महात्मा गांधी के 50 अनमोल विचार (Mahatma Gandhi Quotes in Hindi): अर्थ और सही स्रोत के साथ

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Top 50 Mahatma Gandhi quotes in Hindi : इस लेख, Top 50 Mahatma Gandhi quotes in Hindi, के माध्यम से में महात्मा गांधी के 50 अनमोल वचन आपसे साझा करूँगा। जैसा की आप जानते है कि सत्य और अहिंसा की राह पर चलते हुए अपने कर्तव्यों का पालन करने की सीख गांधी जी को उनकी माँ से मिली थी। इंग्लैंड पढ़ाई के दौरान उन्हें कई बार अपमान सहना पड़ा था फिर भी वह रास्ते से अडिग नहीं हुए। तो चलिए शुरू करते हैं पहले अनमोल वचन से

महात्मा गांधी के सबसे प्रसिद्ध विचार सत्य, अहिंसा, आत्म संयम और सादगी के इर्द गिर्द घूमते हैं। नीचे उनके 50 अनमोल विचार हैं। सूची के बाद 10 सबसे प्रसिद्ध विचारों का अर्थ, छात्रों के लिए चुने हुए विचार, और वो पंक्तियाँ भी हैं जो गांधी जी के नाम से फैली तो बहुत हैं, पर उनके लेखन में नहीं मिलतीं।

विषय सूची

छोटा जवाब: गांधी जी के 5 सबसे प्रसिद्ध विचार

  1. “पृथ्वी सभी मनुष्यों की ज़रूरत पूरी करने के लिए पर्याप्त संसाधन देती है, लेकिन लालच पूरा करने के लिए नहीं।”
  2. “प्रेम की शक्ति दंड की शक्ति से हज़ार गुनी प्रभावशाली और स्थायी होती है।”
  3. “पूरे विश्वास के साथ बोला गया ‘नहीं’, सिर्फ़ दूसरों को ख़ुश करने के लिए बोले गए ‘हाँ’ से बेहतर है।”
  4. “क्रोध और असहिष्णुता सही समझ के दुश्मन हैं।”
  5. “थोड़ा सा अभ्यास बहुत सारे उपदेशों से बेहतर है।”

Top 50 Mahatma Gandhi quotes in Hindi: महात्मा गांधी के 50 अनमोल वचन

“आदमी अक्सर वह बन जाता है जो वह होने में यक़ीन करता है। अगर मैं ख़ुद से यह कहता रहूँ कि मैं फ़लां चीज नहीं कर सकता, तो यह संभव है कि मैं शायद सचमुच वह करने में असमर्थ हो जाऊँ। इसके विपरीत, अगर मैं यह यक़ीन करूँ कि मैं ये कर सकता हूँ, तो मैं निश्चित रूप से उसे करने की क्षमता पा लूँगा, भले ही शुरू में मेरे पास वह क्षमता ना रही हो।” (Mahatma Gandhi)


Top 50 Mahatma Gandhi quotes in Hindi
Top 50 Mahatma Gandhi Quotes in Hindi

“आप मुझे जंजीरों में जकड़ सकते हैं, यातना दे सकते हैं, यहाँ तक की आप इस शरीर को नष्ट कर सकते हैं, लेकिन आप कभी मेरे विचारों को क़ैद नहीं कर सकते।” (Mahatma Gandhi)


“निरंतर विकास जीवन का नियम है और जो व्यक्ति ख़ुद को सही दिखाने के लिए हमेशा अपनी रूढ़िवादिता को बरकरार रखने की कोशिश करता है वह ख़ुद को ग़लत स्थिति में पंहुचा देता है।” महात्मा गाँधी


“मैं हिंसा का विरोध करता हूँ क्योंकि जब ऐसा लगता है कि वह अच्छा कर रही है तब वह अच्छाई अस्थायी होती है; और वह जो बुराई करती है वह स्थायी होती है।” (Mahatma Gandhi)


“थोडा-सा अभ्यास बहुत सारे उपदेशों से बेहतर है।” (Mahatma Gandhi)


“मेरी अनुमति के बिना कोई भी मुझे ठेस नहीं पहुँचा सकता।” (Mahatma Gandhi)


