Miracles of Your Mind book Summary in Hindi

Miracles of Your Mind book Summary in Hindi

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आपका मन कैसे काम करता है

इंसान का मन तो एक होता है, लेकिन इसके दो अलग- अलग पहलू या काम होते हैं। दोनों में से प्रत्येक मन स्वतंत्र रूप से काम करने में सक्षम होता है और मिलकर काम करने में भी। एक मन को हम चेतन मन कहते हैं, क्योंकि यह बाहरी चीज़ों से सरोकार रखता है । दूसरे को हम अवचेतन मन कहते हैं। अवचेतन मन सहज अनुगामी होता है और चेतन मन के सुझावों से नियंत्रित होता है।

अवचेतन मन अंतर्ज्ञान से समझता है।

अवचेतन मन ख़ुद को तब प्रकट करती है, जब चेतन मन सोया हो। अवचेतन मन आँखों का इस्तेमाल किए बिना देखता है। इसमें अतींद्रिय दृष्टि और अतींद्रिय श्रवण क्षमता होती है। अवचेतन मन शरीर को छोड़ सकता है, दूर देशों की यात्रा कर सकता है और अक्सर बहुत सटीक तथा सच्चे क़िस्म की जानकारी लेकर लौट सकता है। अवचेतन मन के ज़रिये आप दूसरों के सूक्ष्म विचार पढ़ सकते हैं। यही नहीं, आप बंद लिफ़ाफ़ों और बंद तिजोरियों के विवरणों को भी जान सकते हैं।

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अवचेतन मन हमेशा सुझाव से प्रेरित होता है

इसे सुझाव से नियंत्रित किया जाता है। हमें यह पहचानना चाहिए कि अवचेतन मन सारे सुझावों को स्वीकार करता है; यह आपके साथ कोई तर्क नहीं करता है, लेकिन आपकी इच्छाएँ पूरी करता है। आपके साथ जो कुछ हुआ है, वह सब उन विचारों की वजह से हुआ है, जिनकी छाप आपने अपने विश्वास द्वारा अवचेतन मन पर छोड़ी है। अवचेतन मन आपके विश्वासों और दृढ़ निश्चयों को बिना कुछ बोले स्वीकार करता है। (Miracles of Your Mind book Summary in Hindi)

अवचेतन मन मिट्टी की तरह होता है।

आप इसमें जो भी बीज डालेंगे, यह उसे स्वीकार कर लेगा, चाहे बीज अच्छा हो या बुरा। याद रखें : आप जिस भी चीज़ को सच मानते हैं और जिसमें विश्वास करते हैं, उसे आपका अवचेतन मन स्वीकार कर लेगा और किसी परिस्थिति, अनुभव या घटना के रूप में आपके जीवन में ले आएगा। विचार भावना के ज़रिये अवचेतन मन तक पहुँचाए जाते हैं।

एक उदाहरण का इस्तेमाल करके देखते हैं। चेतन मन किसी जहाज़ के ब्रिज पर खड़े कप्तान जैसा होता है। वह जहाज़ की दिशा तय करता है और इंजन रूम में काम कर रहे कर्मचारियों को आदेश देता है, जिसमें सभी उपकरण आदि हैं। इंजन रूम के लोग नहीं जानते कि वे कहाँ जा रहे हैं : वे तो बस आदेश का पालन करते हैं। वे चट्टानों se भिड़ जाएँगे, यदि ब्रिज पर खड़ा कप्तान ग़लत आदेश जारी कर दे, जो कम्पास, सेक्सटेंट या अन्य उपकरणों के अवलोकन पर आधारित होते हैं। इंजन रूम के कर्मचारी उसका आदेश इसलिए मानते हैं, क्योंकि कप्तान वही है। वे कप्तान से पलटकर सवाल नहीं करते हैं; वे तो बस चुपचाप उसके आदेशों का पालन करते हैं। कप्तान जहाज़ का मालिक होता है; उसके आदेशों का पालन होता है; इसी तरह, आपका चेतन मन आपके जहाज़ का कप्तान है, मालिक है। आपका शरीर और आपके जीवन की सारी परिस्थितियाँ जहाज़ का प्रतीक हैं। आपका अवचेतन मन आपके दिए आदेशों को ग्रहण करता है, जो आपके विश्वासों और सच माने गए सुझावों पर आधारित होते हैं। (Miracles of Your Mind book Summary in Hindi)

