PPF अकाउंट क्या है? ब्याज 7.1%, 15 साल की मैच्योरिटी, टैक्स छूट और पूरा हिसाब (2026)

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PPF account kya hai: 500 रुपये के नोट पर सिक्कों की ढेरी, 15 साल की टैक्स फ़्री बचत
PPF: 15 साल की बचत, ब्याज 7.1 प्रतिशत और तीनों जगह टैक्स छूट

PPF account kya hai, यह सवाल हर उस आदमी के मन में आता है जो बिना जोखिम के लंबी बचत करना चाहता है। पब्लिक प्रॉविडेंट फ़ंड भारत सरकार की योजना है, जिसमें अक्टूबर से दिसंबर 2026 की तिमाही में 7.1 प्रतिशत ब्याज मिल रहा है। इसकी सबसे बड़ी ख़ूबी ब्याज नहीं, बल्कि यह है कि जमा, ब्याज और मैच्योरिटी, तीनों पर टैक्स नहीं लगता, और यह पैसा अदालत के आदेश से भी ज़ब्त नहीं किया जा सकता। नीचे पूरी जानकारी आसान हिंदी में है।

बातजानकारी (अक्टूबर से दिसंबर 2026)
ब्याज दर7.1 प्रतिशत सालाना, हर साल चक्रवृद्धि
कम से कम जमा500 रुपये साल में
ज़्यादा से ज़्यादा जमा1.5 लाख रुपये साल में
कितने साल15 साल, फिर 5 5 साल बढ़ा सकते हैं
लोनतीसरे से छठे साल तक
आंशिक निकासीसातवें साल से
टैक्सEEE, यानी तीनों जगह छूट
कहाँ खुलेगापोस्ट ऑफ़िस या किसी भी बड़े बैंक में

विषय सूची

PPF Account Kya Hai: पूरी बात

PPF यानी पब्लिक प्रॉविडेंट फ़ंड भारत सरकार की एक लंबी अवधि की बचत योजना है। 1968 से चल रही है, और आज भी मध्यम वर्ग की सबसे भरोसेमंद बचत मानी जाती है।

इसमें आप हर साल थोड़ा थोड़ा पैसा डालते हैं, सरकार उस पर ब्याज देती है, और 15 साल बाद पूरी रक़म ब्याज समेत मिल जाती है। पैसा सरकार के पास रहता है, इसलिए डूबने का सवाल ही नहीं।

बैंक FD से इसकी दो बड़ी अलग बातें हैं: ब्याज पर टैक्स नहीं लगता, और यह पैसा किसी क़र्ज़ के बदले अदालत के आदेश से भी ज़ब्त नहीं किया जा सकता।

PPF account की ब्याज दर कितनी है? (अक्टूबर से दिसंबर 2026)

इस तिमाही में PPF पर 7.1 प्रतिशत सालाना ब्याज मिल रहा है।

सरकार हर तीन महीने में छोटी बचत योजनाओं की दरों की समीक्षा करती है। 30 सितंबर 2026 के आदेश से अक्टूबर से दिसंबर 2026 की तिमाही के लिए सभी दरें पहले जैसी रखी गई हैं। खाता खोलने या बड़ी रक़म डालने से पहले उस तिमाही की दर एक बार देख लीजिए।

हर तिमाही की आधिकारिक दर राष्ट्रीय बचत संस्थान की वेबसाइट पर मिलती है: nsiindia.gov.in (वित्त मंत्रालय के अधीन)।

ब्याज हर महीने की 5 तारीख़ से महीने के आख़िरी दिन तक के सबसे कम बैलेंस पर जुड़ता है, पर खाते में डलता साल में एक बार, 31 मार्च को है।

इसका सीधा मतलब: 5 तारीख़ से पहले पैसा डालिए। 6 तारीख़ को डालेंगे तो उस पूरे महीने का ब्याज नहीं मिलेगा।

कौन खाता खोल सकता है?