“निरंतर विकास जीवन का नियम है और जो व्यक्ति ख़ुद को सही दिखाने के लिए हमेशा अपनी को बरकरार रखने की कोशिश करता है वह ख़ुद को ग़लत इस्थिति में पंहुचा देता है।” (Mahatma Gandhi)


“मैं तुम्हे शांति का प्रस्ताव देता हूँ। मैं तुम्हे प्रेम का प्रस्ताव देता हूँ। मैं तुम्हारी सुन्दरता देखता हूँ। मैं तुम्हारी आवश्यकता सुनता हूँ। मैं तुम्हारी भावना महसूस करता हूँ।” (Mahatma Gandhi)


“आपकी मान्यताएँ आपके विचार बन जाते हैं, आपके विचार आपके शब्द बन जाते हैं, आपके शब्द आपके कार्य बन जाते हैं, आपके कार्य आपकी आदत बन जाते हैं, आपकी आदतें आपके मूल्य बन जाते हैं, आपके मूल्य आपकी नियति बन जाती है।” (Mahatma Gandhi)


“अपने ज्ञान के प्रति ज़रुरत से अधिक यक़ीन करना मूर्खता है। यह याद दिलाना ठीक होगा कि सबसे मज़बूत कमजोर हो सकता है और सबसे बुद्धिमान गलती कर सकता है।” (Mahatma Gandhi)


“अपनी बुद्धिमता को लेकर बेहद निश्चित होना बुद्धिमानी नहीं है। यह याद रखना चाहिए की ताकतवर भी कमजोर हो सकता है और बुद्धिमान से भी बुद्धिमान गलती कर सकता है।” (Mahatma Gandhi)


“गुलाब को उपदेश देने की आवश्यकता नहीं होती है। वह तो केवल अपनी ख़ुशी बिखेरता है। उसकी खुशबु ही उसका संदेश है।” (Mahatma Gandhi)


“समाज में से धर्म को निकाल फेंकने का प्रयत्न बांझ के पुत्र करने जितना ही निष्फल है और अगर कहीं सफल हो जाय तो समाज का उसमे नाश होता है।” (Mahatma Gandhi)


Mahatma Gandhi Quotes  in Hindi
Mahatma Gandhi Quotes in Hindi

“व्यक्ति अपने विचारों से निर्मित एक प्राणी है, वह जो सोचता है वही बन जाता है।” (Mahatma Gandhi)


“पृथ्वी सभी मनुष्यों की ज़रुरत पूरी करने के लिए पर्याप्त संसाधन प्रदान करती है, लेकिन लालच पूरी करने के लिए नहीं।” (Mahatma Gandhi)


“मृत, अनाथ और बेघर को इससे क्या फ़र्क़ पड़ता है कि यह तबाही सर्वाधिकार या फिर स्वतंत्रता या लोकतंत्र के पवित्र नाम पर लायी जाती है?” (Mahatma Gandhi)


“जब मैं निराश होता हूँ, मैं याद कर लेता हूँ कि समस्त इतिहास के दौरान सत्य और प्रेम के मार्ग की ही हमेशा विजय होती है। कितने ही तानाशाह और हत्यारे हुए हैं और कुछ समय के लिए वह अजेय लग सकते हैं, लेकिन अंत में उनका पतन होता है। इसके बारे में सोचो-हमेशा।” (Mahatma Gandhi)


“हमेशा अपने विचारों, शब्दों और कर्म के पूर्ण सामंजस्य का लक्ष्य रखें। हमेशा अपने विचारों को शुद्ध करने का लक्ष्य रखें और सब कुछ ठीक हो जायेगा।” (Mahatma Gandhi)


“चलिए सुबह का पहला काम ये करें कि इस दिन के लिए संकल्प करें कि-मैं दुनिया में किसी से डरूंगा नहीं। मैं केवल भगवान से डरूं। मैं किसी के प्रति बुरा भाव ना रखूं। मैं किसी के अन्याय के समक्ष झुकूं नहीं। मैं असत्य को सत्य से जीतुं और असत्य का विरोध करते हुए, मैं सभी कष्टों को सह सकूँ।” (Mahatma Gandhi)


“जो भी चाहे अपनी अंतरात्मा की आवाज़ सुन सकता है। वह सबके भीतर है।” (Mahatma Gandhi)