एक और सरल उदाहरण यह है : जब आप बार- बार लोगों से कहते हैं, ‘‘ मुझे मशरूम पसंद नहीं हैं,’’ तो मशरूम खाते ही आपको अपच हो जाता है, क्योंकि आपका अवचेतन मन कहता है, ‘‘ बॉस को मशरूम पसंद नहीं हैं ।’’ यह उदाहरण शायद आपको मज़ेदार लग रहा होगा, लेकिन यह चेतन और अवचेतन मन के आपसी संबंध का एक उदाहरण है।

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यह उदाहरण भी देखें। कोई माँ किसी बीमार बच्चे की देखभाल करती है और उसे नींद आ जाती है, लेकिन सोने से पहले वह अवचेतन मन को सुझाव देती है कि अगर बच्चे का बुखार बढ़े या उसे दवा की ज़रूरत पड़े या जब वह रोए, तो वह जाग जाए। माँ के सोते समय बादल गरजें, तो गरजते रहें, लेकिन वह तूफ़ान की आवाज़ों से नहीं जागती है। लेकिन बच्चे के रोते ही वह तुरंत जाग जाती है। यह अवचेतन मन का एक सरल कार्य है।

आप अपने अवचेतन मन पर छाप छोड़ सकते हैं और अवचेतन मन उस छाप को संसार में प्रकट कर देता है।

जिस भी विचार में भावना भर दी जाती है या जिस भी विचार को सच के रूप में महसूस किया जाता है, उसे आपका अवचेतन मन स्वीकार कर लेता है । मिसाल के तौर पर, यदि आप उपचार चाहते हैं, तो शांत हो जाएँ, तनावरहित हो जाएँ, आराम से साँस लें, अपने ध्यान को गतिहीन कर लें, अपने अवचेतन मन में उपचार की शक्ति के बारे में सोचें और दृढ़तापूर्वक कहें कि आपके शरीर के अंग का इसी समय उपचार हो रहा है। ऐसा करते वक़्त आपके हृदय में कोई द्वेष या कटुता नहीं रहनी चाहिए; आपको हर एक को क्षमा कर देना चाहिए। आप इस उपचार प्रक्रिया को दिन में तीन- चार बार दोहरा सकते हैं। याद रखें, आपके अवचेतन मन ने शरीर को बनाया था, इसलिए यह उसका उपचार भी कर सकता है। होता यह है कि लोग अपने शरीर के किसी अंग या हिस्से का उपचार दृढ़ कथनों से करते हैं, लेकिन फिर मिनट बाद कहते हैं, ‘‘ ओह, मेरी हालत तो ज़्यादा ख़राब होती जा रही है; मैं कभी ठीक नहीं हो पाऊँगा। मैं लाइलाज हूँ ।’’ यह मानसिक नज़रिया या नकारात्मक कथन पिछले, सकारात्मक दृढ़ कथन को ख़ारिज कर देते हैं।

शोध से पता चलता है कि अवचेतन शक्तियों का दोहन करने की योग्यता से ही सारे महान वैज्ञानिक और शोधकर्ता सफल हुए। आपके भीतर एक ज़बर्दस्त डायनैमो है और आप इसका इस्तेमाल कर सकते हैं। आप तनाव और कुंठा से भी पूरी तरह मुक्त हो सकते हैं। आप अपने भीतर की प्रचुर ऊर्जा का पता लगा सकते हैं, जिससे आपको अपने शरीर के सभी हिस्सों को ऊर्जावान और जीवंत बनाने की सामर्थ्य मिलेगी। मिसाल के तौर पर, लेखक ऐल्बर्ट हबार्ड ने घोषित किया था कि उनके सबसे महत्त्वपूर्ण विचार उनके मन में तभी आए, जब वे तनावरहित थे, बगीचे में काम कर रहे थे या टहल रहे थे। इसका कारण यह था कि जब अवचेतन मन तनावरहित होता है, तो व्यक्तिपरक बुद्धिमत्ता सतह पर आ जाती है। जब चेतन मन पूरी तरह तनावरहित होता है, तो अक्सर प्रेरणा के प्रवाह ऊपर की तरफ़ आते हैं। (Miracles of Your Mind book Summary in Hindi)

