What Is Government Bonds In Hindi – सरकारी बांड्स क्या है

What Is Government Bonds In Hindi – सरकारी बांड्स क्या है : आम आदमी के पास आज के समय पैसे निवेश करने के लिए बहुत सारे विकल्प उपलब्ध है। लेकिन घूम फिर कर बात वहीं आ जाती है, कि आपका पैसा सबसे ज्यादा कहां सुरक्षित है। तो हम आपको बता दें कि निवेश के तमाम विकल्पों में सरकारी बांड्स में निवेश करना सबसे ज्यादा सुरक्षित माना जाता है।

Government Bonds में निवेशकों को तय ब्याज मिलता है। तो चलिए दोस्तों इस आर्टिकल के माध्यम से जानते हैं कि सरकारी बांड्स क्या है (What Is Government Bonds In Hindi) और इन्हें सरकार क्यों जारी करती है। जानते हैं सब-कुछ आर्टिकल को पूरा जरूर पढ़ें।

सरकारी बांड्स (Government Bonds in Hindi) के बारे में जानने से पहले आपको यह जानना जरूरी है कि बांड्स क्या होता है।

बांड्स क्या होता है (What is Bonds in Hindi)

बांड्स एक प्रकार का निश्चित आय का सुरक्षित दस्तावेज (secure documents) होता है। जब किसी कंपनी या सरकार को पैसे की जरूरत होती है, तो वह आम जनता या इनवेस्टर्स से पैसे लेकर उन्हें एक प्रमाण पत्र देती है, उसे बांड्स (bonds) कहा जाता है। बांड्स का मेच्योरिटी पीरियड 1 साल से लेकर 30 साल तक का हो सकता है।

सरकारी बांड्स क्या है ( What Is Government Bonds in Hindi )

जब आपको पैसे की जरूरत होती है, तो उसे पूरा करने के लिए सेविंग अकाउंट से पैसे निकालते हैं। या सेविंग्स अकाउंट में पैसे ना होने के कारण किसी से कर्ज लेते हैं। ठीक उसी प्रकार भारतीय सरकार (Indian government) भी राजकोषीय घाटे को पूरा करने या किसी कार्य को संपन्न कराने के लिए पैसे नहीं होते तो सरकार बांड्स (Government bonds) जारी करता है।

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सरकार द्वारा जारी किए गए इन बांड्स को ऋण पत्र भी कहा जाता है। इन बांड्स के जरिए सरकार बड़े निवेशक या आम लोगों से पैसा इकट्ठा करती है। चूँकि सरकारी बॉन्ड्स पत्र के फॉर्मेट में होता है। जिसमें बॉन्ड्स का प्राइस वैल्यू, ब्याज दर और मेच्योरिटी डेट (Maturity Date) सब कुछ लिखा होता है।

सरकारी बांड्स कितने प्रकार के होते हैं (What are the types of Government Bonds in Hindi)

  1. फिक्स रेट बॉन्ड (Fixed Rate Bonds)
  2. इन्फ्लेशन इंडेक्स्ड बॉन्ड (Inflation Indexed Bonds)
  3. फ्लोटिंग रेट बॉन्ड (Floating Rate Bond)
  4. काल पुट बॉन्ड (Call Put Bond)
  5. कैपिटल इंडेक्स्ड बॉन्ड (Capital Indexed Bond)
  6. अल्पकालीन सरकारी बॉन्ड (Short Term Government Bonds)
  7. भारत सरकार 7.75% बचत बॉन्ड (Government of India 7.75% Savings Bond)
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फिक्स रेट बॉन्ड (Fixed Rate Bonds)

भारत सरकार द्वारा जारी किए गए इस प्रकार के बॉन्ड में आपके द्वारा निवेश किए गए पूंजी पर ब्याज दर पहले से ही निश्चित रहता है। यानी कि बॉन्ड की शुरुआत से लेकर मेच्योरिटी डेट तक ब्याज दर एक समान रहता है।

इन्फ्लेशन इंडेक्स्ड बॉन्ड (What is Inflation Indexed Bond in Hindi)

