बुक वैल्यू क्या है? बुक वैल्यू प्रति शेयर, P/B रेशियो कितना होना चाहिए और फ़ेस वैल्यू से अंतर (Book Value Meaning in Hindi)

अपडेट: 5 मिनट में पढ़ें

बुक वैल्यू क्या है? किसी कंपनी की बुक वैल्यू वह रक़म है जो उसकी कुल संपत्ति में से कुल देनदारी घटाने पर बचती है, यानी कंपनी की नेटवर्थ (शेयरधारकों की पूँजी)। इसे कंपनी के कुल शेयरों से भाग देने पर बुक वैल्यू प्रति शेयर (BVPS) निकलती है। आसान भाषा में: अगर कंपनी आज अपनी सारी संपत्ति बही खाते की क़ीमत पर बेचकर सारे कर्ज़ चुका दे, तो हर शेयर के हिस्से में लगभग इतना पैसा आएगा।

छोटा जवाब: बुक वैल्यू प्रति शेयर = (कुल संपत्ति − कुल देनदारी) ÷ कुल शेयर। शेयर का बाज़ार भाव इससे कितने गुना है, इसे प्राइस टू बुक (P/B) रेशियो कहते हैं। P/B का कोई एक “सही” नंबर नहीं होता: इसे हमेशा उसी सेक्टर की दूसरी कंपनियों और कंपनी के अपने पुराने स्तर से तुलना करके देखें, और कंपनी की कमाई की क्षमता (ROE) के साथ जोड़कर।

मुख्य बातें

  • बुक वैल्यू = कंपनी की नेटवर्थ (संपत्ति घटा देनदारी), बैलेंस शीट से निकलती है।
  • बुक वैल्यू प्रति शेयर = नेटवर्थ ÷ कुल शेयर।
  • P/B = शेयर का भाव ÷ बुक वैल्यू प्रति शेयर।
  • P/B 1 से कम का मतलब हमेशा “सस्ता” नहीं; कंपनी में समस्या भी हो सकती है।
  • बैंक, NBFC और ज़्यादा संपत्ति वाले कारोबार में P/B सबसे ज़्यादा काम आता है।

बुक वैल्यू का फ़ॉर्मूला और उदाहरण

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इन्फ़ोग्राफ़िक: बुक वैल्यू और P/B का हिसाब (Storyshala)

मतलब: बाज़ार इस कंपनी के हर ₹100 की नेटवर्थ के लिए ₹250 दे रहा है, यानी निवेशकों को उम्मीद है कि कंपनी अपनी पूँजी पर अच्छा मुनाफ़ा कमाती रहेगी।

बैलेंस शीट में कहाँ देखें: सालाना रिपोर्ट की बैलेंस शीट में “Total Equity” या “Shareholders’ Funds” (इक्विटी शेयर कैपिटल + रिज़र्व और सरप्लस) ही कंपनी की बुक वैल्यू है। ज़्यादातर ब्रोकर ऐप और वित्तीय वेबसाइट बुक वैल्यू प्रति शेयर और P/B सीधे भी दिखाती हैं।

बुक वैल्यू कैसे निकालें: 4 कदम

बुक वैल्यू कैसे निकालें 4 कदम: बैलेंस शीट, नेटवर्थ, शेयरों से भाग, P/B रेशियो
इन्फ़ोग्राफ़िक: बुक वैल्यू कैसे निकालें: 4 कदम (Storyshala)

P/B रेशियो कितना होना चाहिए?

यह सबसे ज़्यादा पूछा जाने वाला सवाल है। सीधा जवाब: कोई एक तय नंबर सही नहीं होता। P/B को इन तीन तरह से परखें:

  1. सेक्टर से तुलना: एक ही सेक्टर की कंपनियों के P/B मिलाएँ। बैंक का P/B IT कंपनी से मिलाना ग़लत है।
  2. कंपनी के अपने इतिहास से: कंपनी का P/B पिछले कुछ सालों के औसत से बहुत ऊपर है या नीचे।
  3. ROE के साथ: जो कंपनी अपनी पूँजी पर ज़्यादा मुनाफ़ा (ROE) कमाती है, उसका P/B ज़्यादा होना स्वाभाविक है। एक काम का रिश्ता है: P/B = P/E × ROE। यानी ऊँचा P/B तभी ठीक है जब कंपनी का ROE भी मज़बूत हो।
P/B रेशियो कम और ज़्यादा होने का मतलब: अच्छी संभावना, ख़तरे की संभावना और क्या जाँचें
इन्फ़ोग्राफ़िक: P/B कम या ज़्यादा: क्या मतलब? (Storyshala)

किन कंपनियों में बुक वैल्यू सबसे ज़्यादा काम की है?

