NPS क्या है? Tier 1 और Tier 2 में अंतर, टैक्स छूट और पेंशन का पूरा हिसाब (2026)

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NPS kya hai: मुस्कुराता बुज़ुर्ग दंपति, रिटायरमेंट के बाद पेंशन
NPS: रिटायरमेंट के बाद ताउम्र पेंशन देने वाली सरकारी योजना

NPS kya hai, यह सवाल उन सबके मन में आता है जिनकी नौकरी में पेंशन नहीं है। राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली सरकार की वह योजना है, जिसमें आप नौकरी के सालों में थोड़ा थोड़ा जमा करते हैं और 60 साल की उम्र पर एक बड़ी रक़म के साथ ताउम्र पेंशन पाते हैं। PPF और सुकन्या समृद्धि से यह एक बड़ी बात में अलग है: इसमें ब्याज तय नहीं होता, पैसा बाज़ार में लगता है। नीचे पूरी जानकारी आसान हिंदी में है, और वह बात भी जो ज़्यादातर लेख नहीं बताते: नई टैक्स व्यवस्था में NPS की कौन सी छूट बची है और कौन सी ख़त्म हो गई।

बातजानकारी
पूरा नामराष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (National Pension System)
कौन चलाता हैPFRDA, सरकारी नियामक
कौन खोल सकता है18 से 70 साल का कोई भी भारतीय
रिटर्नतय नहीं, बाज़ार पर निर्भर
Tier 1 खोलने के लिएकम से कम 500 रुपये
Tier 1 चालू रखने के लिएसाल में कम से कम 1,000 रुपये
पैसा कब मिलेगा60 साल की उम्र पर
60 साल पर60 प्रतिशत तक एकमुश्त, कम से कम 40 प्रतिशत से पेंशन ख़रीदनी होगी

विषय सूची

NPS Kya Hai: पूरी बात

NPS यानी राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली सरकार की चलाई हुई एक रिटायरमेंट योजना है। इसे PFRDA नाम का सरकारी नियामक देखता है।

काम करने का तरीक़ा सीधा है:

  1. आप हर साल कुछ पैसा अपने NPS खाते में डालते हैं।
  2. वह पैसा पेंशन फ़ंड मैनेजर शेयर बाज़ार, सरकारी बॉन्ड और कॉर्पोरेट बॉन्ड में लगाते हैं।
  3. सालों में वह बढ़ता रहता है।
  4. 60 साल की उम्र पर आप एक हिस्सा एकमुश्त ले सकते हैं और बाक़ी से पेंशन ख़रीदनी होती है।

आधिकारिक जानकारी और अपने खाते का हिसाब आप NPS ट्रस्ट की वेबसाइट पर देख सकते हैं: npstrust.org.in, और नियम बनाने वाली संस्था की जानकारी pfrda.org.in पर है।

सबसे ज़रूरी फ़र्क़: PPF और सुकन्या समृद्धि में ब्याज सरकार तय करती है, पैसा पक्का मिलता है। NPS में रिटर्न तय नहीं है। बाज़ार अच्छा चला तो ज़्यादा, ख़राब चला तो कम। बदले में, लंबी अवधि में इससे PPF से ज़्यादा मिलने की उम्मीद रहती है।

NPS kya hai Tier 1 और Tier 2 में अंतर

NPS में दो तरह के खाते होते हैं। यह फ़र्क़ समझना सबसे ज़रूरी है, क्योंकि यहीं लोग ग़लती करते हैं।

बातTier 1Tier 2
क्या हैअसली पेंशन खाताबचत खाते जैसा, ऊपर से
खोलना ज़रूरी?हाँ, यही मुख्य खाता हैनहीं, Tier 1 हो तभी खुलेगा
कम से कम खोलने को500 रुपये1,000 रुपये
साल में कम से कम1,000 रुपयेकुछ नहीं
पैसा कब निकाल सकते हैं60 साल पर (कुछ हालात में पहले)कभी भी
टैक्स छूटहाँ (नियम नीचे)कोई नहीं

सीधी बात: Tier 1 ही असली NPS है। Tier 2 में कोई टैक्स छूट नहीं मिलती, इसलिए उसमें पैसा रखने का कोई ख़ास फ़ायदा नहीं, जब तक आप सरकारी कर्मचारी न हों (उनके लिए Tier 2 पर अलग नियम हैं)।

कितना पैसा लगाना होगा?

