लोन कितने प्रकार के होते हैं? भारत में लोन के 9 प्रकार, सिक्योर्ड और अनसिक्योर्ड लोन, और सही लोन चुनने का तरीका (Loan Ke Prakar)

अपडेट: 7 मिनट में पढ़ें

लोन कितने प्रकार के होते हैं? लोन मुख्य रूप से दो तरह के होते हैं: सिक्योर्ड लोन, जिनमें कोई चीज़ (घर, सोना, गाड़ी, शेयर) गिरवी रहती है, और अनसिक्योर्ड लोन, जो बिना गिरवी के आपकी आय और क्रेडिट रिकॉर्ड पर मिलते हैं। काम के हिसाब से भारत में आम लोगों के लिए 9 मुख्य लोन हैं: होम लोन, पर्सनल लोन, गोल्ड लोन, एजुकेशन लोन, वाहन लोन, बिज़नेस लोन, प्रॉपर्टी पर लोन (LAP), शेयर और म्यूचुअल फ़ंड पर लोन, और क्रेडिट कार्ड।

छोटा जवाब: गिरवी वाले लोन पर ब्याज आम तौर पर कम होता है, बिना गिरवी वाले पर ज़्यादा। लोन लेने से पहले बैंक से KFS (की फ़ैक्ट्स स्टेटमेंट) ज़रूर लें, जिसमें सारे ख़र्च मिलाकर सालाना असली दर (APR) लिखी होती है। RBI के नियम के अनुसार व्यक्तियों के फ़्लोटिंग रेट वाले (ग़ैर कारोबारी) लोन जल्दी चुकाने पर कोई प्रीपेमेंट शुल्क नहीं लगता।

मुख्य बातें

  • सिक्योर्ड लोन (होम, गोल्ड, वाहन, LAP, शेयर पर) सस्ते; अनसिक्योर्ड (पर्सनल, क्रेडिट कार्ड) महँगे।
  • हर रिटेल लोन के साथ बैंक को KFS देना होता है, जिसमें APR यानी सारे ख़र्च मिलाकर असली सालाना दर हो।
  • व्यक्तियों के फ़्लोटिंग रेट लोन (ग़ैर कारोबारी) पर प्रीपेमेंट शुल्क नहीं।
  • लोन देने वाला RBI में पंजीकृत बैंक या NBFC हो; एडवांस फ़ीस माँगने वाले ऐप से दूर रहें।
  • सारी EMI मिलाकर मासिक आय का बड़ा हिस्सा न खाएँ; बहुत से योजनाकार 30% से 40% की सीमा की सलाह देते हैं।

लोन क्या होता है?

लोन (ऋण) वह पैसा है जो कोई बैंक या वित्तीय संस्था आपको एक तय ब्याज पर, तय समय के लिए देती है, और आप उसे किस्तों (EMI) में या एक बार में लौटाते हैं। हर लोन में चार बातें तय होती हैं: मूलधन (रक़म), ब्याज दर, समय (टेन्योर) और चुकाने का तरीका।

भारत में लोन के 9 प्रकार

लोन कितने प्रकार के होते हैं: होम, पर्सनल, गोल्ड, एजुकेशन, वाहन, बिज़नेस, प्रॉपर्टी पर लोन, शेयर पर लोन और क्रेडिट कार्ड
इन्फ़ोग्राफ़िक: भारत में लोन के 9 प्रकार (Storyshala)
लोनकिस काम के लिएगिरवीआम तौर पर समयविस्तार से
होम लोनघर ख़रीदना, बनाना, मरम्मतघर ही गिरवी30 साल तकहोम लोन कैसे लें
पर्सनल लोनशादी, इलाज, यात्रा, कोई भी निजी ज़रूरतनहीं1 से 5 सालपर्सनल लोन कैसे लें
गोल्ड लोनजल्दी पैसे की ज़रूरतसोने के गहनेकुछ महीने से 1 से 3 सालगोल्ड लोन कैसे लें
एजुकेशन लोनकॉलेज की फ़ीस, हॉस्टल, किताबेंरक़म के हिसाब सेपढ़ाई के बाद 10 से 15 साल तकएजुकेशन लोन कैसे लें
वाहन लोननई या पुरानी कार, दोपहियागाड़ी ही गिरवी1 से 7 सालवाहन लोन कैसे लें
बिज़नेस लोनकारोबार शुरू करना या बढ़ाना₹20 लाख तक MSE लोन पर नहींयोजना के हिसाब सेबिज़नेस लोन कैसे लें
प्रॉपर्टी पर लोन (LAP)बड़ी ज़रूरत, कारोबार, कर्ज़ चुकानाअपनी संपत्ति15 से 20 साल तकप्रॉपर्टी लोन कैसे लें
शेयर और फ़ंड पर लोननिवेश बेचे बिना पैसाशेयर, म्यूचुअल फ़ंड, बॉन्डआम तौर पर ओवरड्राफ़्ट की तरहशेयर पर लोन कैसे लें
क्रेडिट कार्डरोज़ के ख़र्च, छोटी अवधिनहींहर महीने बिल