  • कोई भी भारतीय निवासी अपने नाम पर एक PPF खाता खोल सकता है।
  • माता पिता अपने नाबालिग बच्चे के नाम पर भी खोल सकते हैं, पर तब दोनों खातों की जमा सीमा मिलाकर 1.5 लाख ही रहेगी।
  • एक आदमी का एक ही खाता। दो खाते खुल गए तो दूसरा बंद कर दिया जाता है और उस पर ब्याज नहीं मिलता।
  • NRI नया खाता नहीं खोल सकते। जो भारत में रहते हुए खाता खोल चुके हैं और बाद में NRI बने, वे 15 साल पूरे होने तक जारी रख सकते हैं, पर आगे बढ़ा नहीं सकते।
  • हिंदू अविभाजित परिवार (HUF) के नाम पर नया खाता नहीं खुलता।

कितना जमा करना होगा?

  • कम से कम 500 रुपये एक साल में।
  • ज़्यादा से ज़्यादा 1.5 लाख रुपये एक साल में।
  • एक साल में कितनी भी बार डाल सकते हैं।
  • 1.5 लाख से ज़्यादा डालेंगे तो ज़्यादा वाली रक़म पर कोई ब्याज नहीं मिलेगा और न ही टैक्स छूट।

खाता बंद हो जाए तो?

किसी साल 500 रुपये भी न डलें, तो खाता “निष्क्रिय” हो जाता है। उस हालत में लोन और निकासी नहीं मिलती। दोबारा चालू करने के लिए हर छूटे साल के 500 रुपये और 50 रुपये जुर्माना भरना होता है।

15 साल का नियम और आगे बढ़ाना

PPF खाता 15 साल में मैच्योर होता है। पर यह 15 साल खाता खुलने की तारीख़ से नहीं, बल्कि जिस वित्तीय वर्ष में खाता खुला, उसके ख़त्म होने से गिने जाते हैं।

उदाहरण: खाता जून 2026 में खुला। वित्तीय वर्ष 31 मार्च 2027 को ख़त्म होगा। तो मैच्योरिटी 1 अप्रैल 2042 को होगी।

15 साल बाद आपके पास तीन रास्ते हैं:

  1. पूरा पैसा निकाल लीजिए। टैक्स कुछ नहीं।
  2. बिना नया पैसा डाले खाता चलने दीजिए। जमा रक़म पर ब्याज मिलता रहेगा, और साल में एक बार जितना चाहें निकाल सकते हैं। यह रिटायरमेंट के बाद के लिए अच्छा रास्ता है।
  3. 5 साल और बढ़ाकर पैसा डालते रहिए। इसके लिए मैच्योरिटी के एक साल के अंदर फ़ॉर्म देना होता है। ऐसा जितनी बार चाहें कर सकते हैं।

⚠ तीसरा रास्ता चुनना है तो फ़ॉर्म देना मत भूलिए। फ़ॉर्म दिए बिना पैसा डालते रहे, तो उस पैसे पर न ब्याज मिलेगा, न 80C की छूट।

लोन और पैसा निकालने के नियम

लोन (तीसरे से छठे साल तक)

  • खाता खुलने के तीसरे साल से छठे साल तक लोन मिल सकता है।
  • दो साल पहले के बैलेंस का 25 प्रतिशत तक।
  • ब्याज PPF की दर से 1 प्रतिशत ज़्यादा लगता है। यानी अभी लगभग 8.1 प्रतिशत।
  • 36 महीने में चुकाना होता है।

यह पर्सनल लोन से काफ़ी सस्ता पड़ता है।

आंशिक निकासी (सातवें साल से)

  • सातवें साल से पैसा निकाल सकते हैं।
  • साल में एक बार।
  • चार साल पहले के बैलेंस का 50 प्रतिशत, या पिछले साल के बैलेंस का 50 प्रतिशत, इनमें से जो कम हो।
  • इस पर कोई टैक्स नहीं।

समय से पहले खाता बंद करना

5 साल पूरे होने के बाद इन वजहों से खाता बंद किया जा सकता है: ख़ुद, जीवनसाथी, बच्चों या माता पिता की गंभीर बीमारी, बच्चों की उच्च शिक्षा, या खाताधारक का NRI बन जाना। ऐसी हालत में पूरे समय का ब्याज 1 प्रतिशत कम करके दिया जाता है।

हर महीने कितना डालें तो 15 साल में कितना मिलेगा?

