Top 50 Dr. Bhim Rao Ambedkar Quotes and Slogans in Hindi – डॉ. भीम राव अम्बेडकर के 50 अनमोल वचन

Top 50 Dr. Bhim Rao Ambedkar Quotes and Slogans in Hindi – डॉ. भीम राव अम्बेडकर के 50 अनमोल वचन

दोस्तों आज मैं आपसे Top 50 Dr. Bhim Rao Ambedkar Quotes and Slogans in Hindi – डॉ. भीम राव अम्बेडकर के 50 अनमोल वचन आपसे साझा करूँगा। जैसा कि आप सभी जानते है डॉ. भीम राव आंबेडकर को भारतीय संविधान का निर्माता का कहा जाता है। तो चलिए शुरू करते है भीम राव अम्बेडकर के पहले अनमोल वचन से। 

Dr. Bhim Rao Ambedkar Quotes and Slogans in Hindi

Top 50 Dr. Bhim Rao Ambedkar Quotes and Slogans in Hindi

Dr. Bhim Rao Ambedkar Quotes and Slogans in Hindi

“जीवन लम्बा होने की बजाये महान होना चाहिए।” – डॉ. भीम राव अम्बेडकर


“मनुष्य एवम उसके धर्म को समाज के द्वारा नैतिकता के आधार पर चयन करना चाहिए। अगर धर्म को ही मनुष्य के लिए सब कुछ मान लिया जायेगा तो किन्ही और मानको का कोई मूल्य नहीं रह जायेगा।” – डॉ. भीम राव अम्बेडकर


“किसी भी कौम का विकास उस कौम की महिलाओं के विकास से मापा जाता हैं।” – डॉ. भीम राव अम्बेडकर


“जो व्यक्ति अपनी मौत को हमेशा याद रखता है वह सदा अच्छे कार्य में लगा रहता है।” – डॉ. भीम राव अम्बेडकर


विचार को प्रचार-प्रसार की ज़रूरत होती है वरना दोनों मुरझा कर मर जाते है। ” – डॉ. भीम राव अम्बेडकर


“आज भारतीय दो अलग-अलग विचारधाराओं द्वारा शासित हो रहे हैं। उनके राजनीतिक आदर्श जो संविधान के प्रस्तावना में इंगित हैं वह स्वतंत्रता, समानता और भाई-चारे को स्थापित करते हैं और उनके धर्म में समाहित सामाजिक आदर्श इससे इनकार करते हैं।” – डॉ. भीम राव अम्बेडकर


“जब तक आप सामाजिक स्वतंत्रता नहीं हांसिल कर लेते, क़ानून आपको जो भी स्वतंत्रता देता है वह आपके किसी काम की नहीं।” – डॉ. भीम राव अम्बेडकर


सरकार को खारिज कर देने वाले राजनीतिज्ञ से ज़्यादा साहसी हैं।” – डॉ. भीम राव अम्बेडकर


“हमारे पास यह स्वतंत्रता किस लिए है? हमारे पास ये स्वत्नत्रता इसलिए है ताकि हम अपने सामाजिक व्यवस्था, जो असमानता, भेद भाव और अन्य चीजों से भरी है, जो हमारे मौलिक अधिकारों से टकराव में है, को सुधार सकें।” – डॉ. भीम राव अम्बेडकर


“रात रातभर मैं इसलिये जागता हूँ क्‍योंकि मेरा समाज सो रहा है।” – डॉ. भीम राव अम्बेडकर


“जो धर्म जन्‍म से एक को श्रेष्‍ठ और दूसरे को नीच बनाए रखे, वह धर्म नहीं, गुलाम बनाए रखने का षड़यंत्र है।” – डॉ. भीम राव अम्बेडकर


“एक इतिहासकार, सटीक, ईमानदार और निष्‍पक्ष होना चाहिए।” – डॉ. भीम राव अम्बेडकर


“शिक्षा जितनी पुरूषों के लिए आवशयक है उतनी ही महिलाओं के लिए।” – डॉ. भीम राव अम्बेडकर


