Pablo and Bruno Story – The Parable of the Pipeline book summary in Hindi

Pablo and Bruno Story – The Parable of the Pipeline book summary in Hindi

Pablo and Bruno Story - The Parable of the Pipeline book summary in Hindi

Pablo and Bruno Story – The Parable of the Pipeline book summary in Hindi

द पैरेबल ऑफ़ द पाइपलाइन: The Parable of the Pipeline -पाब्लो और ब्रूनो नाम के दो युवा अगल-बगल में रहते थे। वे दोनों ही प्रतिभाशाली और मेहनती थे। उन्हें तो बस एक अवसर की ज़रूरत थी।

एक दिन उन्हें वह अवसर मिल गया। गाँव वालों ने दो आदमियों को नियुक्त करने का निर्णय लिया, जो नज़दीक की नदी से पानी लाकर शहर के चौक के हौज में डालें। यह नौकरी पाब्लो और ब्रूनो को मिल गई। शाम तक उन्होंने शहर के हौज को लबालब भर दिया था।

गाँव के मुखिया ने उन्हें पानी की हर बाल्टी के लिए एक पेनी का भुगतान किया। “हमारा सपना सच हो गया।” ब्रूनो चिल्लाया। लेकिन पाब्लो को भारी बाल्टियाँ ढोने की वजह से उसकी पीठ में दर्द हो रहा था और उसके हाथों में छाले पड़ गए थे।

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उसने संकल्प लिया कि वह नदी से गाँव तक पानी लाने का कोई ज़्यादा अच्छा उपाय सोचेगा। जब वे दोनों अगली सुबह अपनी-अपनी बाल्टियाँ उठाकर नदी की तरफ़ जाने लगे, तो पाब्लो ने कहा, “ब्रूनो, मेरे पास एक योजना है। चंद सिक्कों के बदले में दिन भर बाल्टियाँ ढोने के बजाय क्यों न हम नदी से गाँव तक पाइपलाइन बना लें?”

ब्रूनो ने कहा पाब्लो, हमारे पास एक बेहतरीन नौकरी है। मैं एक दिन में 100 बाल्टियाँ उठा सकता हूँ। एक बाल्टी के बदले एक पेनी मिलती है, यानी दिन भर में एक डॉलर। अपनी पाइपलाइन के इरादे को दिमाग़ से निकाल दो।”

लेकिन पाब्लो इतनी आसानी से हतोत्साहित होने वाला नहीं था। उसने अपने पक्के दोस्त को पाइपलाइन की योजना धैर्य से समझाई। पाब्लो दिन के आधे हिस्से में बाल्टी ढोने का काम करेगा और दिन के बाक़ी आधे हिस्से तथा वीकएंड में अपनी पाइपलाइन बनाएगा।

ब्रूनो नहीं माना, लेकिन पाब्लो को अपने सपने पर विश्वास था, इसलिए वह अपनी योजना पर अमल करने में जुट गया। पाइपलाइन बनाने के बीच आराम करते समय पाब्लो अपने पुराने दोस्त ब्रूनो को बाल्टियाँ ले जाते देखता था।

ब्रूनो के कंधे अब काफ़ी झुक गए थे। वह दर्द में झुका हुआ था,  उसकी चाल धीमी हो गई थी। अब ब्रूनो नाराज़ और खिन्न था। आख़िरकार पाब्लो का बड़ा दिन आ गया – पाइपलाइन पूरी हो गई। गाँव वालों ने आस-पास भीड़ लगा ली, जब पानी पाइपलाइन से बहता हुआ गाँव के हौज में आ गया।

अब गाँव के पास ताज़े पानी की स्थायी आपूर्ति हो चुकी थी, इसलिए आस-पास के इलाक़े के लोग उस गाँव में आकर बसने लगे और इसका विकास हुआ तथा यह समृद्ध हुआ। गाँव में जितना ज़्यादा पानी बहकर आता था, उतना ही ज़्यादा पैसा बहकर पाब्लो की जेब में आ जाता था। 

क्या आपको सिर्फ़ तभी पैसे मिलते हैं, जब आप ख़ुद जाकर काम करते हैं, बाल्टी वाले हम्माल ब्रूनो की तरह? या फिर आप एक बार काम करते हैं और आपको उसके बदले में बार-बार पैसे मिलते हैं, पाइपलाइन निर्माता पाब्लो की तरह।

अगर आप ज़्यादातर लोगों जैसे हैं, तो आप बाल्टी ढोने वाली योजना पर काम कर रहे हैं। एक महीने के काम के बदले एक महीने का भुगतान। बाल्टी ढोने के साथ समस्या यह है कि जब बाल्टी ढोना बंद हो जाता है, तो पैसा आना भी बंद हो जाता है।

अगर ब्रूनो किसी दिन सुबह उठे और उसकी पीठ अकड़ी हुई हो और वह बिस्तर से न उठ पाए, तो वह उस दिन उसे कोई पैसे नहीं मिलेंगे । यही बाल्टी ढोने वाली हर नौकरी में होता है। 

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बाल्टियाँ चाहे कितनी ही बड़ी क्यों न हों, वे अंततः सूख जाएँगी। दूसरी तरफ़, पाइपलाइनें हमेशा क़ायम रहेंगी। लेकिन पाइपलाइन बनाने की ख़ातिर त्याग करना पड़ता है। पाइपलाइनें अपने आप नहीं बन जातीं। उन्हें बनाने के लिए आपको समय निकालना पड़ता है और मेहनत करनी होती है।

दोस्तों, अगर आप लीवरेज के लाभों का आनंद लेना चाहते हैं, तो आपको भी वह करने की ज़रूरत है कि पाब्लो जैसे पाइपलाइन निर्माताओं ने किया – अपने समय और धन की लीवरेजिंग करने की प्रणाली आज ही खोजें… और आने वाले कल में एक बड़े पुरस्कार का आनंद लें!