“विश्वास को हमेशा तर्क से तौलना चाहिए. जब विश्वास अँधा हो जाता है तो मर जाता है।” (Mahatma Gandhi)


“सात घनघोर पाप: काम के बिना धन; अंतरात्मा के बिना सुख; मानवता के बिना विज्ञान; चरित्र के बिना ज्ञान; सिद्धांत के बिना राजनीति; नैतिकता के बिना व्यापार; त्याग के बिना पूजा।” (महात्मा गाँधी)


Mahatma Gandhi Best Quotes  in Hindi
Mahatma Gandhi Best Quotes in Hindi

“हो सकता है आप कभी ना जान सकें कि आपके काम का क्या परिणाम हुआ, लेकिन यदि आप कुछ करेंगे नहीं तो कोई परिणाम नहीं होगा।” (महात्मा गाँधी)


“पूर्ण धारणा के साथ बोला गया “नहीं” सिर्फ़ दूसरों को खुश करने या समस्या से छुटकारा पाने के लिए बोले गए “हाँ” से बेहतर है।” (महात्मा गाँधी)


“अपनी गलती को स्वीकारना झाड़ू लगाने के सामान है जो सतह को चमकदार और साफ़ कर देती है।” (महात्मा गाँधी)


“पहले वह आप पर ध्यान नहीं देंगे, फिर वह आप पर हँसेंगे, फिर वह आप से लड़ेंगे और तब आप जीत जायेंगे।” (महात्मा गाँधी)


“मौन सबसे सशक्त भाषण है, धीरे-धीरे दुनिया आपको सुनेगी।” (महात्मा गाँधी)


“प्रेम की शक्ति दण्ड की शक्ति से हज़ार गुनी प्रभावशाली और स्थायी होती है।” (महात्मा गाँधी)


“सुख बाहर से मिलने की चीज नहीं, मगर अहंकार छोड़े बगैर इसकी प्राप्ति भी होने वाली नहीं।” (Mahatma Gandhi)


“अन्य से पृथक रखने का प्रयास करे।” (महात्मा गाँधी)


“अहिंसात्मक युद्ध में अगर थोड़े भी मर मिटने वाले लड़ाके मिलेंगे तो वे करोड़ो की लाज रखेंगे और उनमे प्राण फूकेंगे। अगर यह मेरा स्वप्न है, तो भी यह मेरे लिए मधुर है।” (महात्मा गाँधी)


Top 50 Mahatma Gandhi quotes in Hindi

Mahatma Gandhi ke Anmol Vachan
Mahatma Gandhi ke Anmol Vachan

Top 50 Mahatma Gandhi quotes in Hindi

“प्रार्थना या भजन जीभ से नहीं ह्रदय से होता है। इसी से गूंगे, तोतले और मूढ भी प्रार्थना कर सकते है।” (महात्मा गाँधी)


“हमेशा अपने विचारों, शब्दों और कर्म के पूर्ण सामंजस्य का लक्ष्य रखें। हमेशा अपने विचारों को शुद्ध करने का लक्ष्य रखें और सब कुछ ठीक हो जायेगा।” (महात्मा गाँधी)


“पुस्तकों का मूल्य रत्नों से भी अधिक है, क्योंकि पुस्तकें अन्तःकरण को उज्ज्वल करती हैं।” (महात्मा गाँधी)


“विश्व इतिहास में आजादी के लिए लोकतान्त्रिक संघर्ष हमसे ज़्यादा वास्तविक किसी का नहीं रहा है। मैने जिस लोकतंत्र की कल्पना की है, उसकी स्थापना अहिंसा से होगी। उसमे सभी को समान स्वतंत्रता मिलेगी। हर व्यक्ति ख़ुद का मालिक होगा।” (महात्मा गाँधी)


“खुद वह बदलाव बनिए जो दुनिया में आप देखना चाहते हैं।” (महात्मा गाँधी)


Top 50 Mahatma Gandhi quotes in Hindi

Mahatma Gandhi ke Anmol Vichar in hindi
Mahatma Gandhi ke Anmol Vichar in hindi

Top 50 Mahatma Gandhi quotes in Hindi

“भूल करने में पाप तो है ही, परन्तु उसे छुपाने में उससे भी बड़ा पाप है।” (महात्मा गाँधी)