“स्‍वतंत्रता का रहस्‍य, साहस है और साहस एक पार्टी में व्‍यक्तियों के संयोजन से पैदा होता है।” – डॉ. भीम राव अम्बेडकर


“मैं राजनीति में सुख भोगने नहीं बल्कि अपने सभी दबे-कुचले भाईयों को उनके अधिकार दिलाने आया हूँ।” – डॉ. भीम राव अम्बेडकर


“अच्छा दिखने के लिए मत जिओ बल्कि अच्छा बनने के लिए जिओ” -डॉ. भीम राव अम्बेडकर


“इस दुनिया में महान प्रयासों से प्राप्‍त किया गया को छोडकर और कुछ भी बहुमूल्‍य नहीं है।” – डॉ. भीम राव अम्बेडकर


“न्‍याय हमेशा समानता के विचार को पैदा करता है।”- डॉ. भीम राव अम्बेडकर


“महात्‍मा आये और चले गये परन्‍तु अछुत, अछुत ही बने हुए हैं।” – डॉ. भीम राव अम्बेडकर


“लोग और उनके धर्म, सामाजिक नैतिकता के आधार पर, सामाजिक मानकों द्वारा परखे जाने चाहिए। अगर धर्म को लोगों के भले के लिये आवश्यक वस्तु मान लिया जायेगा तो और किसी मानक का मतलब नहीं होगा।” – डॉ. भीम राव अम्बेडकर


“अपने भाग्य के बजाय अपनी मजबूती पर विश्वास करो।” – डॉ. भीम राव अम्बेडकर


“राष्‍ट्रवाद तभी औचित्‍य ग्रहण कर सकता है, जब लोगों के बीच जाति, नरल या रंग का अन्‍तर भुलाकर उसमें सामाजिक भ्रातृत्‍व को सर्वोच्‍च स्‍थान दिया जाये।” – डॉ. भीम राव अम्बेडकर


“संविधान, यह एक मात्र वकीलों का दस्‍तावेज नहीं। यह जीवन का एक माध्‍यम है।” – डॉ. भीम राव अम्बेडकर


“मैं तो जीवन भर कार्य कर चुका हूँ अब इसके लिए नौजवान आगे आए।” – डॉ. भीम राव अम्बेडकर


“यदि मुझे लगा कि संविधान का दुरुपयोग किया जा रहा है, तो मैं इसे सबसे पहले जलाऊंगा।” – डॉ. भीम राव अम्बेडकर


“समानता एक कल्पना हो सकती है, लेकिन फिर भी इसे एक गवर्निंग सिद्धांत रूप में स्वीकार करना होगा।” – डॉ. भीम राव अम्बेडकर


“मनुवाद को जड़ से समाप्‍त करना मेरे जीवन का प्रथम लक्ष्‍य है।” – डॉ. भीम राव अम्बेडकर


डॉ. भीम राव अम्बेडकर के अनुसार “एक महान व्यक्ति एक प्रतिष्ठित व्यक्ति से अलग है क्योंकि वह समाज का सेवक बनने के लिए तैयार रहता है।”


“यदि हम एक संयुक्त एकीकृत आधुनिक भारत चाहते हैं, तो सभी धर्मों के धर्मग्रंथों की संप्रभुता का अंत होना चाहिए।” – डॉ. भीम राव अम्बेडकर


“जो कौम अपना इतिहास नहीं जानती, वह कौम कभी भी इतिहास नहीं बना सकती।” – डॉ. भीम राव अम्बेडकर


डॉ. अम्बेडकर के अनुसार “जिस तरह हर एक व्यक्ति यह सिधांत दोहराता हैं कि एक देश दुसरे देश पर शासन नहीं कर सकता उसी प्रकार उसे यह भी मानना होगा कि एक वर्ग दुसरे पर शासन नहीं कर सकता।”


“क़ानून और व्यवस्था राजनीति रूपी शरीर की दवा है और जब राजनीति रूपी शरीर बीमार पड़ जाएँ तो दवा अवश्य दी जानी चाहिए।” – डॉ. भीम राव अम्बेडकर