नीचे का हिसाब 7.1 प्रतिशत ब्याज को पूरे 15 साल एक जैसा मानकर है। असली रक़म थोड़ी ऊपर नीचे होगी, क्योंकि दर हर तिमाही बदल सकती है।

हर महीने15 साल में कुल जमा15 साल पर अनुमानित रक़मब्याज
1,000 रुपये1.8 लाखलगभग 3.25 लाखलगभग 1.45 लाख
2,000 रुपये3.6 लाखलगभग 6.5 लाखलगभग 2.9 लाख
5,000 रुपये9 लाखलगभग 16.3 लाखलगभग 7.3 लाख
12,500 रुपये (सालाना सीमा)22.5 लाखलगभग 40.7 लाखलगभग 18.2 लाख

ध्यान दीजिए: 12,500 रुपये महीने वाले मामले में ब्याज ही 18 लाख से ऊपर है, और वह पूरा टैक्स फ़्री है।

और अगर आप 15 साल के बाद 5 5 साल करके खाता बढ़ाते रहें, तो 25 साल में यही रक़म लगभग 83 लाख और 30 साल में एक करोड़ के ऊपर पहुँच सकती है। PPF का असली जादू 15 साल के बाद शुरू होता है।

टैक्स में क्या फ़ायदा है?

PPF EEE श्रेणी में है, यानी तीनों जगह छूट:

  1. जमा पर: सालाना 1.5 लाख तक धारा 80C में छूट।
  2. ब्याज पर: कोई टैक्स नहीं, कोई TDS नहीं।
  3. मैच्योरिटी पर: पूरी रक़म टैक्स फ़्री।

⚠ ज़रूरी बात: 80C वाली छूट सिर्फ़ पुरानी टैक्स व्यवस्था में मिलती है। नई व्यवस्था, जो अब डिफ़ॉल्ट है, उसमें 80C नहीं मिलता। पर ब्याज और मैच्योरिटी दोनों व्यवस्थाओं में टैक्स फ़्री ही रहते हैं।

बैंक FD से तुलना कीजिए: FD का ब्याज आपकी आमदनी में जुड़ता है और स्लैब के हिसाब से टैक्स लगता है। 30 प्रतिशत स्लैब वाले के लिए 7 प्रतिशत की FD असल में लगभग 4.9 प्रतिशत रह जाती है, जबकि PPF का 7.1 प्रतिशत पूरा का पूरा आपका है।

खाता कैसे खोलें?

  1. किसी भी पोस्ट ऑफ़िस या बड़े बैंक (SBI, PNB, BOB, HDFC, ICICI और बाक़ी) में जाइए। कई बैंकों में यह नेट बैंकिंग से ऑनलाइन भी खुल जाता है।
  2. फ़ॉर्म A भरिए।
  3. काग़ज़: आधार, पैन, पता का प्रमाण, फ़ोटो और नॉमिनी की जानकारी।
  4. कम से कम 500 रुपये जमा कीजिए।
  5. नॉमिनी ज़रूर भरिए। बहुत लोग यह छोड़ देते हैं और बाद में परिवार को दिक़्क़त होती है।

बैंक में खाता हो तो ऑनलाइन चलाना आसान रहता है: हर महीने ऑटो डेबिट लगा दीजिए, 1 तारीख़ की, ताकि 5 तारीख़ वाला नियम अपने आप सध जाए।

PPF किसके लिए सही है और किसके लिए नहीं?

