K. Choudhary (ऐस. के. चौधरी) और मैं एक ब्लॉगर और यूटूबर हूँ। में एक प्राइवेट कंपनी में जॉब करता हूँ और मेरा highest एजुकेशन MBA Finance है। मुझे पढ़ने और पढ़ाने का शोख है इसलिए में पार्ट टाइम मैं ब्लॉग लिखता हूँ और यूट्यूब के लिए बुक समरी और मोटिवेशनल वीडियो बनता हूँ।

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