आईपीओ में निवेश कैसे करें? IPO क्या है, आवेदन के 6 कदम, लॉट साइज़, अलॉटमेंट, T+3 लिस्टिंग और ज़रूरी सावधानियाँ (How to Invest in IPO in Hindi)

अपडेट: 7 मिनट में पढ़ें

आईपीओ में निवेश कैसे करें? IPO (इनिशियल पब्लिक ऑफ़र) में पैसा लगाने के लिए आपको चाहिए: एक डीमैट और ट्रेडिंग खाता, उसी नाम का बैंक खाता या UPI ID, और IPO खुले रहने के दिनों में ब्रोकर ऐप से कम से कम 1 लॉट की बोली। पैसा तुरंत कटता नहीं, सिर्फ़ ब्लॉक होता है; शेयर मिले तो कटता है, न मिले तो छूट जाता है। लिस्टिंग इश्यू बंद होने के तीसरे कामकाजी दिन (T+3) होती है।

मुख्य बातें

  • IPO = कंपनी पहली बार आम लोगों को शेयर बेचती है, फिर शेयर NSE और BSE पर लिस्ट होता है।
  • आवेदन ब्रोकर ऐप या नेट बैंकिंग (ASBA) से; UPI से ₹5 लाख तक की बोली लग सकती है।
  • छोटा निवेशक (रिटेल) एक IPO में ₹2 लाख तक लगा सकता है; एक लॉट आम तौर पर ₹10,000 से ₹15,000 का होता है।
  • एक PAN से एक IPO में एक ही आवेदन मान्य है, चाहे डीमैट खाते दो हों।
  • ज़्यादा माँग हो, तो रिटेल में लॉटरी से 1 लॉट मिलता है; ज़्यादा लॉट भरने से मौक़ा नहीं बढ़ता।

आईपीओ क्या है

जब कोई कंपनी पहली बार अपने शेयर आम निवेशकों को बेचती है, तो उसे IPO कहते हैं। इससे कंपनी को कारोबार बढ़ाने या क़र्ज़ चुकाने के लिए पैसा मिलता है (फ़्रेश इश्यू), या पुराने मालिक और निवेशक अपना कुछ हिस्सा बेचते हैं (ऑफ़र फ़ॉर सेल, OFS)। OFS का पैसा कंपनी को नहीं, बेचने वालों को जाता है, इसलिए RHP में यह बँटवारा ज़रूर देखें।

IPO प्राइमरी मार्केट में होता है; लिस्टिंग के बाद वही शेयर सेकेंडरी मार्केट (NSE, BSE) में रोज़ ख़रीदे बेचे जाते हैं। फ़र्क विस्तार से: प्राइमरी मार्केट और सेकेंडरी मार्केट में अंतर।

आईपीओ में निवेश कैसे करें: 6 कदम

आईपीओ में निवेश कैसे करें, यह पूरा रास्ता इन 6 कदमों में है:

आईपीओ में निवेश कैसे करें: डीमैट खाता, IPO चुनें, RHP पढ़ें, बोली, UPI मंज़ूरी, अलॉटमेंट
इन्फ़ोग्राफ़िक: IPO में आवेदन कैसे करें: 6 कदम (Storyshala)

कट ऑफ़ भाव: रिटेल निवेशक “कट ऑफ़” चुन सकते हैं, यानी जो अंतिम भाव तय होगा उसी पर ख़रीद। इसमें भाव के दायरे के ऊपरी भाव जितना पैसा ब्लॉक होता है; अंतिम भाव कम निकला, तो बाक़ी पैसा छूट जाता है।

UPI की मंज़ूरी समय पर: बोली लगाने के बाद UPI ऐप में आया मैंडेट मंज़ूर करना ज़रूरी है, नहीं तो आवेदन गिना ही नहीं जाता। आख़िरी दिन तक न टालें।