इस प्रकार के बॉन्ड में निवेश किए गए पूंजी पर भारतीय सरकार महंगाई में हुए बदलाव के अनुसार ब्याज दरों में परिवर्तन करते रहती है। यानी कि महंगाई के अनुसार ब्याज दरों में परिवर्तन होते रहता है। मान लीजिए यदि महंगाई बढ़ती है, तो आपका ब्याज दर भी बढ़ जाएगा।

फ्लोटिंग रेट बॉन्ड (What is Floating Rate Bond in Hindi)

इस प्रकार के बॉन्ड में भारतीय सरकार आपके द्वारा निवेश किए गए पूंजी पर ब्याज दर को निश्चित नहीं करता इसमें ब्याज दरें बदलती रहती है।

काल पुट बॉन्ड (What is Call Put Bond in Hindi)

भारतीय सरकार इस प्रकार के बॉन्ड में अपने पास यह अधिकार रखती है कि बॉन्ड के समयावधि पूर्ण होने से पहले ही वापस ले सकती है। तथा निवेशक भी समयावधि पूरा होने से पहले अपना बॉन्ड जारीकर्ता को बेच सकता है।

कैपिटल इंडेक्स्ड बॉन्ड (What is Capital Indexed Bond in Hindi)

इस तरह के गवर्नमेंट बॉन्ड में निवेशकों को इंफ्लेशन रेट से 1.50% ज्यादा रिटर्न मिलता है और आपके बॉन्ड के मेच्योरिटी डेट पूर्ण होने के बाद महंगाई में आई बढ़ोतरी के अनुसार आपको नया मूलधन प्रदान किया जाता है।

अल्पकालीन सरकारी बॉन्ड (What is Short Term Government Bonds in Hindi)

सरकार के इस प्रकार के बॉन्ड को टी-बिल या ट्रेजरी बिल भी कहा जाता है। जिसे सरकार 91 दिनों से लेकर 364 दिनों के लिए जारी करता है।

भारत सरकार का 7.75% बचत बॉन्ड (What is Government of India 7.75% Savings Bond in Hindi)

भारत सरकार ने इस बॉन्ड को 2018 में जारी किया था। जिसके नाम से ही पता चलता है कि इसमें निवेश करने वाले निवेशकों को 7.75% ब्याज मिलता है।

सरकारी बांड्स के लाभ (What is Benefits of Government Bonds in Hindi)

  • सरकारी बांड्स में बैंकों में एफडी कराने के मुकाबले ज्यादा ब्याज दर मिलता है और इसमें भारत सरकार द्वारा गारंटी मिलने की वजह से इसे सुरक्षित भी माना जाता है।
  • जो निवेशक शेयर बाज़ार के होने वाले उतार-चढ़ाव के जोखिम से बचना चाहते हैं उनके लिए सरकारी बांड्स में निवेश करना एक अच्छा विकल्प है।
  • सरकारी बांड्स में आरबीआई के निर्देशानुसार हर 6 महीने बाद बॉन्ड निवेशकों को अपने निवेश किए गए पैसे पर मिलने वाला ब्याज दे दिया जाता है।

सरकारी बांड्स के नुकसान (What is Disadvantages of Government Bonds in Hindi)

  • रियल स्टेट या कॉर्पोरेट बांड्स के मुकाबले सरकारी बांड्स में मिलने वाला ब्याज दर काफी कम होता है।
  • सरकारी बांड्स की मेच्योरिटी डेट 5 साल से लेकर 40 तक होती है। जिसके कारण महंगाई दर बढ़ने से उस पर मिलने वाला ब्याज दर काफी कम लगता है।
  • इसके अलावा इसमें इक्विटी फंड के मुकाबले मिलने वाला ब्याज दर काफी कम होता है। जिसके कारण हम आने वाले समय में महंगाई को कम्पीट नहीं कर पाते।

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अंतिम शब्द

तो दोस्तों हमने इस आर्टिकल (What Is Government Bonds In Hindi – सरकारी बांड्स क्या है) के माध्यम से आपको बताया कि सरकारी बांड्स क्या होता है और यह कितने प्रकार के होते हैं। इनके लाभ और फायदे क्या है। हम उम्मीद करते हैं कि आपको यह आर्टिकल (What Is Government Bonds In Hindi – सरकारी बांड्स क्या है) पसंद आया होगा।

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