अब आप जान चुके हैं कि अवचेतन मन कैसे काम करता है। आप जान गए हैं कि आप इस पर जिसकी भी छाप छोड़ते हैं, उसी का अनुभव आपके संसार में किया जाएगा। अभी अपने अवचेतन मन पर उन गुणों और विशेषताओं की छाप छोड़ना शुरू करें, जिनकी आप किसी व्यक्ति में प्रशंसा करते हैं।

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अवचेतन मन और मार्गदर्शन

आप जब किसी समस्या से परेशान होते हैं, तो क्या करते हैं? कई लोग समस्या के बारे में चिंता करते और खीजते हैं; इससे हालात ज़्यादा बिगड़ जाते हैं, क्योंकि हम अवचेतन मन पर जो छाप छोड़ते हैं, यह हमेशा उसी को कई गुना करता है। कई लोग अवचेतन मन की तुलना किसी बैंक से करते हैं; आप लगातार इस शाश्वत बैंक में जमा कर रहे हैं। सुनिश्चित करें कि आप शांति, सद्भाव, आस्था और सामंजस्य के बीज जमा करें। ये हज़ार गुना बढ़ेंगे। फिर आप समृद्धि और अच्छे सौभाग्य की फ़सल काटेंगे। आप दिन और अपने परिवेश की समस्याओं पर ख़ुद को कैसी प्रतिक्रिया करते पाते हैं? यदि आप क्रोध, कटुता, आलोचना और द्वेष से प्रतिक्रिया करते हैं, तो आप अपने मन के बैंक में इन्हें जमा कर रहे हैं। जब आपको शक्ति, आस्था और आत्मविश्वास की ज़रूरत पड़ेगी, तो आप उन्हें बाहर नहीं निकाल सकते, क्योंकि आपने अपने बैंक में इन गुणों को जमा किया ही नहीं था।

Miracles of Your Mind book Summary in Hindi

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मिसाल के तौर पर, आपको पड़ोस में किसी शिशु के रोने की आवाज़ सुनाई दे सकती है या आप घर में किसी के चलने की आहट सुन सकते हैं। आप नींद जैसी स्थिति में हैं, जो जाग्रत और निद्रालु अवस्था के बीच की है। (नैन्सी स्कूल अॉफ़ थेराप्यूटिक्स इस अवस्था को दिवास्वप्न कहता है।) इस उनींदी, ध्यान अवस्था में आप अवचेतन मन को प्रेरित करते हैं कि यह आपकी समस्या या आग्रह को स्वीकार कर ले। आप कोई विरोधी अनुमान नहीं लगाते हैं; आप किसी इच्छाशक्ति का इस्तेमाल नहीं करते हैं। आप तो बस अंत, समाधान और स्वतंत्रता की अवस्था की कल्पना करते हैं। इसे पूरे भोलेपन और सादगी के साथ करें। सरल, बच्चों जैसी, चमत्कार करने वाली आस्था रखें। समस्या के बिना ख़ुद का चित्र देखें। इस प्रक्रिया से सारी लेटलतीफ़ी हटा दें।

तो दोस्तों इस आर्टिकल में (Miracles of Your Mind book Summary in Hindi) बस इतना ही आपको ये आर्टिकल Miracles of Your Mind, conscious vs subconscious mind) कैसी लगी हमें कमेन्ट कर के जरूर बताये। अगर आप इस बुक का कम्पलीट वीडियो समरी देखना चाहते है तो ऊपर दिए लिंक से देख सकते है।

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S.K. Choudhary

नमस्कार दोस्तों, हमारे इस ब्लॉग में आपका स्वागत है, मेरा नाम है S.K. Choudhary (ऐस. के. चौधरी) और मैं एक ब्लॉगर और यूटूबर हूँ। में एक प्राइवेट कंपनी में जॉब करता हूँ और मेरा highest एजुकेशन MBA Finance है। मुझे पढ़ने और पढ़ाने का शोख है इसलिए में पार्ट टाइम मैं ब्लॉग लिखता हूँ और यूट्यूब के लिए बुक समरी और मोटिवेशनल वीडियो बनता हूँ।

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