प्राइमरी मार्केट और सेकेंडरी मार्केट में अंतर: मतलब, उदाहरण, IPO से लिस्टिंग तक शेयर का सफ़र और 8 बड़े फ़र्क (Primary and Secondary Market in Hindi)

अपडेट: 4 मिनट में पढ़ें

प्राइमरी मार्केट और सेकेंडरी मार्केट में अंतर क्या है? प्राइमरी मार्केट में कंपनी पहली बार नए शेयर बेचकर निवेशकों से सीधे पैसा जुटाती है (जैसे IPO)। सेकेंडरी मार्केट में वही शेयर बाद में निवेशक आपस में स्टॉक एक्सचेंज (NSE, BSE) पर ख़रीदते बेचते हैं, और उस सौदे का पैसा कंपनी को नहीं, बेचने वाले निवेशक को मिलता है। सीधी भाषा में: प्राइमरी = कंपनी से ख़रीदना, सेकेंडरी = दूसरे निवेशक से ख़रीदना।

मुख्य बातें

  • प्राइमरी मार्केट को न्यू इश्यू मार्केट भी कहते हैं; यहाँ शेयर पहली बार बनते और बिकते हैं।
  • प्राइमरी के रास्ते: IPO, FPO, राइट इश्यू, QIP, प्राइवेट प्लेसमेंट, प्रेफ़रेंशियल अलॉटमेंट।
  • सेकेंडरी मार्केट = रोज़ का शेयर बाज़ार; भाव माँग और आपूर्ति से हर पल बदलता है।
  • प्राइमरी में भाव कंपनी तय करती है (या भाव का दायरा देती है); सेकेंडरी में बाज़ार।
  • IPO में आवेदन किया शेयर लिस्टिंग के बाद सेकेंडरी मार्केट में बेचा जाता है।

प्राइमरी मार्केट क्या है

जब कोई कंपनी कारोबार बढ़ाने, नई फ़ैक्ट्री लगाने या क़र्ज़ चुकाने के लिए नए शेयर जारी करती है और लोग उन्हें सीधे कंपनी से ख़रीदते हैं, तो वह प्राइमरी मार्केट है। यहाँ से कंपनी को नया पैसा मिलता है। इसका दूसरा नाम न्यू इश्यू मार्केट (NIM) है। सबसे जाना माना उदाहरण IPO है, जिसमें कंपनी पहली बार आम लोगों को शेयर बेचती है। पूरा तरीका: आईपीओ में निवेश कैसे करें।

प्राइमरी मार्केट और सेकेंडरी मार्केट में अंतर: प्राइमरी मार्केट के 6 रास्ते, IPO, FPO, राइट इश्यू, QIP, प्राइवेट प्लेसमेंट, प्रेफ़रेंशियल अलॉटमेंट
इन्फ़ोग्राफ़िक: प्राइमरी मार्केट के 6 रास्ते (Storyshala)

बोनस शेयर प्राइमरी मार्केट नहीं: बोनस में शेयर मुफ़्त मिलते हैं और कंपनी को कोई नया पैसा नहीं आता। देखें: बोनस शेयर क्या होता है।

सेकेंडरी मार्केट क्या है

लिस्टिंग के बाद शेयर स्टॉक एक्सचेंज पर आ जाते हैं, और निवेशक उन्हें ब्रोकर के ऐप से आपस में ख़रीदते बेचते हैं। यही सेकेंडरी मार्केट है, जिसे आम बोलचाल में शेयर बाज़ार या स्टॉक मार्केट कहते हैं। भारत के दो बड़े एक्सचेंज हैं: NSE और BSE। हर सौदे में एक ख़रीदार और एक बेचने वाला होता है; एक्सचेंज दोनों के ऑर्डर मिलाता है, और सौदे का निपटारा अगले कामकाजी दिन (T+1) होता है। पूरा तरीका: शेयर बाज़ार कैसे काम करता है।

एक शेयर का सफ़र: प्राइमरी से सेकेंडरी तक

प्राइमरी मार्केट और सेकेंडरी मार्केट में अंतर सबसे आसानी से एक शेयर के सफ़र से समझ आता है:

प्राइमरी मार्केट और सेकेंडरी मार्केट में अंतर: एक शेयर का सफ़र, IPO, आवेदन, लिस्टिंग, एक्सचेंज पर बिक्री
इन्फ़ोग्राफ़िक: एक शेयर का सफ़र (Storyshala)

प्राइमरी मार्केट और सेकेंडरी मार्केट में अंतर: 8 बड़े फ़र्क

प्राइमरी मार्केट और सेकेंडरी मार्केट में अंतर: किससे ख़रीदें, पैसा किसे, भाव, समय, उदाहरण
इन्फ़ोग्राफ़िक: प्राइमरी या सेकेंडरी: 8 फ़र्क (Storyshala)

