You Can You Will Book Summary in Hindi में आज हम अमेरिका के मशहूर लेखक और वक्ता जोएल ओस्टीन (Joel Osteen) की किताब “You Can, You Will: 8 Undeniable Qualities of a Winner” की सीख आसान भाषा में समझेंगे। इस किताब का मूल संदेश है कि जीतने वाले लोग अलग से पैदा नहीं होते, बल्कि उनमें कुछ ख़ास गुण होते हैं, और ये गुण कोई भी अपने अंदर विकसित कर सकता है।
आपके क्या लक्ष्य हैं? अब तक आपने क्या हासिल किया? जीवन के प्रति आपका नज़रिया कैसा है? इन्हीं बातों से तय होता है कि आप आगे कितनी तरक्की करेंगे। यह किताब इन्हीं सवालों पर 8 गुण बताती है।
छोटा जवाब: “You Can, You Will” के अनुसार जीतने वाला व्यक्ति अपना लक्ष्य हमेशा आँखों के सामने रखता है, अपनी रेस ख़ुद दौड़ता है, अच्छे की उम्मीद रखता है, सकारात्मक रहता है, हर काम में अपना सबसे अच्छा देता है, दूसरों को आगे बढ़ाता है, उत्साह से जीता है, और कठिन समय में भी विश्वास नहीं छोड़ता।

विषय सूची
You Can You Will किताब: एक नज़र में
| बात | जानकारी |
|---|---|
| किताब | You Can, You Will: 8 Undeniable Qualities of a Winner |
| लेखक | जोएल ओस्टीन (Joel Osteen) |
| पहली बार छपी | 2014 |
| किस बारे में | जीतने वाले लोगों के 8 गुण और उन्हें अपनाने के तरीके |
| किसके लिए | छात्र, नौकरीपेशा, व्यापारी, हर वह व्यक्ति जो जीवन में आगे बढ़ना चाहता है |
| सबसे बड़ी सीख | आपकी सोच और उम्मीदें आपकी ज़िंदगी की दिशा तय करती हैं |
जीतने वालों के 8 गुण: एक नज़र में
| गुण | एक लाइन में |
|---|---|
| 1. लक्ष्य सामने रखें | जो बार बार देखते हैं, मन उसी ओर चलता है |
| 2. अपनी रेस ख़ुद दौड़ें | सबको ख़ुश रखना असंभव है |
| 3. अच्छे की उम्मीद रखें | उम्मीद से ही दिन की दिशा बनती है |
| 4. सकारात्मक रहें, बहाने न बनाएँ | ज़िंदगी की गाड़ी का स्टीयरिंग आपके हाथ में है |
| 5. अपना सबसे अच्छा दें | औसत की जगह बेहतरीन चुनें |
| 6. दूसरों को आगे बढ़ाएँ | जो दूसरों को उठाता है, वह ख़ुद ऊपर उठता है |
| 7. उत्साह से जिएँ | जोशीले लोग जल्दी तरक्की करते हैं |
| 8. विश्वास बनाए रखें | कठिन समय में विश्वास ही सहारा है |
You Can You Will Book Summary in Hindi: 8 गुण विस्तार से
1. अपना लक्ष्य अपने सामने रखें
अध्ययन बताते हैं कि जब आप किसी चीज़ को बार बार देखते हैं, तो वह आपके अवचेतन (subconscious) मन में बैठ जाती है, और फिर मन उसी दिशा में काम करने लगता है। जोएल ओस्टीन सलाह देते हैं कि अपने सपने से जुड़ी कोई तस्वीर, कोई वाक्य या कोई चीज़ ऐसी जगह रखें, जहाँ वह रोज़ आपकी नज़र में आए।
नकारात्मक विचारों को कभी ख़ुद पर हावी न होने दें। ऐसे विचार आपकी सफलता पर गहरा असर डालते हैं, क्योंकि वे आपको आगे बढ़ने से रोकते हैं और आपका आत्मविश्वास कमज़ोर करते हैं।
करके देखें: अपना एक बड़ा लक्ष्य काग़ज़ पर लिखकर मोबाइल के वॉलपेपर, अलमारी या पढ़ाई की मेज़ पर लगाएँ।
2. अपनी रेस ख़ुद दौड़ें