  • Tier 1 खोलने के लिए: कम से कम 500 रुपये।
  • Tier 1 चालू रखने के लिए: साल में कम से कम 1,000 रुपये। इतना भी न डालें तो खाता फ़्रीज़ हो जाता है, और जुर्माना भरकर चालू करना पड़ता है।
  • ऊपरी सीमा कोई नहीं। जितना चाहें डाल सकते हैं।
  • Tier 2 खोलने के लिए: 1,000 रुपये। उसके बाद कोई सालाना शर्त नहीं।

अपना पैसा कहाँ लगेगा, यह आप चुन सकते हैं

NPS में आपका पैसा चार तरह की जगहों में बँटता है:

कोडकहाँ लगता हैजोखिम
Eशेयर (इक्विटी)ज़्यादा
Cकंपनियों के बॉन्डमध्यम
Gसरकारी बॉन्डकम
Aवैकल्पिक निवेशज़्यादा

इसे चुनने के दो रास्ते हैं:

ऑटो चॉइस: आपकी उम्र के हिसाब से अपने आप बँटवारा होता है। जवानी में शेयर ज़्यादा, उम्र बढ़ने पर बॉन्ड ज़्यादा। जिन्हें बाज़ार की समझ नहीं, उनके लिए यही ठीक है।

एक्टिव चॉइस: आप ख़ुद तय करते हैं। शेयर में ज़्यादा से ज़्यादा 75 प्रतिशत तक रख सकते हैं, और 50 साल की उम्र के बाद यह सीमा हर साल घटती जाती है।

60 साल की उम्र पर क्या मिलेगा?

यह NPS का सबसे ज़रूरी नियम है:

  • जमा रक़म का ज़्यादा से ज़्यादा 60 प्रतिशत आप एकमुश्त ले सकते हैं। यह रक़म टैक्स फ़्री है।
  • कम से कम 40 प्रतिशत से आपको एन्युटी ख़रीदनी होगी। एन्युटी यानी एक ऐसी योजना, जो आपको ताउम्र हर महीने पेंशन देती है।
  • चाहें तो पूरे 100 प्रतिशत से एन्युटी ख़रीद सकते हैं, तब पेंशन ज़्यादा मिलेगी।

⚠ यह बात ध्यान से पढ़िए: एन्युटी ख़रीदने में लगी रक़म पर उस समय टैक्स नहीं लगता, पर उससे हर महीने जो पेंशन आएगी, वह आपकी आमदनी मानी जाएगी और उस पर स्लैब के हिसाब से टैक्स लगेगा। बहुत से लेख यह नहीं बताते।

अगर कुल रक़म 5 लाख या उससे कम है

तो आपको एन्युटी ख़रीदने की ज़रूरत नहीं। पूरी रक़म एकमुश्त निकाल सकते हैं।

60 से पहले निकालना हो तो?

  • खाता खुले 5 साल हो जाने पर समय से पहले निकल सकते हैं, पर तब सिर्फ़ 20 प्रतिशत एकमुश्त मिलेगा और 80 प्रतिशत से एन्युटी ख़रीदनी होगी।
  • आंशिक निकासी: 3 साल बाद, अपनी जमा की हुई रक़म का 25 प्रतिशत तक, कुछ ख़ास वजहों से (बच्चों की पढ़ाई, शादी, घर ख़रीदना, गंभीर बीमारी)। पूरी नौकरी में ऐसा तीन बार किया जा सकता है।

टैक्स में क्या फ़ायदा है? (यहाँ ध्यान दीजिए)

यह हिस्सा 2026 में सबसे ज़्यादा बदला है, और यहीं ज़्यादातर पुराने लेख ग़लत जानकारी दे रहे हैं।

पुरानी टैक्स व्यवस्था में

धाराकिसके लिएकितनी छूट
80CCD(1)आपका अपना योगदान80C की 1.5 लाख वाली सीमा के अंदर
80CCD(1B)आपका अपना योगदानअतिरिक्त 50,000 रुपये, 1.5 लाख से ऊपर
80CCD(2)कंपनी का योगदानसरकारी कर्मचारी के लिए 14 प्रतिशत, निजी के लिए 10 प्रतिशत (बेसिक और DA का)