“शांति का कोई रास्ता नहीं है, केवल शांति है।” (महात्मा गाँधी)


“आप मानवता में विश्वास मत खोइए। मानवता सागर की तरह है; अगर सागर की कुछ बूँदें गन्दी हैं, तो सागर गन्दा नहीं हो जाता।” (महात्मा गाँधी)


“प्रार्थना माँगना नहीं है। यह आत्मा की लालसा है। यह हर रोज़ अपनी कमजोरियों की स्वीकारोक्ति है। प्रार्थना में बिना वचनों के मन लगाना, वचन होते हुए मन ना लगाने से बेहतर है।” (महात्मा गाँधी)


“चिंता से अधिक कुछ और शरीर को इतना बर्बाद नहीं करता और वह जिसे ईश्वर में थोडा भी यक़ीन है उसे किसी भी चीज के बारे में चिंता करने पर शर्मिंदा होना चाहिए।” (महात्मा गाँधी)


“क्रोध और असहिष्णुता सही समझ के दुश्मन हैं।” (महात्मा गाँधी)


“अपनी गलती को स्वीकारना झाड़ू लगाने के सामान है जो धरातल की सतह को चमकदार और साफ़ कर देती है।” (महात्मा गाँधी)


“जो समय बचाते हैं, वे धन बचाते हैं और बचाया हुआ धन, कमाएँ हुए धन के बराबर है।” (महात्मा गाँधी)


“वास्तविक सोन्दर्य ह्रदय की पवित्रता में है।” (महात्मा गाँधी)


“भविष्य में क्या होगा, मैं यह नहीं सोचना चाहता। मुझे वर्तमान की चिंता है। ईश्वर ने मुझे आने वाले क्षणों पर कोई नियंत्रण नहीं दिया है।” (महात्मा गाँधी)


“क्रोध को जीतने में मौन सबसे अधिक सहायक है।” (महात्मा गाँधी)


“कुछ लोग सफलता के सपने देखते हैं जबकि अन्य व्यक्ति जागते हैं और कड़ी मेहनत करते हैं।” (महात्मा गाँधी)


“पूंजी अपने-आप में बुरी नहीं है, उसके ग़लत उपयोग में ही बुराई है। किसी ना किसी रूप में पूंजी की आवश्यकता हमेशा रहेगी।” महात्मा गाँधी


गांधी जी के 10 सबसे प्रसिद्ध विचार, अर्थ के साथ

1. “पृथ्वी सभी मनुष्यों की ज़रूरत पूरी करने के लिए पर्याप्त संसाधन देती है, लेकिन लालच पूरा करने के लिए नहीं।” अर्थ: कमी संसाधनों की नहीं, लालच की है। ज़रूरत की सीमा होती है, लालच की कोई सीमा नहीं। ये बात प्यारेलाल की किताब “Mahatma Gandhi: The Last Phase” (1958) में गांधी जी के कथन के रूप में दर्ज है, और आज पर्यावरण की बहस में सबसे ज़्यादा उद्धृत होती है।

2. “प्रेम की शक्ति दंड की शक्ति से हज़ार गुनी प्रभावशाली और स्थायी होती है।” अर्थ: डर से आदमी झुकता है, पर बदलता नहीं। प्रेम से मिला सम्मान लंबा टिकता है। घर, स्कूल और दफ़्तर, तीनों जगह यही नियम चलता है।

3. “पूरे विश्वास के साथ बोला गया ‘नहीं’, सिर्फ़ दूसरों को ख़ुश करने के लिए बोले गए ‘हाँ’ से बेहतर है।” अर्थ: मन के ख़िलाफ़ दी गई “हाँ” बाद में बोझ बनती है। साफ़ और विनम्र “नहीं” कहना भी सच का हिस्सा है।

4. “अपनी गलती को स्वीकारना झाड़ू लगाने के समान है, जो सतह को चमकदार और साफ़ कर देती है।” अर्थ: गलती मान लेने से आदमी छोटा नहीं होता, हल्का होता है। छिपाई गई गलती अंदर से बोझ बनती है।