आपकी रोज़ की ज़िंदगी में ऐसे बहुत लोग होंगे, जो आपकी ज़िंदगी को अपने हिसाब से चलाने की कोशिश करते होंगे। किसी ने एक बार कहा था: “20 की उम्र में हमें फ़िक्र रहती है कि सब हमारे बारे में क्या सोचते हैं, 40 में हम परवाह करना छोड़ देते हैं, और 60 में समझ आता है कि कोई हमारे बारे में सोच ही नहीं रहा था।”
दादा, पोता और गधे की कहानी: एक दादा और उसका पोता गधे के साथ बाज़ार जा रहे थे। पोता गधे पर बैठा था और दादा पैदल चल रहा था। लोग बोले, “कैसा बेशर्म लड़का है, बूढ़ा दादा पैदल चल रहा है।” दादा ने पोते को उतारा और ख़ुद बैठ गया। आगे लोग बोले, “कैसा दादा है, छोटा बच्चा पैदल चल रहा है।” अब दोनों गधे पर बैठ गए। लोग बोले, “बेचारे गधे पर दो दो लोग, कितने निर्दयी हैं।” आख़िर में दोनों पैदल चलने लगे, तो लोग हँसे, “कैसे मूर्ख हैं, गधा साथ है और पैदल चल रहे हैं।”
कहानी का सार: आप चाहे जो कर लें, सबको एक साथ ख़ुश नहीं रख सकते। इसलिए अपनी ज़िंदगी का लक्ष्य ख़ुद तय करें और अपनी रेस ख़ुद दौड़ें। दूसरों से तुलना करने की जगह अपने कल से अपनी तुलना करें।

3. अपने जीवन में अच्छी चीज़ों की उम्मीद रखें
जब आप अपने लिए अच्छे की उम्मीद करते हैं, तो आपका व्यवहार भी वैसा ही बनता है, और अच्छे मौके आपकी ओर आने लगते हैं। पर जब आप बार बार बुरा ही सोचते हैं, तो मन बुरे के लिए ही तैयार रहता है।
हर सुबह यह सोचकर उठिए कि आज का दिन शानदार होगा। अगर आप किसी परीक्षा या इंटरव्यू के लिए जा रहे हैं, तो उम्मीद कीजिए कि आप बहुत अच्छा करेंगे। ऐसी सोच घबराहट कम करती है।
यादों का रिमोट: ओस्टीन कहते हैं कि अपने दिमाग़ को एक टीवी समझिए और उसका रिमोट अपने हाथ में रखिए। जो यादें आपको ख़ुशी और उत्साह से भर देती हैं, सिर्फ़ उन्हीं का चैनल चलाइए। वह समय याद कीजिए, जब आपको लगता था कि सब कुछ ग़लत हो रहा है, और फिर कुछ दिन बाद ही सब ठीक हो गया था। ऐसी यादें बताती हैं कि इस बार भी सब ठीक हो सकता है।
4. सकारात्मक सोच रखें और बहाने न बनाएँ
कल्पना कीजिए कि आप एक गाड़ी चला रहे हैं, जिसका पूरा नियंत्रण आपके हाथ में है। आप चाहें तो उसे आगे ले जाएँ, चाहें तो रोक दें। ज़िंदगी भी ऐसी ही गाड़ी है।
हम में से बहुत लोग अपनी हर असफलता का दोष हालात पर डाल देते हैं: “मेरे पास पैसा नहीं था”, “मेरा परिवार साथ नहीं था”। पर ये सब बहाने हैं। जो बातें आपके नियंत्रण से बाहर हैं, उन्हें अपनी ख़ुशी या दुख की वजह मत बनने दीजिए। और अगर किसी कारण से आपको मनचाहा न मिले, तब भी निराश होकर यह मत कहिए कि “मेरी क़िस्मत ही ख़राब है।” हर हार में अगली जीत की तैयारी छिपी होती है।
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5. अपना सबसे अच्छा देने की कोशिश करें
औसत इंसान बनकर रहने की जगह सबसे बेहतर बनने की कोशिश करें। ज़रूरी नहीं कि हर बार आप अपने मकसद में सफल हों, फिर भी आपको संतोष रहेगा कि आपने अपना सबसे अच्छा दिया।
छोटी आदतें जो बड़ा फ़र्क लाती हैं:
- रोज़ अपने समय से 10 मिनट पहले उठें।
- काम पर या क्लास में 5 मिनट पहले पहुँचें।
- जो काम मिले, उसे थोड़ा सा उम्मीद से ज़्यादा अच्छा करके दें।
- हर रोज़ सोने से पहले ख़ुद से पूछें: “आज मैं साधारण रहा या कुछ बेहतर किया?”