अम्बेडकर के अनुसार “उदासीनता लोगों को प्रभावित करने वाली सबसे खराब क़िस्म की बीमारी है।”


“मेरे नाम की जय-जयकार करने से अच्‍छा है, मेरे बताए हुए रास्‍ते पर चलें।” – डॉ. भीम राव अम्बेडकर


“इतिहास गवाह हैं कि जहाँ नैतिकता और अर्थशाश्त्र के बीच संघर्ष होता है वहाँ जीत हमेशा अर्थशाश्त्र की होती है। निहित स्वार्थों को तब तक स्वेच्छा से नहीं छोड़ा गया है जब तक कि मजबूर करने के लिए पर्याप्त बल ना लगाया गया हो।” – डॉ. भीम राव अम्बेडकर


“एक सफल क्रांति के लिए सिर्फ़ असंतोष का होना ही काफ़ी नहीं है, बल्कि इसके लिए न्याय, राजनीतिक और सामाजिक अधिकारों में गहरी आस्था का होना भी बहुत आवश्यक है।” – डॉ. भीम राव अम्बेडकर


“एक महान व्यक्ति एक प्रख्यात व्यक्ति से एक ही बिंदु पर भिन्न हैं कि महान व्यक्ति समाज का सेवक बनने के लिए तत्पर रहता हैं।” – डॉ. भीम राव अम्बेडकर


“एक सुरक्षित सेना एक सुरक्षित सीमा से बेहतर है।” – डॉ. भीम राव अम्बेडकर


डॉ. भीम राव अम्बेडकर के अनुसार “सागर में मिलकर अपनी पहचान खो देने वाली पानी की एक बूँद के विपरीत, इंसान जिस समाज में रहता है वहाँ अपनी पहचान नहीं खोता। इंसान का जीवन स्वतंत्र है। वह सिर्फ़ समाज के विकास के लिए नहीं पैदा हुआ है, बल्कि स्वयं के विकास के लिए पैदा हुआ है।”- डॉ. भीम राव अम्बेडकर


“हिंदू धर्म में, विवेक, कारण और स्वतंत्र सोच के विकास के लिए कोई गुंजाइश नहीं है।” – डॉ. भीम राव अम्बेडकर


“बुद्धि का विकास मानव के अस्तित्व का अंतिम लक्ष्य होना चाहिए।”- डॉ. भीम राव अम्बेडकर


“हम आदि से अंत तक भारतीय है।” – डॉ. भीम राव अम्बेडकर


“पति-पत्नी के बीच का सम्बन्ध घनिष्ठ मित्रो के सम्बन्ध के सामान होना चाहिए।” – डॉ. भीम राव अम्बेडकर


“मैं ऐसे धर्म को मानता हूँ जो स्वतंत्रता, समानता और भाई-चारा सीखाये।”- डॉ. भीम राव अम्बेडकर


“जो झुक सकता है वह सारी दुनिया को झुका भी सकता है!” – डॉ. भीम राव अम्बेडकर


“किसी का भी स्‍वाद बदला जा सकता है लेकिन ज़हर को अमृत में परिवर्तित नहीं किया जा सकता।” – डॉ. भीम राव अम्बेडकर


“ज्ञान व्‍‍यक्ति के जीवन का आधार हैं।” – डॉ. भीम राव अम्बेडकर


“लोकतंत्र सरकार का महज़ एक रूप नहीं है।” – डॉ. भीम राव अम्बेडकर


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S.K. Choudhary

नमस्कार दोस्तों, हमारे इस ब्लॉग में आपका स्वागत है, मेरा नाम है S.K. Choudhary (ऐस. के. चौधरी) और मैं एक ब्लॉगर और यूटूबर हूँ। में एक प्राइवेट कंपनी में जॉब करता हूँ और मेरा highest एजुकेशन MBA Finance है। मुझे पढ़ने और पढ़ाने का शोख है इसलिए में पार्ट टाइम मैं ब्लॉग लिखता हूँ और यूट्यूब के लिए बुक समरी और मोटिवेशनल वीडियो बनता हूँ।

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