सिक्योर्ड और अनसिक्योर्ड लोन में अंतर

लोन के प्रकार: सिक्योर्ड और अनसिक्योर्ड लोन में अंतर, गिरवी, ब्याज, रक़म और न चुकाने पर क्या होता है
इन्फ़ोग्राफ़िक: सिक्योर्ड या अनसिक्योर्ड लोन: क्या अंतर है? (Storyshala)

फ़िक्स्ड और फ़्लोटिंग ब्याज दर

  • फ़िक्स्ड रेट: पूरे लोन (या तय अवधि) में ब्याज दर एक जैसी रहती है। EMI पक्की, पर दर आम तौर पर थोड़ी ज़्यादा।
  • फ़्लोटिंग रेट: दर किसी बेंचमार्क (जैसे RBI की रेपो दर से जुड़ी बाहरी दर) के साथ बदलती है। रेपो घटे तो EMI या समय घट सकता है, बढ़े तो बढ़ सकता है।
  • ध्यान दें: RBI के नियम के अनुसार व्यक्तियों के ग़ैर कारोबारी फ़्लोटिंग रेट लोन (जैसे होम, पर्सनल, एजुकेशन) समय से पहले चुकाने पर प्रीपेमेंट शुल्क नहीं लगता। 1 जनवरी 2026 से मंज़ूर या नवीनीकृत लोन पर यह छूट व्यक्तियों और MSE के कारोबारी फ़्लोटिंग रेट लोन तक भी बढ़ाई गई है (कुछ संस्थाओं के लिए ₹50 लाख तक की सीमा के साथ)।

KFS और APR: लोन की असली क़ीमत

RBI के निर्देश के अनुसार बैंक और NBFC को हर रिटेल और MSME टर्म लोन से पहले उधार लेने वाले को KFS (की फ़ैक्ट्स स्टेटमेंट) देना होता है, आपकी समझ की भाषा में। इसमें होता है:

  • APR (एनुअल परसेंटेज रेट): ब्याज के साथ प्रोसेसिंग फ़ीस, बीमा जैसे सारे शुल्क मिलाकर असली सालाना दर।
  • पूरा EMI शेड्यूल (हर किस्त में कितना मूलधन, कितना ब्याज)।
  • जो शुल्क KFS में नहीं लिखा, वह बाद में आपकी साफ़ सहमति के बिना नहीं लिया जा सकता।

सलाह: दो बैंकों की तुलना हमेशा APR से करें, सिर्फ़ “ब्याज दर” से नहीं।

EMI कैसे बनती है: तीन उदाहरण

लोनरक़मब्याज (उदाहरण)समयEMI (लगभग)कुल ब्याज (लगभग)
पर्सनल लोन₹3,00,00014%3 साल₹10,253₹69,118
कार लोन₹6,00,0009.5%5 साल₹12,601₹1,56,067
होम लोन₹30,00,0008.5%20 साल₹26,035₹32,48,327

ब्याज दरें केवल हिसाब समझाने के लिए हैं; असली दर आपकी प्रोफ़ाइल और बैंक पर निर्भर है। होम लोन का उदाहरण दिखाता है कि लंबे समय में कुल ब्याज मूलधन से भी ज़्यादा हो सकता है, इसलिए जल्दी चुकाने (प्रीपेमेंट) का फ़ायदा बड़ा है।

सही लोन कैसे चुनें

आपकी ज़रूरतआम तौर पर बेहतर विकल्प
कुछ महीनों के लिए तुरंत पैसा, घर में सोना हैगोल्ड लोन
निवेश बेचना नहीं चाहतेशेयर या म्यूचुअल फ़ंड पर लोन
बड़ी रक़म, अपना घर या दुकान हैप्रॉपर्टी पर लोन (LAP)
कोई गिरवी नहीं, नौकरी पक्कीपर्सनल लोन (सबसे आख़िरी विकल्प, महँगा)
पढ़ाईएजुकेशन लोन और PM विद्यालक्ष्मी जैसी योजनाएँ
कारोबारमुद्रा, स्टैंड अप इंडिया, PMEGP या बैंक का MSME लोन
लोन लेने से पहले 7 जाँच: RBI पंजीकरण, KFS और APR, तुलना, EMI सीमा, शुल्क, इमरजेंसी पैसा, CIBIL
इन्फ़ोग्राफ़िक: लोन लेने से पहले 7 जाँच (Storyshala)
NiveshNote: CIBIL स्कोर क्या है, कम स्कोर पर लोन मिलता है या नहीं