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6. दूसरों को आगे बढ़ाएँ (सेवा करें)
सेवा करने का मतलब सिर्फ़ दोस्तों या साथियों की मदद करना नहीं, बल्कि उन सब लोगों का ख़याल रखना है, जो आपकी ज़िंदगी में शामिल हैं: परिवार, जीवनसाथी, सहकर्मी, पड़ोसी। ओस्टीन कहते हैं कि जीतने वाले लोग “पीपल बिल्डर” होते हैं, यानी वे दूसरों का हौसला बढ़ाते हैं।
आप काम के लिए किसी को भी पैसे देकर रख सकते हैं, पर ज़िंदगी के सुख दुख बाँटने के लिए आपको एक जीवनसाथी और अपनों की ज़रूरत होती है। उनकी तारीफ़ करें, उनके छोटे कामों के लिए धन्यवाद कहें। यकीन मानिए, वे ख़ुशी से भर उठेंगे और बदले में आपको भी ढेर सारी ख़ुशियाँ देंगे।
7. उत्साह से जिएँ
ख़ुद से एक सवाल कीजिए: “क्या मैं सच में जी रहा हूँ?” इसका मतलब सिर्फ़ ज़िंदा रहना और खाना खाना नहीं है, बल्कि हर दिन को जोश और रुचि के साथ जीना है।
अध्ययन बताते हैं कि जोशीले लोग अक्सर बेहतर काम करते हैं और दूसरों की तुलना में उनकी तरक्की भी जल्दी होती है। उत्साह संक्रामक होता है: जब आप जोश से काम करते हैं, तो आपके आसपास के लोग भी जोश में आ जाते हैं।
8. विश्वास बनाए रखें
किताब में एक 40 साल की महिला की कहानी आती है, जिसकी ओपन हार्ट सर्जरी के बाद उसका दिल धड़कना शुरू नहीं हुआ। डॉक्टरों ने बहुत कोशिश की, और उस महिला के परिवार ने विश्वास नहीं छोड़ा। आख़िरकार उसका दिल फिर से धड़कने लगा। ओस्टीन इसे विश्वास की शक्ति का उदाहरण मानते हैं।
विश्वास का मतलब यह नहीं कि मेहनत छोड़ दें। इसका मतलब है कि पूरी मेहनत करें और नतीजे को लेकर डर में न जिएँ। भगवद गीता भी यही सिखाती है: “कर्मण्येवाधिकारस्ते मा फलेषु कदाचन”, यानी कर्म करना तुम्हारे हाथ में है, फल की चिंता में मत उलझो।
किताब से रोज़ के 7 अभ्यास
| दिन का समय | अभ्यास |
|---|---|
| सुबह उठते ही | “आज का दिन शानदार होगा” सोचना |
| सुबह | अपना लक्ष्य लिखा हुआ पढ़ना |
| दिन में | एक काम उम्मीद से बेहतर करना |
| दिन में | किसी एक व्यक्ति की सच्ची तारीफ़ करना |
| शाम | दूसरों से तुलना की जगह अपने कल से तुलना |
| रात | दिन की 3 अच्छी बातें याद करना |
| रात | ख़ुद से पूछना: “आज मैं साधारण रहा या बेहतर?” |
You Can You Will किताब किसे पढ़नी चाहिए
- जो छात्र परीक्षा या करियर को लेकर घबराते हैं।
- जो लोग दूसरों की राय से बहुत परेशान रहते हैं।
- जो बार बार असफलता से निराश हो चुके हैं।
- जो अपनी ज़िंदगी में उत्साह और दिशा वापस लाना चाहते हैं।
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अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
You Can You Will किताब के लेखक कौन हैं?
इस किताब के लेखक जोएल ओस्टीन (Joel Osteen) हैं, जो अमेरिका के मशहूर लेखक और वक्ता हैं। किताब 2014 में छपी थी।
You Can You Will किताब में जीतने वालों के कौन से 8 गुण बताए गए हैं?
लक्ष्य सामने रखना, अपनी रेस ख़ुद दौड़ना, अच्छे की उम्मीद रखना, सकारात्मक रहना, अपना सबसे अच्छा देना, दूसरों को आगे बढ़ाना, उत्साह से जीना और विश्वास बनाए रखना।
You Can You Will किताब की सबसे बड़ी सीख क्या है?
आपकी सोच और उम्मीदें आपकी ज़िंदगी की दिशा तय करती हैं। जीतने वाले अलग से पैदा नहीं होते, ये गुण कोई भी अपने अंदर विकसित कर सकता है।
“अपनी रेस ख़ुद दौड़ो” का क्या मतलब है?
दूसरों की राय और तुलना में उलझने की जगह अपना लक्ष्य ख़ुद तय करना और अपने कल से अपनी तुलना करना, क्योंकि सबको एक साथ ख़ुश रखना असंभव है।
क्या You Can You Will हिंदी में मिलती है?
हाँ, इसका हिंदी अनुवाद भी उपलब्ध है। नीचे दिए लिंक से आप किताब देख सकते हैं।
यह किताब किसके लिए अच्छी है?
छात्रों, नौकरीपेशा लोगों, व्यापारियों और हर उस व्यक्ति के लिए जो निराशा से निकलकर ज़िंदगी में उत्साह और दिशा चाहता है।
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आपको इन 8 गुणों में से कौन सा सबसे ज़रूरी लगता है, कमेंट में ज़रूर बताइए। अपना बहुमूल्य समय देने के लिए आपका दिल से शुक्रिया।