में आपको एक और कहानी इसी  बुक से सुनाता हूँ जिससे आप कम्पाउंडिंग, शेयर  मार्किट और मीचुअल फण्ड के बारें में आसानी से समझ पाएंगे

Pablo and Bruno Story – The Parable of the Pipeline book summary in Hindi

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चीन का एक प्राचीन सम्राट “शतरंज” नामक एक नए खेल से प्रेम करने लगा। सम्राट ने शतरंज ईजाद करने वाले को पुरस्कार देने का निर्णय लिया। उसने आविष्कारक को शाही महल में तलब किया और अदालत के सामने घोषणा की कि आविष्कारक की एक इच्छा पूरी की जाएगी।

मेरी इच्छा यह है कि आप मुझे चावल का एक दाना दे दें।” “बस चावल का एक दाना?” हैरान सम्राट ने पूछा। “देखिए, शतरंज की बिसात के पहले चौखाने के लिए सिर्फ़ एक दाना,” आविष्कारक ने कहा। “फिर दूसरे चौखाने के लिए उसे दोगुना करके दो दाने कर दें… तीसरे चौखाने के लिए चार दाने… और तब तक, जब तक कि चावल का अकेला दाना शतरंज की बिसात के सभी चौखानों में दोगुना हो जाए।

बस मेरी इतनी ही इच्छा है।” सम्राट बहुत ख़ुश हुआ। “मुझे इतने सस्ते में इतना अद्भुत खेल मिल रहा है। मंजूर है!” सम्राट चिल्लाया। “शतरंज की बिसात बिछाओ और यहाँ मौजूद हर व्यक्ति को हमारे अनुबंध का गवाह बनने दो।”

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पूरा दरबार शतरंज की बिसात के चारों ओर इकट्ठा हो गया। रसोई का सेवक चावल का आधा किलो का थैला लेकर आया और इसे आविष्कारक को थमा दिया। इसके बाद आविष्कारक बोर्ड पर चावल के दाने रखने लगा और दानों की संख्या दोगुनी करता गया : देखने वाले हँसे और एक दूसरे को टहोका लगाया, जब आठ चौखानों की पहली क़तार भरी गई… 1… 2… 4… 8… 16… 32… 64… 128 दाने।

लेकिन खी- खी जल्दी ही दूसरी क़तार के बीच तक ऊह- आह में बदल गई, क्योंकि चावल के छोटे ढेर जल्दी ही दोगुने होकर छोटे थैलों में बदल गए… जो दोगुने होकर चावल के मध्यम आकार के थैले हो गए… जो दोगुने होकर चावल के बड़े थैले बन गए।

दूसरी कतार के अंत तक सम्राट समझ गया कि उससे बहुत बड़ी ग़लती हो गई है। आविष्कारक को देने वाले कुल दानों की संख्या 32,768 हो गई थी – जबकि अभी 48 चौखाने बचे हुए थे! सम्राट ने इस प्रक्रिया को बंद कर दिया और देश के सबसे समझदार गणितज्ञों को बुलाया।

उन्होंने बताया की अगर चावल का एक दाना 64 चौखानों वाली शतरंज की बिसात के हर चौखाने पर दोगुना होता है, तो आख़िरी चौखाने में कुल 18 मिलियन ट्रिलियन चावल के दाने होंगे – जो संसार में उपलब्ध कुल चावल का दस गुना है! सम्राट ने यह काम रोककर आविष्कारक के सामने एक ऐसा प्रस्ताव रखा – अगर आविष्कारक सम्राट को उसके वादे से मुक्त कर देता है, तो आविष्कारक को देहात में एक जायदाद दे दी जाएगी, जिसमें सैकड़ों एकड़ उपजाऊ चावल के खेत थे। आविष्कारक ख़ुशी- ख़ुशी मान गया। 

दोस्तों इस उदाहरण  से आप कम्पाउंडिंग की पावर को तो समझ ही गए होंगे।  अगर आपने छोटे से बचत को लम्बे समय तक निवेश करते है तो आप भी अमीर बन सकते है इसलिए आपको सबसे पहले ख़ुद को भुगतान करना होगा। हर महीने सबसे पहले नियम से निवेश ख़ातों में पैसे डालकर “ख़ुद को पैसे दें” – और फिर उस पैसे को कम्पाउंडिंग होने के लिए छोड़ दें।

अपनी निवेश पाइपलाइन में पैसे डालने का सबसे अच्छा तरीक़ा यह है कि हर महीने अपनी आमदनी की बाल्टी में से थोड़ा पैसा निकालें और इसे अपनी पाइपलाइनों में जमा कर दें। 

दोस्तों इस आर्टिकल में बस इतना है आपको ये आर्टिकल कैसा लगा हमें कमैंट कर के जरूर बताये और आर्टिकल को लाइक कीजिये और शेयर कीजिये तो मिलते हैं नेक्स्ट आर्टिकल में थैंक्स फॉर रीडिंग ।

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S.K. Choudhary

नमस्कार दोस्तों, हमारे इस ब्लॉग में आपका स्वागत है, मेरा नाम है S.K. Choudhary (ऐस. के. चौधरी) और मैं एक ब्लॉगर और यूटूबर हूँ। में एक प्राइवेट कंपनी में जॉब करता हूँ और मेरा highest एजुकेशन MBA Finance है। मुझे पढ़ने और पढ़ाने का शोख है इसलिए में पार्ट टाइम मैं ब्लॉग लिखता हूँ और यूट्यूब के लिए बुक समरी और मोटिवेशनल वीडियो बनता हूँ।

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