5. “क्रोध और असहिष्णुता सही समझ के दुश्मन हैं।” अर्थ: गुस्से में आदमी सुनना बंद कर देता है, और बिना सुने समझ नहीं बनती। बहस जीतने से पहले बात समझना ज़रूरी है।

6. “मैं हिंसा का विरोध करता हूँ, क्योंकि जब वो भलाई करती दिखती है, तब वो भलाई अस्थायी होती है, और जो बुराई करती है वो स्थायी होती है।” अर्थ: हिंसा से मिली जीत नई दुश्मनी पैदा करती है। यही गांधी जी की अहिंसा का मूल तर्क था।

7. “थोड़ा सा अभ्यास बहुत सारे उपदेशों से बेहतर है।” अर्थ: गांधी जी ने जो कहा, पहले ख़ुद करके दिखाया: चरखा, सादा खाना, अपने काम ख़ुद करना। सौ भाषण एक उदाहरण के बराबर नहीं।

8. “भूल करने में पाप तो है ही, परन्तु उसे छुपाने में उससे भी बड़ा पाप है।” अर्थ: ग़लती इंसान से होती है, पर उसे छुपाना चुनाव है। उनकी आत्मकथा “सत्य के प्रयोग” में उन्होंने अपनी गलतियाँ खुलकर लिखी हैं।

9. “सात घनघोर पाप: काम के बिना धन, अंतरात्मा के बिना सुख, मानवता के बिना विज्ञान, चरित्र के बिना ज्ञान, सिद्धांत के बिना राजनीति, नैतिकता के बिना व्यापार, त्याग के बिना पूजा।” अर्थ: हर अच्छी चीज़ अपने साथ एक ज़िम्मेदारी लेकर आती है, और ज़िम्मेदारी के बिना वही चीज़ पाप बन जाती है। गांधी जी ने ये सूची 22 अक्टूबर 1925 के “यंग इंडिया” में छापी थी। उन्होंने लिखा था कि ये सूची उन्हें एक पाठक के पत्र से मिली है।

10. “आप मानवता में विश्वास मत खोइए। मानवता सागर की तरह है, अगर सागर की कुछ बूँदें गंदी हैं, तो सागर गंदा नहीं हो जाता।” अर्थ: कुछ लोगों के बुरे बर्ताव से पूरी दुनिया को बुरा मान लेना ठीक नहीं। भरोसा सावधानी से दीजिए, पर पूरी तरह छोड़िए मत।

छात्रों के लिए गांधी जी के 5 विचार (Mahatma Gandhi Thoughts for Students)

  • “पुस्तकों का मूल्य रत्नों से भी अधिक है, क्योंकि पुस्तकें अन्तःकरण को उज्ज्वल करती हैं।” रोज़ थोड़ा पढ़ने की आदत, परीक्षा से आगे भी काम आती है।
  • “जो समय बचाते हैं, वे धन बचाते हैं, और बचाया हुआ धन कमाए हुए धन के बराबर है।” पढ़ाई में सबसे क़ीमती पूँजी समय है।
  • “थोड़ा सा अभ्यास बहुत सारे उपदेशों से बेहतर है।” दस बार पढ़ने से एक बार हल करना ज़्यादा याद रहता है।
  • “भूल करने में पाप तो है ही, परन्तु उसे छुपाने में उससे भी बड़ा पाप है।” जो सवाल नहीं आता, उसे पूछ लेना ही सीखने की शुरुआत है।
  • “क्रोध को जीतने में मौन सबसे अधिक सहायक है।” परीक्षा के दबाव या झगड़े में पहले चुप रहकर सोचिए, फिर बोलिए।

गांधी जी के नाम से फैले वो विचार, जो उनके लेखन में नहीं मिलते

ऊपर की सूची में कुछ पंक्तियाँ ऐसी हैं जो इंटरनेट पर गांधी जी के नाम से बहुत फैली हैं, पर उनके लेखन या भाषणों में ठीक इसी रूप में नहीं मिलतीं। इन्हें सूची में रहने दिया है, क्योंकि लोग इन्हें ढूँढते हैं, पर सच जानना भी ज़रूरी है:

  • “खुद वह बदलाव बनिए जो दुनिया में आप देखना चाहते हैं।” ये शब्द ठीक इसी रूप में गांधी जी के नहीं हैं। 1913 में “इंडियन ओपिनियन” में उन्होंने लिखा था कि अगर हम ख़ुद को बदल सकें, तो दुनिया की प्रवृत्तियाँ भी बदल जाएँगी। प्रसिद्ध पंक्ति उसी बात का छोटा, बाद में बना रूप है।
  • “पहले वह आप पर ध्यान नहीं देंगे, फिर वह आप पर हँसेंगे, फिर वह आप से लड़ेंगे और तब आप जीत जायेंगे।” इसका गांधी जी के लेखन में कोई प्रमाण नहीं मिलता। मिलती जुलती बात 1914 में अमेरिकी मज़दूर नेता निकोलस क्लाइन के भाषण में मिलती है।
  • “शांति का कोई रास्ता नहीं है, केवल शांति है।” ये बात आम तौर पर अमेरिकी शांति कार्यकर्ता ए. जे. मस्ट (A. J. Muste) के नाम से दर्ज है।
  • “आपकी मान्यताएँ आपके विचार बन जाते हैं … आपके मूल्य आपकी नियति बन जाती है।” ये सीढ़ी वाली पंक्ति गांधी जी के नाम से बहुत फैली है, पर उनके संकलित लेखन में इसका स्रोत नहीं मिलता।

महात्मा गांधी: एक नज़र में

बातजानकारी
पूरा नाममोहनदास करमचंद गांधी
जन्म2 अक्टूबर 1869, पोरबंदर (गुजरात)
निधन30 जनवरी 1948, नई दिल्ली
आत्मकथासत्य के प्रयोग (The Story of My Experiments with Truth)
अख़बार जिनमें वो लिखते थेइंडियन ओपिनियन, यंग इंडिया, हरिजन
गांधी जयंती2 अक्टूबर, जिसे संयुक्त राष्ट्र अंतरराष्ट्रीय अहिंसा दिवस के रूप में मनाता है

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

महात्मा गांधी का सबसे प्रसिद्ध विचार कौन सा है?

सबसे ज़्यादा उद्धृत विचारों में “पृथ्वी सभी की ज़रूरत पूरी करने के लिए पर्याप्त देती है, लालच के लिए नहीं” और “सात पाप” वाली सूची हैं। “खुद वह बदलाव बनिए” भी बहुत प्रसिद्ध है, पर वो उनके लिखे का छोटा रूप है, ठीक उनके शब्द नहीं।

क्या “Be the change you wish to see in the world” गांधी जी ने कहा था?

ठीक इन शब्दों में नहीं। 1913 में उन्होंने लिखा था कि अगर हम ख़ुद को बदल सकें तो दुनिया की प्रवृत्तियाँ भी बदल जाएँगी। प्रसिद्ध पंक्ति उसी का छोटा रूप है।

गांधी जी के सात पाप कौन से हैं?

काम के बिना धन, अंतरात्मा के बिना सुख, मानवता के बिना विज्ञान, चरित्र के बिना ज्ञान, सिद्धांत के बिना राजनीति, नैतिकता के बिना व्यापार, और त्याग के बिना पूजा। ये सूची 1925 में “यंग इंडिया” में छपी थी।

छात्रों के लिए गांधी जी के अच्छे विचार कौन से हैं?

पुस्तकों का मूल्य रत्नों से अधिक है, समय बचाना धन बचाना है, थोड़ा अभ्यास बहुत उपदेशों से बेहतर है, और गलती छुपाना उससे बड़ा पाप है।

गांधी जी की आत्मकथा का नाम क्या है?

“सत्य के प्रयोग” (The Story of My Experiments with Truth), जो मूल रूप से गुजराती में लिखी गई थी।

गांधी जी के असली विचार कहाँ पढ़ें?

उनकी आत्मकथा “सत्य के प्रयोग” में, और भारत सरकार के प्रकाशन विभाग की “संपूर्ण गांधी वांग्मय” (Collected Works of Mahatma Gandhi) में, जिसमें उनके लेख, पत्र और भाषण हैं।

गांधी जयंती कब मनाई जाती है?

हर साल 2 अक्टूबर को। संयुक्त राष्ट्र इसी दिन अंतरराष्ट्रीय अहिंसा दिवस मनाता है।

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Closing Remarks:

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