दोनों में से किसमें निवेश करें

  • प्राइमरी (IPO): नई कंपनी में शुरुआत से हिस्सा लेने का मौक़ा, लेकिन जानकारी कम होती है, ज़्यादा माँग में शेयर लॉटरी से मिलते हैं, और लिस्टिंग इश्यू भाव से नीचे भी हो सकती है।
  • सेकेंडरी (शेयर बाज़ार): कंपनी का सालों का रिकॉर्ड, नतीजे और भाव का इतिहास देखकर ख़रीद सकते हैं, और जब चाहें उतने शेयर ख़रीद बेच सकते हैं।

नए निवेशकों के लिए आम तौर पर सेकेंडरी मार्केट में जमी हुई कंपनियों या इंडेक्स फ़ंड से शुरुआत ज़्यादा आसान रहती है। कैसे शुरू करें: शेयर मार्केट में प्रवेश कैसे करें।

प्राइमरी और सेकेंडरी मार्केट में फ़र्क क्या है

NiveshNote: पैसे की बात, एक मिनट में

SIP, म्यूचुअल फ़ंड, CIBIL, टैक्स और शेयर बाज़ार के आसान शॉर्ट वीडियो, Storyshala के YouTube चैनल NiveshNote पर।

चैनल देखें

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

प्राइमरी मार्केट और सेकेंडरी मार्केट में अंतर एक लाइन में?

प्राइमरी मार्केट में कंपनी से नए शेयर ख़रीदते हैं और पैसा कंपनी को जाता है; सेकेंडरी मार्केट में दूसरे निवेशक से पुराने शेयर ख़रीदते हैं और पैसा उस निवेशक को जाता है।

प्राथमिक बाज़ार का दूसरा नाम क्या है?

न्यू इश्यू मार्केट (NIM), क्योंकि यहाँ शेयर और बॉन्ड पहली बार जारी होते हैं।

क्या स्टॉक मार्केट और शेयर मार्केट एक ही है?

आम बोलचाल में हाँ। दोनों से मतलब उसी सेकेंडरी मार्केट से है जहाँ NSE और BSE पर लिस्टेड शेयर ख़रीदे बेचे जाते हैं। “स्टॉक” शब्द थोड़ा बड़ा है और इसमें कभी कभी बॉन्ड जैसी चीज़ें भी गिनी जाती हैं।

सबसे बड़ा शेयर बाज़ार कौन सा है?

भारत में दो मुख्य एक्सचेंज हैं: NSE (कारोबार के हिसाब से सबसे बड़ा) और BSE (एशिया का सबसे पुराना, 1875 से)। आप दोनों पर एक ही डीमैट खाते से ख़रीद बेच कर सकते हैं।

क्या IPO सेकेंडरी मार्केट का हिस्सा है?

नहीं, IPO प्राइमरी मार्केट है। लिस्टिंग के दिन से वही शेयर सेकेंडरी मार्केट में ख़रीदा बेचा जाता है।

ये भी पढ़ें

नोट: इस लेख में Amazon के affiliate लिंक हैं। इनसे ख़रीदारी करने पर Storyshala को छोटा कमीशन मिलता है, आपके लिए क़ीमत नहीं बदलती।

यह लेख काम का लगा? अपनों को भेजें

यह भी पढ़ें

बुक वैल्यू क्या है? बुक वैल्यू प्रति शेयर, P/B रेशियो कितना होना चाहिए और फ़ेस वैल्यू से अंतर (Book Value Meaning in Hindi)5 मिनट म्यूचुअल फ़ंड निवेश गाइड: म्यूचुअल फ़ंड क्या है, कैसे काम करता है, प्रकार, SIP, टैक्स, फ़ैक्टशीट और CAS की पूरी जानकारी (Mutual Fund Guide in Hindi)11 मिनट लोन अगेंस्ट सिक्योरिटीज़ (LAS) क्या है? शेयर और म्यूचुअल फ़ंड पर लोन कैसे लें, RBI के 2026 नियम, LTV, मार्जिन कॉल और सावधानियाँ (Loan Against Securities in Hindi)9 मिनट कैंडलस्टिक चार्ट क्या है? कैंडल कैसे पढ़ें, कैंडलस्टिक के प्रकार और 10 ज़रूरी पैटर्न (Candlestick Chart in Hindi)7 मिनट शेयर बायबैक क्या होता है? टेंडर ऑफ़र और ओपन मार्केट, बायबैक में शेयर कैसे बेचें, एक्सेप्टेंस रेशियो, टैक्स 2026 और कंपनियाँ बायबैक क्यों करती हैं6 मिनट फ़ंडामेंटल एनालिसिस क्या है? कंपनी कैसे जाँचें: 7 ज़रूरी रेशियो, गुणात्मक और मात्रात्मक जाँच, 6 कदम और टेक्निकल एनालिसिस से फ़र्क (Fundamental Analysis in Hindi)5 मिनट

Leave a Comment