सही है अगर:

  • आप बिना किसी जोखिम के बचत चाहते हैं।
  • आपको यह पैसा 15 साल तक नहीं चाहिए।
  • आप पुरानी टैक्स व्यवस्था में हैं और 80C भरना चाहते हैं।
  • आप अपने पोर्टफ़ोलियो का सुरक्षित हिस्सा बनाना चाहते हैं।

सही नहीं है अगर:

  • आपको पैसा दो तीन साल में चाहिए।
  • आप महँगाई से काफ़ी ऊपर का रिटर्न चाहते हैं। उसके लिए लंबी अवधि में इक्विटी म्यूचुअल फ़ंड देखे जाते हैं, पर उनमें जोखिम रहता है।
  • आपकी बेटी 10 साल से छोटी है और आप सिर्फ़ उसके लिए बचा रहे हैं। तब सुकन्या समृद्धि योजना पहले देखिए, वहाँ 8.2 प्रतिशत मिल रहा है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

PPF की ब्याज दर अभी कितनी है?

अक्टूबर से दिसंबर 2026 की तिमाही में 7.1 प्रतिशत सालाना। सरकार हर तीन महीने में इसकी समीक्षा करती है।

PPF में कम से कम कितना डालना पड़ता है?

साल में कम से कम 500 रुपये। इतना भी न डालें तो खाता निष्क्रिय हो जाता है।

क्या एक आदमी दो PPF खाते खोल सकता है?

नहीं। एक आदमी का एक ही खाता हो सकता है। नाबालिग बच्चे के नाम पर अलग खाता खुल सकता है, पर जमा की सीमा मिलाकर 1.5 लाख ही रहेगी।

PPF से पैसा कब निकाल सकते हैं?

सातवें साल से साल में एक बार आंशिक निकासी कर सकते हैं। पूरा पैसा 15 साल बाद मिलता है।

15 साल के बाद क्या होता है?

तीन रास्ते हैं: पूरा पैसा निकाल लीजिए, बिना नया पैसा डाले खाता चलने दीजिए, या फ़ॉर्म देकर 5 साल और बढ़ा दीजिए।

हर महीने 5,000 रुपये डालें तो 15 साल में कितना मिलेगा?

आप 9 लाख जमा करेंगे और लगभग 16.3 लाख रुपये मिलने का अनुमान है, अगर दर 7.1 प्रतिशत बनी रहे।

नई टैक्स व्यवस्था में PPF का फ़ायदा है?

नई व्यवस्था में जमा पर 80C की छूट नहीं मिलती, पर ब्याज और मैच्योरिटी की पूरी रक़म टैक्स फ़्री ही रहती है।

PPF में पैसा डालने का सही दिन कौन सा है?

महीने की 5 तारीख़ से पहले। ब्याज 5 तारीख़ से महीने के आख़िर तक के सबसे कम बैलेंस पर जुड़ता है।

और पढ़िए

ppf account kya hai, यह जानकारी उन लोगों तक ज़रूर पहुँचाइए जो अपनी बचत सही जगह लगाना चाहते हैं। आपका कोई सवाल हो, कमेंट में पूछिए।

S.K. Choudhary
लेखक: S.K. ChoudharyMBA (Finance) · 18 साल का बैंक, टैक्स और हिसाब किताब का अनुभव। इस लेख के नियम और आँकड़े सरकारी स्रोतों से जाँचे गए हैं। ग़लती दिखे तो बताएँ: skchoudharyac@gmail.com · लेखक के बारे में
Disclaimer: यह लेख सिर्फ़ जानकारी और समझ बढ़ाने के लिए है; यह निवेश, टैक्स, लोन या क़ानूनी सलाह नहीं है। ब्याज दरें, शुल्क और नियम समय के साथ बदलते हैं, इसलिए कोई भी फ़ैसला लेने से पहले बैंक, SEBI पंजीकृत सलाहकार या CA से अपनी स्थिति के हिसाब से पुष्टि करें। Storyshala किसी बैंक, कार्ड, बीमा या निवेश उत्पाद की सिफ़ारिश नहीं करता। शेयर बाज़ार और म्यूचुअल फ़ंड में निवेश बाज़ार के जोखिम के अधीन है। लेख में दिए कुछ Amazon लिंक एफ़िलिएट हो सकते हैं; उनसे ख़रीदने पर आपको कोई अतिरिक्त ख़र्च नहीं होता।
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