80CCD(1B) वाली 50,000 की छूट NPS की सबसे बड़ी ख़ूबी मानी जाती थी, क्योंकि यह 1.5 लाख की सीमा से ऊपर मिलती है।

नई टैक्स व्यवस्था में (जो अब डिफ़ॉल्ट है)

  • 80CCD(1) नहीं मिलती।
  • 80CCD(1B) की 50,000 वाली छूट भी नहीं मिलती।
  • सिर्फ़ 80CCD(2) बची है, यानी आपकी कंपनी जो NPS में डालती है, उस पर छूट मिलती है। इसकी सीमा बेसिक और DA का 14 प्रतिशत है।

इसका सीधा मतलब: अगर आप नई टैक्स व्यवस्था में हैं और ख़ुद अपनी जेब से NPS में डाल रहे हैं, तो उस पर कोई टैक्स छूट नहीं मिलेगी। छूट तभी मिलेगी जब आपकी कंपनी आपकी सैलरी स्ट्रक्चर में NPS जोड़े।

इसलिए अगर आप नौकरीपेशा हैं और नई व्यवस्था में हैं, तो HR से बात करके सैलरी में कॉरपोरेट NPS जुड़वाना सबसे फ़ायदे का काम है। इससे आपकी टैक्स योग्य आमदनी घटती है और हाथ में आने वाली रक़म बढ़ जाती है।

Tier 2 पर किसी भी व्यवस्था में कोई टैक्स छूट नहीं है।

NPS, PPF और म्यूचुअल फ़ंड में से क्या चुनें?

बातNPSPPFइक्विटी म्यूचुअल फ़ंड
रिटर्नतय नहीं, बाज़ार पर7.1 प्रतिशत तयतय नहीं, बाज़ार पर
जोखिममध्यमना के बराबरज़्यादा
लॉक इन60 साल की उम्र तक15 सालELSS में 3 साल, बाक़ी में नहीं
पैसा निकालने की आज़ादीबहुत कमकमपूरी
टैक्स छूट (नई व्यवस्था)सिर्फ़ कंपनी के योगदान परजमा पर नहीं, ब्याज टैक्स फ़्रीELSS में नहीं
आख़िर में40 प्रतिशत से पेंशन लेनी ही होगीपूरा पैसा हाथ मेंपूरा पैसा हाथ में

सीधी सलाह: तीनों एक दूसरे की जगह नहीं लेते।

  • PPF आपकी बचत का सुरक्षित हिस्सा है।
  • NPS ख़ास तौर पर रिटायरमेंट के लिए है, और इसकी सख़्ती (60 तक पैसा न निकाल पाना) असल में एक फ़ायदा है, क्योंकि पैसा बीच में ख़र्च नहीं हो पाता।
  • म्यूचुअल फ़ंड में आज़ादी सबसे ज़्यादा है, पर अनुशासन आपको ख़ुद रखना पड़ता है।

NPS खाता कैसे खोलें?

ऑनलाइन (सबसे आसान):

  1. eNPS की आधिकारिक वेबसाइट या किसी बैंक की NPS सेवा पर जाइए।
  2. आधार या पैन से रजिस्टर कीजिए।
  3. KYC पूरा कीजिए।
  4. पेंशन फ़ंड मैनेजर और निवेश का तरीक़ा (ऑटो या एक्टिव) चुनिए।
  5. कम से कम 500 रुपये डालिए।
  6. आपको PRAN नंबर मिलेगा। यही आपका स्थायी खाता नंबर है, नौकरी बदलने पर भी वही रहेगा।

ऑफ़लाइन: किसी भी बैंक या पोस्ट ऑफ़िस की शाखा, जो POP यानी प्वाइंट ऑफ़ प्रेज़ेंस हो।

किन बातों का ध्यान रखें

  • यह 60 साल तक का पैसा है। जो रक़म बीच में चाहिए, वह NPS में मत डालिए।
  • एन्युटी की पेंशन पर टैक्स लगता है। हिसाब लगाते समय इसे भूलिए मत।
  • नई टैक्स व्यवस्था में अपने योगदान पर छूट नहीं है। पहले देख लीजिए कि आप किस व्यवस्था में हैं।
  • पेंशन फ़ंड मैनेजर बदला जा सकता है। साल में एक बार, अगर प्रदर्शन ठीक न लगे।
  • नॉमिनी ज़रूर भरिए।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

NPS में Tier 1 और Tier 2 में क्या अंतर है?