लॉट साइज़ और कितना पैसा लगेगा

IPO में शेयर लॉट में मिलते हैं। SEBI के नियम से मेनबोर्ड IPO का एक लॉट ऐसा रखा जाता है कि उसकी क़ीमत ₹10,000 से ₹15,000 के बीच हो। रिटेल निवेशक की सीमा ₹2 लाख है; इससे ज़्यादा की बोली NII (बड़े निवेशक) श्रेणी में जाती है।

आईपीओ में निवेश कैसे करें: लॉट साइज़ का हिसाब, 1 लॉट ₹15,000, रिटेल सीमा ₹2 लाख में 13 लॉट
इन्फ़ोग्राफ़िक: IPO में कितना पैसा लगेगा? (Storyshala)

IPO में अलॉटमेंट कैसे होता है

  • कम माँग (अंडरसब्सक्राइब): जितना माँगा, लगभग उतने शेयर मिल जाते हैं।
  • ज़्यादा माँग (ओवरसब्सक्राइब): रिटेल में कंप्यूटर की लॉटरी होती है, और जिसका नाम निकले उसे कम से कम 1 लॉट मिलता है। 50 गुना माँग हो, तो मोटे तौर पर 50 में से 1 आवेदन को ही लॉट मिलता है।
  • मौक़ा बढ़ाने का सही तरीका: परिवार के अलग अलग सदस्य अपने अपने PAN, डीमैट और UPI से आवेदन करें। एक ही PAN से दो डीमैट खातों से भरे आवेदन रद्द हो सकते हैं।

कितना हिस्सा रिटेल का: मुनाफ़े वाली कंपनी के बुक बिल्ट IPO में कम से कम 35% शेयर रिटेल निवेशकों के लिए रखे जाते हैं; घाटे वाली कंपनी के IPO में रिटेल का हिस्सा 10% तक ही होता है, क्योंकि वहाँ ज़्यादातर हिस्सा बड़ी संस्थाओं (QIB) के लिए होता है।

T+3: पैसा ब्लॉक से लिस्टिंग तक

SEBI के 9 अगस्त 2023 के सर्कुलर के बाद 1 दिसंबर 2023 से हर पब्लिक इश्यू की लिस्टिंग, इश्यू बंद होने के 3 कामकाजी दिन में ज़रूरी है (पहले 6 दिन लगते थे)।

आईपीओ में निवेश कैसे करें: T+3 टाइमलाइन, T पर पैसा ब्लॉक, T+1 अलॉटमेंट, T+2 डीमैट, T+3 लिस्टिंग
इन्फ़ोग्राफ़िक: IPO बंद होने के बाद क्या होता है? (Storyshala)

IPO चुनने से पहले क्या देखें

आईपीओ में निवेश कैसे करें, यह तरीका जान लिया; अब असली सवाल यह है कि कौन सा IPO चुनें। ये 5 बातें ज़रूर देखें:

  • पैसा किस काम का: फ़्रेश इश्यू से कारोबार बढ़ेगा या सारा IPO ही OFS है? RHP का “Objects of the Issue” हिस्सा पढ़ें।
  • मुनाफ़ा और क़र्ज़: पिछले 3 साल की बिक्री और मुनाफ़ा बढ़ रहा है या नहीं, क़र्ज़ कितना है। तरीका: फ़ंडामेंटल एनालिसिस।
  • भाव सही है या महँगा: उसी उद्योग की लिस्टेड कंपनियों से P/E की तुलना करें। तरीका: स्टॉक वैल्यूएशन क्या है।
  • जोखिम वाले हिस्से: RHP का “Risk Factors” हिस्सा; मुक़दमे, एक ही ग्राहक पर निर्भरता, प्रमोटर के गिरवी शेयर।
  • GMP पर भरोसा नहीं: ग्रे मार्केट प्रीमियम अनौपचारिक अनुमान है, इस पर कोई नियम या जवाबदेही नहीं; लिस्टिंग के दिन यह ग़लत भी निकलता है।