कारोबारबुक वैल्यू कितनी काम कीक्यों
बैंक और NBFCबहुत ज़्यादाइनकी संपत्ति मुख्य रूप से लोन और निवेश है, जिनकी क़ीमत बही में साफ़ दिखती है
बीमा, मेटल, सीमेंट, बिजलीज़्यादाबड़ी मशीनें और संपत्ति, पूँजी से कमाई
IT, FMCG, ब्रांड वाली कंपनियाँकमअसली ताक़त ब्रांड, लोगों और तकनीक में, जो बैलेंस शीट में पूरी नहीं दिखती; इसलिए इनका P/B अक्सर ऊँचा रहता है

बुक वैल्यू, फ़ेस वैल्यू और मार्केट प्राइस में अंतर

बिंदुफ़ेस वैल्यूबुक वैल्यूमार्केट प्राइस
मतलबकंपनी की तय की गई काग़ज़ी क़ीमतप्रति शेयर नेटवर्थबाज़ार का आज का भाव
बदलावबहुत कम (स्प्लिट पर)हर तिमाही या सालहर पल
किस काम आती हैडिविडेंड %, शेयर पूँजीP/B, कंपनी की मज़बूतीख़रीद बिक्री, मार्केट कैप

फ़ेस वैल्यू को विस्तार से समझने के लिए पढ़ें: फ़ेस वैल्यू क्या है।

बुक वैल्यू की सीमाएँ

  • बही में संपत्ति पुरानी क़ीमत पर दर्ज हो सकती है; ज़मीन जैसी चीज़ों की असली क़ीमत अलग हो सकती है।
  • ब्रांड, पेटेंट और लोगों की क़ाबिलियत जैसी ताक़त अक्सर बुक वैल्यू में पूरी नहीं दिखती।
  • घाटे वाली कंपनी की बुक वैल्यू हर साल घटती जाती है, इसलिए “भाव बुक वैल्यू से कम है” देखकर उत्साहित न हों।
  • बहुत ज़्यादा कर्ज़ वाली कंपनी में नेटवर्थ नकारात्मक (शून्य से कम) भी हो सकती है।
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अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

बुक वैल्यू क्या होती है?

बुक वैल्यू कंपनी की कुल संपत्ति में से कुल देनदारी घटाने पर बची रक़म है, यानी कंपनी की नेटवर्थ। इसे कुल शेयरों से भाग देने पर बुक वैल्यू प्रति शेयर मिलती है।

बुक वैल्यू प्रति शेयर कैसे निकालें?

बुक वैल्यू प्रति शेयर = (कुल संपत्ति − कुल देनदारी) ÷ कुल शेयर। जैसे नेटवर्थ ₹500 करोड़ और 5 करोड़ शेयर हों, तो BVPS ₹100 होगी।

प्राइस टू बुक वैल्यू कितना होना चाहिए?

P/B का कोई एक सही नंबर नहीं है। इसे उसी सेक्टर की कंपनियों, कंपनी के पुराने औसत और उसके ROE के साथ तुलना करके देखें। बैंकों में P/B ज़्यादा काम का है।

P/B रेशियो 1 से कम हो तो क्या शेयर सस्ता है?

ज़रूरी नहीं। P/B 1 से कम होने का मतलब है भाव बुक वैल्यू से नीचे है, जो मौक़ा भी हो सकता है और कंपनी में ख़राब लोन, घाटा या संदिग्ध संपत्ति का संकेत भी।

बुक वैल्यू और फ़ेस वैल्यू में क्या अंतर है?

फ़ेस वैल्यू कंपनी की तय की गई काग़ज़ी क़ीमत है जो बहुत कम बदलती है, जबकि बुक वैल्यू प्रति शेयर कंपनी की नेटवर्थ से निकलती है और हर तिमाही या साल बदलती है।

बुक वैल्यू कहाँ देखें?

कंपनी की सालाना रिपोर्ट की बैलेंस शीट में Total Equity देखें, या ब्रोकर ऐप और वित्तीय वेबसाइटों पर बुक वैल्यू प्रति शेयर और P/B सीधे देखें।

स्रोत (15 अक्टूबर 2026 को जाँचे गए)

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ज़रूरी सूचना: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है, निवेश सलाह नहीं। उदाहरण के आँकड़े काल्पनिक हैं। किसी शेयर में निवेश से पहले अपनी जाँच करें या SEBI में पंजीकृत सलाहकार से बात करें।

नोट: इस लेख में Amazon के affiliate लिंक हैं। इनसे ख़रीदारी करने पर Storyshala को छोटा कमीशन मिलता है, आपके लिए क़ीमत नहीं बदलती।

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