Tier 1 असली पेंशन खाता है, जिसमें पैसा 60 साल तक बंद रहता है और टैक्स छूट मिलती है। Tier 2 बचत खाते जैसा है, जिसमें से कभी भी पैसा निकाल सकते हैं, पर कोई टैक्स छूट नहीं मिलती।

NPS में कितना ब्याज मिलता है?

NPS में ब्याज तय नहीं होता। पैसा शेयर और बॉन्ड में लगता है, इसलिए रिटर्न बाज़ार पर निर्भर करता है।

60 साल की उम्र पर कितना पैसा मिलेगा?

जमा रक़म का ज़्यादा से ज़्यादा 60 प्रतिशत एकमुश्त मिलेगा, और कम से कम 40 प्रतिशत से एन्युटी ख़रीदनी होगी जो ताउम्र पेंशन देगी। कुल रक़म 5 लाख या कम हो तो पूरी एकमुश्त मिल जाती है।

क्या नई टैक्स व्यवस्था में NPS पर छूट मिलती है?

अपने योगदान पर नहीं। 80CCD(1) और 80CCD(1B) की 50,000 वाली छूट नई व्यवस्था में नहीं मिलती। सिर्फ़ 80CCD(2), यानी कंपनी का योगदान, बेसिक और DA के 14 प्रतिशत तक छूट पाता है।

क्या एन्युटी से मिलने वाली पेंशन टैक्स फ़्री है?

नहीं। एन्युटी ख़रीदने वाली रक़म पर उस समय टैक्स नहीं लगता, पर हर महीने मिलने वाली पेंशन आपकी आमदनी में जुड़ती है और उस पर स्लैब के हिसाब से टैक्स लगता है।

NPS में कम से कम कितना डालना पड़ता है?

Tier 1 खोलने के लिए 500 रुपये और खाता चालू रखने के लिए साल में कम से कम 1,000 रुपये।

क्या 60 से पहले पैसा निकाल सकते हैं?

3 साल बाद कुछ ख़ास वजहों से अपनी जमा रक़म का 25 प्रतिशत तक निकाला जा सकता है, पूरी नौकरी में तीन बार। 5 साल बाद पूरी तरह निकलना हो, तो सिर्फ़ 20 प्रतिशत एकमुश्त मिलेगा।

PRAN नंबर क्या होता है?

यह आपका स्थायी रिटायरमेंट खाता नंबर है। नौकरी या शहर बदलने पर भी यही नंबर चलता रहता है।

और पढ़िए

nps kya hai, यह जानकारी उन लोगों तक ज़रूर पहुँचाइए जिनकी नौकरी में पेंशन नहीं है। आपका कोई सवाल हो, कमेंट में पूछिए।

S.K. Choudhary
लेखक: S.K. ChoudharyMBA (Finance) · 18 साल का बैंक, टैक्स और हिसाब किताब का अनुभव। इस लेख के नियम और आँकड़े सरकारी स्रोतों से जाँचे गए हैं। ग़लती दिखे तो बताएँ: skchoudharyac@gmail.com · लेखक के बारे में
Disclaimer: यह लेख सिर्फ़ जानकारी और समझ बढ़ाने के लिए है; यह निवेश, टैक्स, लोन या क़ानूनी सलाह नहीं है। ब्याज दरें, शुल्क और नियम समय के साथ बदलते हैं, इसलिए कोई भी फ़ैसला लेने से पहले बैंक, SEBI पंजीकृत सलाहकार या CA से अपनी स्थिति के हिसाब से पुष्टि करें। Storyshala किसी बैंक, कार्ड, बीमा या निवेश उत्पाद की सिफ़ारिश नहीं करता। शेयर बाज़ार और म्यूचुअल फ़ंड में निवेश बाज़ार के जोखिम के अधीन है। लेख में दिए कुछ Amazon लिंक एफ़िलिएट हो सकते हैं; उनसे ख़रीदने पर आपको कोई अतिरिक्त ख़र्च नहीं होता।
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