SME IPO अलग हैं

छोटी कंपनियों के SME IPO में जोखिम ज़्यादा और ख़रीद बिक्री कम होती है। इनमें आवेदन की न्यूनतम रक़म भी बड़ी है (अभी कम से कम 2 लॉट, ₹2 लाख से ज़्यादा)। नए निवेशक पहले मेनबोर्ड IPO समझें।

IPO से कमाई कैसे होती है और टैक्स

कमाई दो तरह से: लिस्टिंग गेन (लिस्टिंग के दिन इश्यू भाव से ऊपर बेचना) और लंबे समय की बढ़त (अच्छी कंपनी को सालों रखना)। हर IPO फ़ायदे में लिस्ट नहीं होता; कई IPO इश्यू भाव से नीचे खुलते हैं।

टैक्स: शेयर 12 महीने के अंदर बेचे, तो मुनाफ़े पर शॉर्ट टर्म कैपिटल गेन टैक्स 20%; 12 महीने के बाद बेचे, तो साल में ₹1.25 लाख से ऊपर के मुनाफ़े पर 12.5% (23 जुलाई 2024 से लागू दरें)।

IPO कैसे ख़रीदें, शुरुआत करने वालों के लिए

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अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

आईपीओ में निवेश कैसे करें, सबसे पहले क्या चाहिए?

अपने नाम का डीमैट और ट्रेडिंग खाता, उसी नाम का बैंक खाता या UPI ID, और PAN। फिर ब्रोकर ऐप में खुले IPO पर बोली लगाकर UPI मैंडेट मंज़ूर करें।

IPO में कितना पैसा लगाना चाहिए?

कम से कम 1 लॉट (आम तौर पर ₹10,000 से ₹15,000) और रिटेल में ज़्यादा से ज़्यादा ₹2 लाख। ज़्यादा माँग वाले IPO में 1 लॉट भरना ही काफ़ी है, क्योंकि लॉटरी से 1 लॉट ही मिलता है। कुल निवेश का छोटा हिस्सा ही IPO में रखें।

IPO से कमाई कैसे होती है?

लिस्टिंग के दिन इश्यू भाव से ऊपर बेचकर, या अच्छी कंपनी के शेयर लंबे समय तक रखकर। नुकसान भी हो सकता है, अगर शेयर इश्यू भाव से नीचे लिस्ट हो।

आज कौन सा IPO लेना चाहिए?

किसी एक IPO की सलाह यहाँ नहीं दी जाती। ब्रोकर ऐप या NSE की वेबसाइट पर खुले IPO देखें, फिर RHP में पैसे का इस्तेमाल, मुनाफ़ा, क़र्ज़ और भाव की तुलना करके ख़ुद तय करें।

क्या दो डीमैट खातों से एक IPO में आवेदन कर सकते हैं?

नहीं। एक PAN से एक IPO में एक ही आवेदन मान्य है; दोनों डीमैट एक ही PAN पर हैं, तो दूसरा आवेदन रद्द हो सकता है।

IPO का पैसा कब वापस आता है?

अलॉटमेंट न मिले, तो पैसा कटता ही नहीं, सिर्फ़ ब्लॉक होता है; T+2 तक (इश्यू बंद होने के दूसरे कामकाजी दिन) वह अनब्लॉक हो जाता है।

स्रोत (16 अक्टूबर 2026 को जाँचे गए)

  • SEBI निवेशक पेज: ASBA और UPI से IPO में आवेदन
  • SEBI सर्कुलर, 9 अगस्त 2023: पब्लिक इश्यू की लिस्टिंग T+6 से घटाकर T+3 (1 दिसंबर 2023 से ज़रूरी)
  • SEBI: पब्लिक ऑफ़र में निवेश का General Information Document (न्यूनतम आवेदन ₹10,000 से ₹15,000)

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