लोन न चुका पाएँ तो क्या करें

  • पहले ही बैंक से बात करें: किस्त रुकने से पहले बताने पर बैंक समय बढ़ाने या किस्त बदलने जैसे विकल्प दे सकता है।
  • डिफ़ॉल्ट का असर: CIBIL स्कोर गिरता है, गिरवी वाले लोन में गिरवी चीज़ बेची जा सकती है, और वसूली की कार्रवाई होती है।
  • वसूली एजेंट: RBI के नियमों के तहत एजेंट धमकी, गाली या बेवक़्त फ़ोन नहीं कर सकते; ऐसा हो तो बैंक से और फिर RBI के CMS पोर्टल पर शिकायत करें।
  • फ़र्ज़ी लोन ऐप: अनधिकृत ऐप की शिकायत RBI के Sachet पोर्टल पर और ठगी की शिकायत 1930 पर करें।

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अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

लोन कितने प्रकार के होते हैं?

गिरवी के हिसाब से दो: सिक्योर्ड और अनसिक्योर्ड। काम के हिसाब से मुख्य लोन हैं: होम, पर्सनल, गोल्ड, एजुकेशन, वाहन, बिज़नेस, प्रॉपर्टी पर लोन, शेयर और म्यूचुअल फ़ंड पर लोन, और क्रेडिट कार्ड।

सबसे सस्ता लोन कौन सा होता है?

आम तौर पर गिरवी वाले लोन, जैसे होम लोन, गोल्ड लोन और शेयर पर लोन, सस्ते होते हैं। पर्सनल लोन और क्रेडिट कार्ड सबसे महँगे होते हैं। असली तुलना APR से करें।

KFS और APR क्या है?

KFS (की फ़ैक्ट्स स्टेटमेंट) लोन की सारी शर्तों का एक पन्ने का सार है, जो बैंक को लोन से पहले देना होता है। APR सारे शुल्क मिलाकर लोन की असली सालाना दर है।

क्या लोन जल्दी चुकाने पर पेनल्टी लगती है?

व्यक्तियों के ग़ैर कारोबारी फ़्लोटिंग रेट लोन पर RBI के नियम के अनुसार प्रीपेमेंट शुल्क नहीं लगता। फ़िक्स्ड रेट लोन में शुल्क लग सकता है, जो KFS और लोन अनुबंध में लिखा होना चाहिए।

सिक्योर्ड और अनसिक्योर्ड लोन में क्या अंतर है?

सिक्योर्ड लोन में कोई संपत्ति गिरवी रहती है, इसलिए ब्याज कम होता है; अनसिक्योर्ड लोन बिना गिरवी के आय और CIBIL के आधार पर मिलता है और ब्याज ज़्यादा होता है।

कितनी EMI रखनी चाहिए?

कोई एक नियम नहीं, पर बहुत से वित्तीय योजनाकार सारी EMI मिलाकर मासिक आय के लगभग 30% से 40% के भीतर रखने की सलाह देते हैं, ताकि ज़रूरी ख़र्च और बचत न रुकें।

स्रोत (15 अक्टूबर 2026 को जाँचे गए)

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ज़रूरी सूचना: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है, वित्तीय सलाह नहीं। लोन की शर्तें, ब्याज दरें और नियम बैंक और समय के अनुसार बदलते हैं। लोन लेने से पहले KFS और लोन अनुबंध ध्यान से पढ़ें।

नोट: इस लेख में Amazon के affiliate लिंक हैं। इनसे ख़रीदारी करने पर Storyshala को छोटा कमीशन मिलता है, आपके लिए क़ीमत नहीं बदलती।

S.K. Choudhary
लेखक: S.K. ChoudharyMBA (Finance) · 18 साल का बैंक, टैक्स और हिसाब किताब का अनुभव। इस लेख के नियम और आँकड़े सरकारी स्रोतों से जाँचे गए हैं। ग़लती दिखे तो बताएँ: skchoudharyac@gmail.com · लेखक के बारे में
Disclaimer: यह लेख सिर्फ़ जानकारी और समझ बढ़ाने के लिए है; यह निवेश, टैक्स, लोन या क़ानूनी सलाह नहीं है। ब्याज दरें, शुल्क और नियम समय के साथ बदलते हैं, इसलिए कोई भी फ़ैसला लेने से पहले बैंक, SEBI पंजीकृत सलाहकार या CA से अपनी स्थिति के हिसाब से पुष्टि करें। Storyshala किसी बैंक, कार्ड, बीमा या निवेश उत्पाद की सिफ़ारिश नहीं करता। शेयर बाज़ार और म्यूचुअल फ़ंड में निवेश बाज़ार के जोखिम के अधीन है। लेख में दिए कुछ Amazon लिंक एफ़िलिएट हो सकते हैं; उनसे ख़रीदने पर आपको कोई अतिरिक्त ख़र्च नहीं होता।
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